Two Point O Capital : भारत में क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने वाली कंपनी Two Point O Capital (TW.O) ने 10 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Transition Venture Capital ने किया। कंपनी में पहले से निवेश कर चुके Omnivore ने भी इसमें हिस्सा लिया। इसके अलावा एंजेल निवेशक चिरंजीव सिंह सलूजा और सुधीर एम रेड्डी ने भी निवेश किया है। कंपनी इस रकम का इस्तेमाल अपना कारोबार बढ़ाने और नए ऊर्जा समाधानों पर काम करने के लिए करेगी। इसमें बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) भी शामिल है।
साथ ही कंपनी सोलर एनर्जी, ऊर्जा बचाने वाली तकनीक और गंदे पानी के उपचार जैसे क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी मजबूत करेगी। TW.O इस निवेश के जरिए उन उद्योगों तक भी पहुंच बढ़ाना चाहती है, जहां बिजली और पानी की खपत ज्यादा होती है। इनमें डेटा सेंटर, ऑटोमोबाइल, फार्मा, मैन्युफैक्चरिंग और हेल्थकेयर सेक्टर शामिल हैं।
Two Point O Capital ने जुटाए 10 मिलियन डॉलर, क्लीन एनर्जी कारोबार का करेगी विस्तार
2024 में हुई थी कंपनी की शुरुआत
Two Point O Capital की स्थापना 2024 में अर्चित मेहरोत्रा, करण भूटानी, मान्या रंजन और शशिधर रेड्डी ने की थी। यह कंपनी कमर्शियल और इंडस्ट्रियल यानी कारोबार और उद्योगों को क्लीन एनर्जी से जुड़ी सुविधाएं देती है। कंपनी फंडिंग, तकनीक और प्रोजेक्ट को शुरू से लेकर पूरा होने तक संभालती है। इससे कारोबारों को क्लीन एनर्जी सिस्टम लगाने के लिए अलग-अलग कंपनियों और सेवाओं के बीच तालमेल बनाने की जरूरत कम पड़ती है। कंपनी के CEO और सह-संस्थापक करण भूटानी ने कहा कि इस निवेश से भारत का पहला और सबसे बड़ा मल्टी-एसेट और मल्टी-सॉल्यूशन क्लीन एनर्जी प्लेटफॉर्म बनाने का उनका लक्ष्य आगे बढ़ेगा।
READ MORE: Elon Musk की टनल स्टार्टअप ने फंडिंग से मचाई बड़ी हलचल
कई बड़े ब्रांड हैं कंपनी के ग्राहक
TW.O भारत में उपकरण बनाने वाली कंपनियों (OEMs) और प्रोजेक्ट तैयार करने वाली EPC कंपनियों के साथ काम करती है। इसके ग्राहकों में Premier Energies, Godrej, JK Tyre, Morepen Pharma, Wipro और Phoenix Mills जैसे बड़े नाम शामिल हैं। स्टार्टअप के मुताबिक, पिछले 3 तिमाहियों में उसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) हर तिमाही 1.5 गुना बढ़ा है। कंपनी अपने खास AI और मशीन लर्निंग आधारित प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करती है। इससे प्रोजेक्ट की योजना बनाने, जोखिम का आकलन करने और एसेट की निगरानी में मदद मिलती है।
READ MORE: स्टार्टअप फंडिंग में बेंगलुरु सबसे आगे, जुटाए 4.4 अरब डॉलर
निवेश से क्लीन एनर्जी अपनाना होगा आसान
Transition Venture Capital की VP Investment Yashodhara Bakliwal ने कहा कि क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट शुरू करने में शुरुआती पूंजी एक बड़ी बाधा है। इसके अलावा कई कंपनियों और सेवाओं के बीच तालमेल बनाना भी मुश्किल होता है। उनके मुताबिक, TW.O प्रोजेक्ट की पूरी जिम्मेदारी लेकर ग्राहकों का काम आसान करती है। इससे कंपनियां अपने मुख्य कारोबार पर ध्यान दे सकती हैं और क्लीन एनर्जी अपनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती हैं।
