GENIUS Act Update: अमेरिका में स्टेबलकॉइन से जुड़े नए नियमों को लेकर अब बहस तेज हो गई है। कई बड़े बैंकिंग संगठनों ने सरकार और रेगुलेटर्स से कहा है कि इन नियमों पर पब्लिक कमेंट की आखिरी तारीख को आगे बढ़ाया जाए। उनका कहना है कि नियम काफी जटिल हैं और अभी कुछ जरूरी गाइडलाइंस पूरी तरह तैयार नहीं हुई हैं इसलिए मौजूदा समय में सही राय देना मुश्किल है।
अमेरिका में स्टेबलकॉइन नियमों को लेकर बहस तेज हो गई है। बैंकिंग समूहों ने जटिल नियमों के कारण कमेंट डेडलाइन बढ़ाने की मांग की है।
किन संस्थाओं ने उठाई आवाज?
यह मांग American Bankers Association, Bank Policy Institute, Consumer Bankers Association और Independent Community Bankers of America जैसे बड़े बैंकिंग संगठनों ने मिलकर की है। इन सभी ने U.S. Department of the Treasury, Federal Deposit Insurance Corporation, Financial Crimes Enforcement Network और Office of Foreign Assets Control को एक संयुक्त पत्र भेजा है।
क्या है मुख्य मांग?
बैंकिंग समूह चाहते हैं कि स्टेबलकॉइन नियमों पर कमेंट की तारीख तब तक बढ़ाई जाए जब तक Office of the Comptroller of the Currency अपने अंतिम नियम जारी नहीं कर देता। उन्होंने सुझाव दिया है कि OCC के फाइनल नियम आने के बाद कम से कम 60 दिन का समय दिया जाए, ताकि सभी लोग ठीक से इन नियमों को समझकर अपनी राय दे सकें।
GENIUS Act क्या है?
यह पूरा मामला GENIUS Act से जुड़ा है, जिसे 2025 में कानून बनाया गया था। इसका मकसद अमेरिका में स्टेबलकॉइन के लिए एक साफ और मजबूत नियम प्रणाली बनाना है। इसमें स्टेबलकॉइन जारी करने, निगरानी और नियमों के पालन से जुड़े कई प्रावधान शामिल हैं।
अलग-अलग प्रस्ताव और उनकी डेडलाइन
- ट्रेजरी का प्रस्ताव:– कमेंट की आखिरी तारीख 2 जून
- FDIC का प्रस्ताव:– डेडलाइन 9 जून
- FinCEN और OFAC का संयुक्त प्रस्ताव:– डेडलाइन 9 जून
इन सभी का उद्देश्य स्टेबलकॉइन के लिए एक पूरा सिस्टम तैयार करना है।
READ MORE: CEX.IO और OpenPayd की साझेदारी, पेमेंट सिस्टम होगा तेज
OCC नियम पर निर्भरता
सबसे बड़ी समस्या यह है कि ये सभी नियम Office of the Comptroller of the Currency के प्रस्तावित नियम पर आधारित हैं, जो अभी फाइनल नहीं हुआ है। बैंकिंग समूहों का कहना है कि जब तक OCC का अंतिम फ्रेमवर्क सामने नहीं आएगा, तब तक बाकी नियमों को ठीक से समझना मुश्किल है।
READ MORE: शेयर बाजार दबाव में, क्रिप्टो में तूफानी तेजी
जटिल नियम और एक साथ समीक्षा की जरूरत
बैंकिंग संगठनों का कहना है कि GENIUS Act के तहत कई एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं और आगे और भी नियम आ सकते हैं। ऐसे में अगर अलग-अलग समय पर प्रतिक्रिया देनी पड़ी, तो प्रक्रिया बिखर सकती है और सही सुझाव नहीं मिल पाएंगे।
स्टेबलकॉइन और यील्ड पर विवाद
इस नियम का एक बड़ा मुद्दा यह भी है कि क्या स्टेबलकॉइन कंपनियां यूजर्स को यील्ड दे सकती हैं या नहीं। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और Coinbase जैसे प्लेटफॉर्म इस पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि पारंपरिक बैंक इसका विरोध कर रहे हैं।
