Monad का बड़ा प्लान, बिना Wallet बदले Keys और Security

Monad का बड़ा प्लान, बिना Wallet बदले Keys और Security

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August 25, 2026

Monad Key Rotation: Monad ने 24 अगस्त को एक नया प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें Wallet का Blockchain Address स्थायी रहेगा, जबकि उसे नियंत्रित करने वाली Cryptographic Keys को बदला, जोड़ा या हटाया जा सकेगा। इस प्रस्ताव का नाम ‘Flexible and Upgradeable Account Authentication’ है। इसे Kushal Babel और Jan Camenisch ने Monad Improvement Proposal यानी MIP के तौर पर पेश किया है। अगर यह लागू होता है, तो यूजर्स बिना Assets ट्रांसफर किए Passkeys, Multisig और Quantum-Resistant Keys अपना सकेंगे।

Monad का नया Authentication System Wallet को ज्यादा सुरक्षित बनाने की तैयारी, यूजर्स बिना Assets ट्रांसफर किए Key Upgrade और Recovery कर सकेंगे।

Monad Wallet में क्या बदलने वाला है?

अभी Blockchain Wallet में Address और उसकी Private Key का रिश्ता काफी सीधा होता है। Key खो गई तो Account तक पहुंच मुश्किल हो सकती है। वहीं, Key चोरी हो जाए तो उससे जुड़े Assets खतरे में पड़ सकते हैं। Monad का प्रस्ताव Address और Authentication Keys को अलग करने की बात करता है। यानी Wallet का पता अपनी जगह रहेगा, लेकिन उसके अंदर Authentication Configuration बदली जा सकेगी।

इस Configuration में कई Authenticators और उनके इस्तेमाल के नियम शामिल हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, कोई यूजर सामान्य Crypto Key या Passkey में से किसी एक से Transaction मंजूर कर सकता है। Key खोने पर Recovery के लिए अलग नियम भी बनाया जा सकेगा।

बिना Assets हटाए बढ़ेगी Wallet Security

नए सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यूजर Security को समय के साथ Upgrade कर सकेगा। प्रस्ताव में ECDSA secp256k1, ECDSA P-256, WebAuthn आधारित P-256 Passkeys, Ed25519 और ML-DSA जैसे Authentication Methods का समर्थन दिया गया है। यूजर Multisig यानी कई लोगों की मंजूरी वाला सिस्टम भी अपना सकता है। उदाहरण के लिए, 3 में से 2 अधिकृत Signers की मंजूरी के बाद ही कोई खास कार्रवाई पूरी हो।

सबसे अहम बात Quantum Security है। भविष्य में Quantum Computers मौजूदा Cryptography के लिए चुनौती बन सकते हैं। ऐसे में यूजर Quantum-Resistant Authenticator जोड़ सकेगा, Security Rules बदल सकेगा और पुरानी Key हटाते हुए भी वही Wallet Address रख सकेगा।

Key खोने पर Recovery भी आसान होगी

Monad के प्रस्ताव में Account Recovery को भी शामिल किया गया है। यूजर पहले से Trusted Guardians तय कर सकता है। उदाहरण के लिए, सामान्य Transactions के लिए Main Key या Passkey काम करे, लेकिन Key बदलने के लिए 2 Guardians की मंजूरी जरूरी हो। अगर Main Key खो जाती है, तो Guardians नई Key को मंजूरी दे सकते हैं। इसके लिए Assets को किसी दूसरे Wallet Address पर भेजने की जरूरत नहीं होगी।

इस प्रक्रिया के लिए Monad ने AuthConfigManager precompile इस्तेमाल करने का प्रस्ताव दिया है। नई Authentication Method जोड़ते समय यूजर को यह साबित करना होगा कि वह संबंधित Credential को नियंत्रित करता है।

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पुराने Monad Accounts पर क्या होगा?

नए सिस्टम के आने के बाद पुराने Accounts को तुरंत बदलना जरूरी नहीं होगा। Legacy Accounts पहले की तरह secp256k1 मॉडल पर काम करते रहेंगे। उनके मौजूदा Addresses और Transaction Types भी जारी रहेंगे। मौजूदा Account बाद में एक Transaction के जरिए नए Authentication System में Upgrade हो सकेगा। नए Accounts के लिए शुरुआती Authentication Configuration से Address तय होगा। इसके बाद Configuration बदलने पर Address नहीं बदलेगा।

Monad नेटवर्क का इस्तेमाल भी बढ़ रहा है। प्रस्ताव जारी होने के समय DeFiLlama के आंकड़ों के मुताबिक नेटवर्क पर करीब 940.7 मिलियन डॉलर TVL और लगभग 732 मिलियन डॉलर Stablecoins थे। पिछले 24 घंटे में नेटवर्क के Decentralized Exchanges पर करीब 389 मिलियन डॉलर का Trading Volume दर्ज हुआ।

अभी यह प्रस्ताव Draft Stage में है। Final Implementation और Timeline तय नहीं हुई है। Monad अब Community Feedback लेगा। इसके बाद Detailed Implementation Specification की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद है।

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Disclaimer: यह जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट और Monad के प्रस्ताव पर आधारित है। प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में है, इसलिए इसमें आगे बदलाव हो सकते हैं। निवेश या वित्तीय फैसला लेने से पहले खुद पूरी जानकारी जांच लें।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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