‘क्रिप्टो’ के दम पर पाकिस्तान ने बनाई ट्रंप तक सीधी पहुंच!

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March 30, 2026

Pakistan-US Relations: पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्तों में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं, लेकिन इस समय जो बदलाव हो रहा है वह काफी अलग और चौंकाने वाला है। इस बार दोनों देशों के बीच नजदीकियां बढ़ाने में क्रिप्टोकरेंसी अहम भूमिका निभा रही है। इस पूरी कहानी के केंद्र में 35 साल के बिलाल बिन साकिब हैं। जनवरी में इस्लामाबाद में एक खास बैठक हुई, जिसमें पाकिस्तान के बड़े नेता शामिल हुए थे।

क्या क्रिप्टो बदल रहा है पाकिस्तान-अमेरिका का रिश्ता? जानें बिलाल बिन साकिब और नई डील्स के जरिए कैसे बन रही है नई कूटनीति।

इस दौरान जैकरी विटकॉफ संयुक्त राज्य अमेरिका से आए, जिनके साथ प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर भी थे। वे World Liberty Financial के CEO हैं, जो डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े हुए माने जाते हैं। यह बैठक दिखने में किसी बड़े समझौते जैसी थी, लेकिन असल में यह एक शुरुआती स्टेबलकॉइन डील थी। इसमें कोई बड़ा आर्थिक निवेश नहीं था फिर भी इसने दुनियाभर का ध्यान खींचा।

साधारण शुरुआत से खास पहचान तक

बिलाल बिन साकिब का यह सफर काफी प्रेरणादायक है। लाहौर में जन्मे साकिब ने पढ़ाई के दौरान तीन अलग-अलग काम किए। बाद में उन्होंने London School of Economics से पढ़ाई पूरी की। सरकार में आने से पहले उन्होंने Tayaba नाम की संस्था बनाई, जो ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को साफ पानी दिलाने का काम करती है। कोविड के समय उन्होंने One Million Meals का अभियान चलाया, जिससे UK में हेल्थ वर्कर्स को खाना पहुंचाया गया। उनके इस काम की तारीफ बोरिस जॉनसन ने भी की और उन्हें MBE सम्मान मिला। हालांकि, क्रिप्टो क्षेत्र में उनका अनुभव ज्यादा गहरा नहीं था। उनकी प्रोफाइल में The Coin Master नाम की एक छोटी कंपनी का जिक्र मिलता है।

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सरकार में तेजी से बढ़ती ताकत

2025 के बाद, साकिब को लगातार अधिक महत्वपूर्ण पद मिलते रहे। उन्हें वित्त मंत्री के क्रिप्टो सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया, जिसके बाद वे पाकिस्तान क्रिप्टो काउंसिल के CEO और प्रधानमंत्री के विशेष सहायक बने। बाद में, वे पाकिस्तान वर्चुअल एसेट्स रेगुलेटरी अथॉरिटी के चेयरमैन बन गए। उन्होंने आते ही तेजी से फैसले लेने शुरू किए। अप्रैल 2025 में उन्होंने चांगपेंग झाओ को पाकिस्तान क्रिप्टो काउंसिल का रणनीतिक सलाहकार बनाया। चांगपेंग झाओ हाल ही में अमेरिका में सजा काट चुके थे, लेकिन बाद में उन्हें माफी मिल गई।

तेजी से बढ़ते क्रिप्टो फैसले

कुछ ही समय बाद साकिब ने World Liberty Financial के अधिकारियों को पाकिस्तान बुलाया। यहां स्टेबलकॉइन को लेकर सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस पूरे इवेंट को पाकिस्तान सरकार ने काफी अहमियत दी। साथ ही, पाकिस्तान ने 2026 की शुरुआत में कई बड़े कदम उठाए। जैसे कि नया क्रिप्टो कानून लागू किया, PVARA बनाया, विदेशी एक्सचेंज को लाइसेंस के लिए आमंत्रित किया और 2000 मेगावाट बिजली क्रिप्टो माइनिंग के लिए रखने का प्लान बनाया। देश ने ‘नेशनल क्रिप्टो रिजर्व’ बनाने का प्रस्ताव भी रखा।

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कूटनीति में भी मिला फायदा

क्रिप्टो के जरिए बने इन रिश्तों का असर कूटनीति में भी दिखा। साकिब ने फ्लोरिडा के Mar-a-Lago क्लब में जैकरी विटकॉफ के साथ मुलाकात की। इसी दौरान पाकिस्तान ने न्यूयॉर्क के रूजवेल्ट होटल से जुड़ा एक बड़ा समझौता भी किया। अब पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच संभावित मध्यस्थ के रूप में भी देखा जा रहा है। यह उसकी अंतरराष्ट्रीय स्थिति को मजबूत करता है। इन कोशिशों का असर साफ दिख रहा है। अमेरिका ने पाकिस्तान पर टैरिफ घटाकर 19% कर दिया, जो कई एशियाई देशों से कम है। इसके अलावा, अमेरिका ने Balochistan Liberation Army को आतंकवादी संगठन घोषित किया, जो पाकिस्तान की लंबे समय से मांग थी। हालांकि, इस पूरी रणनीति में जोखिम भी हैं। पाकिस्तान अभी भी IMF का कर्जदार है और IMF आमतौर पर क्रिप्टो प्रयोगों को लेकर सतर्क रहता है। अल सल्वाडोर का उदाहरण सामने है, जहां Bitcoin अपनाने से IMF के साथ विवाद हुआ। दूसरी तरफ, ट्रप की नीतियां भी अनिश्चित मानी जाती हैं। वे कभी भी अपने फैसले बदल सकते हैं, जिससे रिश्तों पर असर पड़ सकता है।

आगे का रास्ता क्या होगा?

बिलाल खुद यह मानते हैं कि उनकी सफलता में सही समय और किस्मत ने अहम भूमिका निभाई है। उनका कहना है कि क्रिप्टो ने नए दरवाज़े खोले हैं और पाकिस्तान को एक नई पहचान बनाने का अवसर दिया है, लेकिन आगे का रास्ता आसान नहीं है। अमेरिका-ईरान तनाव, IMF का दबाव और बदलते ग्लोबल नियम इस रणनीति की असली परीक्षा लेंगे। फिलहाल, इतना जरूर कहा जा सकता है कि क्रिप्टो के जरिए पाकिस्तान ने वो रास्ते खोल दिए हैं, जो पारंपरिक कूटनीति से संभव नहीं हो पाए थे।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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