मरे हुए व्यक्ति का चेहरा फोन अनलॉक कर सकता है?

मरे हुए व्यक्ति का चेहरा फोन अनलॉक कर सकता है?

4 mins read
1.2K views
May 11, 2025

आजकल स्मार्टफोन में फेस अनलॉक एक आम सेफ्टी फीचर बन गया है, लेकिन सवाल है कि क्या फोन को किसी मृत व्यक्ति के चेहरे के सामने ले जाकर फेस अनलॉक किया जा सकता है?

Smartphone FaceUnlock Feature: स्मार्टफोन में फेस अनलॉक एक आम सेफ्टी फीचर बन चुका है, लेकिन एक सवाल जो कई बार लोगों के मन में आता है क्या मरे हुए व्यक्ति के सामने उसका फोन ले जाकर उसका फोन फेस अनलॉक किया जा सकता है? यह सवाल केवल जानकारी के लिहाज से, बल्कि डिजिटल सुरक्षा और प्राइवेसी के नजरिए से भी काफी इम्पोर्टेंट हैं।

क्या मृत व्यक्ति का चेहरा फोन अनलॉक कर सकता है?

स्मार्टफोन निर्माता कंपनियां, जैसे कि Apple और Samsung अपने फेस अनलॉक फीचर्स में ‘लाइवनेस डिटेक्शन’ टेक्नोलॉजी का यूज करती हैं। इस टेक्नोलॉजी का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि फोन केवल जीवित व्यक्ति के चेहरे से ही अनलॉक हो। इसमें चेहरे की गहराई, त्वचा की बनावट, आंखों की गतिविधि और दूसरे सूक्ष्म संकेतों का एनालाइज किया जाता है। इसलिए, सामान्य परिस्थितियों में मृत व्यक्ति का चेहरा फोन अनलॉक नहीं कर सकता।

लाइवनेस डिटेक्शन कैसे काम करता है?

लाइवनेस डिटेक्शन टेक्नोलॉजी यह पहचानने में मदद करती है कि पेश किया गया चेहरा जीवित व्यक्ति का है या किसी नकली का। यह तकनीक दो प्रकार की होती है। एक्टिव लाइवनेस डिटेक्शन और निष्क्रिय लाइवनेस डिटेक्शन। इन टेक्नोलॉजी का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि केवल वास्तविक, जीवित व्यक्ति ही फोन को अनलॉक कर सके।

पुराने या सस्ते स्मार्टफोन में क्या होता है?

कुछ पुराने या बजट स्मार्टफोन में केवल 2D फेस स्कैनिंग होती है और उनमें लाइवनेस डिटेक्शन नहीं होता। ऐसे में, फोटो या मृत व्यक्ति का चेहरा कुछ हद तक फोन अनलॉक कर सकता है। हालांकि, ऐसे डिवाइस आजकल बहुत कम हैं और सुरक्षा के लिहाज से कमजोर माने जाते हैं।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

India vs Pakistan War: क्या जंग के दौरान बंद हो जाएगा इंटरनेट?
Previous Story

India vs Pakistan War: क्या जंग के दौरान बंद हो जाएगा इंटरनेट?

Instagram feature
Next Story

Apple की क्रिप्टोकरेंसी iToken में इन्वेस्ट करने से पहले जानें सच्चाई

Latest from Gadgets

Don't Miss