Smartwatch Health feature: Health Technology तेजी से बदल रही है। अब हेल्थ मॉनिटरिंग एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। टेक कंपनी HUAWEI ने ऐसी Smartwatch तकनीक पेश की है, जो बिना उंगली चुभाए यह आकलन कर सकती है कि आपको डायबिटीज होने का खतरा कितना है। माना जा रहा है यह फीचर आने वाले समय में प्रिवेंटिव हेल्थकेयर की दिशा बदल सकता है। तो आइए जानते हैं इसके खासियत के बारे में।
Smartwatch अब डायबिटीज के खतरे का संकेत दे सकती है। जानिए कैसे काम करती है यह नई हेल्थ टेक्नोलॉजी। यूजर्स के लिए कितना है महत्वपूर्ण।
शुगर लेवल नहीं, खतरे का अनुमान भी
इस तकनीक की खास बात यह है कि यह मौजूदा ग्लूकोज टेस्ट की तरह ब्लड शुगर की सटीक रीडिंग नहीं देती। इसके बजाय घड़ी कई दिनों तक शरीर से जुड़े अलग-अलग संकेतों को रिकॉर्ड करती है और उसी आधार पर खतरे का विश्लेषण करती है। इसे शुरुआती चेतावनी सिस्टम मान सकते हैं है, न कि लैब टेस्ट का विकल्प।
READ MORE- भारत की टेक इंडस्ट्री पर AI का असर, NITI Aayog ने दी चेतावनी
मॉनिटरिंग क्यों है बड़ी चुनौती
Smartwatch कंपनियां लंबे समय से बिना सुई चुभाए ब्लड शुगर मापने की तकनीक पर काम कर रही हैं। Apple और Samsung जैसी कंपनियां भी इस दिशा में शोध कर रही हैं। लेकिन फिलहाल सटीक ग्लूकोज मापना तकनीकी रूप से कठिन माना जाता है। इसलिए खतरे का आकलन को व्यावहारिक कदम समझा जा रहा है।
READ MORE- बिना महंगे PC के खेलें हाई-ग्राफिक्स गेम, Fire TV पर NVIDIA की एंट्री
पुराने फीचर्स पर आधारित नई प्रगति
Wearable डिवाइसों में हेल्थ ट्रैकिंग धीरे-धीरे अधिक उन्नत होती जा रही है। पहले जहां हार्ट रेट और स्लीप ट्रैकिंग प्रमुख फीचर थे। वहीं अब ब्लड प्रेशर, स्ट्रेस लेवल और मेटाबोलिक स्वास्थ्य से जुड़े संकेत भी ट्रैक किए जा रहे हैं। नया Diabetes Risk फीचर इसी क्रम का अगला चरण माना जा रहा है।
लोगों के लिए क्यों अहम हो सकता है
अक्सर डायबिटीज बीमारी शुरुआती दौर में बिना स्पष्ट लक्षण के बढ़ती है। यदि किसी व्यक्ति को पहले ही खतरे का संकेत मिल जाए, तो वह समय रहते जांच और जीवनशैली में बदलाव कर सकता है। इस तरह की तकनीक भविष्य में Preventive Healthcare को और मजबूत बना सकती है।
हेल्थ टेक का बदलता भविष्य
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में स्मार्टवॉच और अन्य वियरेबल डिवाइस व्यक्तिगत स्वास्थ्य निगरानी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं। जैसे-जैसे सेंसर और डेटा विश्लेषण तकनीक बेहतर होगी, वैसे-वैसे ऐसी सुविधाएं और सटीक तथा उपयोगी बनती जाएंगी।
