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Ethereum Foundation में हलचल, Vitalik Buterin ने तोड़ी चुप्पी

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May 25, 2026

Ethereum Foundation: क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में एक बार फिर Ethereum को लेकर चर्चा तेज हो गई है। Ethereum के सह-संस्थापक Vitalik Buterin ने हाल ही में Ethereum Foundation की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि Foundation को तेजी से विस्तार करने के बजाय डिसेंट्रलाइजेशन (विकेंद्रीकरण), प्राइवेसी, सेंसरशिप से सुरक्षा और लंबे समय तक टिकाऊ सिस्टम पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

Buterin का यह बयान ऐसे समय आया है, जब Ethereum Foundation के कई बड़े अधिकारी और डेवलपर्स संगठन छोड़ चुके हैं। इससे Ethereum की लीडरशिप, ट्रेजरी रणनीति और काम करने की गति को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं।

Ethereum Foundation में बड़े बदलाव के बीच Vitalik Buterin ने नई दिशा पर बात की है। पढ़ें Ethereum की लीडरशिप, AI प्लान और Foundation की भूमिका से जुड़ी पूरी जानकारी।

Ethereum की दिशा को लेकर क्या बोले Buterin?

Buterin ने X पर आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि Ethereum Foundation का बोर्ड लगातार बढ़ रहा है, लेकिन संगठन में उनकी व्यक्तिगत शक्ति धीरे-धीरे कम हो रही है और वह खुद भी यही चाहते हैं। उन्होंने साफ कहा कि Ethereum को सिर्फ तेज ट्रांजैक्शन और स्केलेबिलिटी पर ध्यान देने वाला नेटवर्क नहीं बनना चाहिए। उनके मुताबिक, अगर Ethereum केवल स्पीड बढ़ाने की दौड़ में शामिल होता है और बाकी Blockchain से थोड़ा ही ज्यादा डिसेंट्रलाइज्ड रहता है, तो यह भविष्य में कमजोर साबित हो सकता है।

‘CROPS’ मॉडल पर जोर

Buterin ने Ethereum के भविष्य के लिए ‘CROPS’ मॉडल को अहम बताया। इसमें Censorship Resistance, Capture Resistance, Open Source, Privacy और Security जैसी चीजों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। उनका कहना है कि Ethereum को एक ऐसी तकनीक बनना चाहिए, जो लोगों को तकनीकी आजादी दे और किसी दबाव या नियंत्रण से मुक्त रहे। उन्होंने इसे ‘Sanctuary Technology’ यानी सुरक्षित और स्वतंत्र तकनीक बताया, न कि सिर्फ मार्केटिंग के दम पर आगे बढ़ने वाला डिजिटल एसेट।

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Foundation की भूमिका सीमित रखने की बात

Buterin ने यह भी कहा कि Ethereum Foundation को Ethereum नेटवर्क का स्थायी कंट्रोल सेंटर नहीं बनना चाहिए। उनके मुताबिक Foundation सिर्फ नेटवर्क का एक हिस्सा है, कोई केंद्रीय ताकत नहीं। उन्होंने बताया कि Ethereum Foundation के पास कुल ETH सप्लाई का सिर्फ 0.16 प्रतिशत हिस्सा है, जो कई प्रतिस्पर्धी ब्लॉकचेन संगठनों से काफी कम है। यहां तक कि कुछ व्यक्तिगत ETH होल्डर्स के पास इससे ज्यादा हिस्सेदारी मौजूद है इसलिए Ethereum को किसी एक संस्थान के नियंत्रण पर निर्भर नहीं होना चाहिए।

AI की मदद से सिस्टम को और सुरक्षित बनाने की तैयारी

नई रणनीति के तहत Buterin ने कहा कि Foundation अब AI की मदद से Ethereum के कोर प्रोटोकॉल को बग-फ्री बनाने पर काम करना चाहती है। उनका लक्ष्य है कि आने वाले महीनों में सिस्टम को तकनीकी रूप से और ज्यादा सुरक्षित बनाया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि Ethereum Foundation की अध्यक्ष Aya Miyaguchi इस बदलाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही हैं और आने वाले महीनों में संगठन की नई दिशा स्पष्ट हो सकती है।

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बड़े अधिकारियों के जाने से बढ़ी चिंता

Ethereum Foundation में हाल के महीनों में कई बड़े नामों ने पद छोड़ा है। 2026 में अब तक कम से कम आठ वरिष्ठ सदस्य संगठन छोड़ चुके हैं या छोड़ने की घोषणा कर चुके हैं। इनमें Josh Stark, Barnabé Monnot, Tim Beiko, Trent Van Epps, Julian Ma और Carl Beek जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। लगातार हो रहे इन बदलावों के कारण Ethereum की गवर्नेंस और फैसले लेने की प्रक्रिया को लेकर बहस तेज हो गई है।

हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादा सख्त सिद्धांत Ethereum की प्रतिस्पर्धा क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन Buterin इससे सहमत नहीं हैं।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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