US Fed Liquidity Injection: अमेरिका के केंद्रीय बैंक Federal Reserve ने 17 फरवरी को बैंकिंग सिस्टम में 18.5 अरब डॉलर की नकदी डाली। यह राशि ओवरनाइट रेपो ऑपरेशन के जरिए दी गई है, जिसमें ट्रेजरी सिक्योरिटीज के बदले अल्पकालिक फंडिंग उपलब्ध कराई जाती है। कोविड काल के बाद यह चौथा सबसे बड़ा रेपो ऑपरेशन माना जा रहा है। यह कदम बताता है कि शॉर्ट टर्म फंडिंग मार्केट में दबाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, भले ही अर्थव्यवस्था स्थिर दिख रही हो।
Fed के बड़े रेपो ऑपरेशन ने शॉर्ट-टर्म फंडिंग दबाव कम करने का संकेत दिया है। बाजार में बढ़ी नकदी से जोखिम वाले एसेट्स, खासकर बिटकॉइन, में नई तेजी की उम्मीद जताई जा रही है।
अतिरिक्त नकदी से बाजार को राहत
जब बाजार में नकदी बढ़ती है, तो उधारी आसान हो जाती है और निवेशकों का भरोसा बढ़ता है इसलिए इस कदम को वित्तीय प्रणाली में स्थिरता बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
BREAKING: The Federal Reserve just injected $18.5 BILLION into the U.S. banking system through overnight repos.
This is the 4th largest liquidity injection since Covid. pic.twitter.com/KjvftX4B8k
— Bull Theory (@BullTheoryio) February 19, 2026
क्रिप्टो निवेशकों की नजर क्यों?
अतिरिक्त तरलता का असर अक्सर जोखिम वाले एसेट्स पर पड़ता है। Bitcoin फिलहाल लगभग 66,700 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है। इतिहास बताता है कि जब FED फंडिंग दबाव कम करता है, तो क्रिप्टो और शेयर बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है।
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पहले भी दिख चुका है असर
2025 के अंत में बड़े रेपो इंजेक्शन के दौरान बिटकॉइन कई बार 89,000 डॉलर तक पहुंच गया था। वहीं, 2020 में तरलता बढ़ने से क्रिप्टो बाजार में बड़ी तेजी आई थी।
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FED का संकेत क्या है
यह कदम किसी बड़े नीति बदलाव का संकेत नहीं है, लेकिन इससे साफ है कि FED बैंकिंग सिस्टम में नकदी की कमी नहीं होने देना चाहता। फिलहाल, इस कदम से अस्थिर बाजार में थोड़ी शांति आई है।
