LinkedIn Top Startups : अगर आप भी नई नौकरी या बेहतरीन स्टार्टअप की तलाश में हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) ने अपनी 2026 की भारत की टॉप 20 स्टार्टअप्स की लिस्ट जारी कर दी है। इस सूची में देश की सबसे पसंदीदा क्विक-कॉमर्स कंपनी Zepto ने लगातार चौथे साल पहला स्थान हासिल किया है।
भारत के टॉप 20 स्टार्टअप्स में Zepto का दबदबा बरकरार, AI कंपनियों ने भी मारी बाजी। देखें LinkedIn की ताजा रैंकिंग ।
Zepto सबसे आगे, AI कंपनियों ने भी जमाई धाक
लिंक्डइन की इस नई रैंकिंग में दूसरे नंबर पर topmate.io और तीसरे नंबर पर Matiks रही है। इस साल की टॉप 20 सूची में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है, जहां 13 नई कंपनियों ने पहली बार जगह बनाई है। इस बार सबसे ज्यादा जलवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI वाली कंपनियों का रहा। कुल 20 में से 6 कंपनियां AI सेक्टर की हैं। इनमें Zetheta Algorithms (5वीं रैंक), Weekday (8वीं रैंक) और Sarvam (9वीं रैंक) शामिल हैं। वहीं घर के कामों में मदद देने वाले प्लेटफॉर्म Snabbit ने लंबी छलांग लगाई और पिछले साल की 14वीं रैंक से सीधे छठे नंबर पर पहुंच गया।
देश के टॉप 10 स्टार्टअप्स
- Zepto
- io
- Matiks
- Figuring Out Media & Education
- Zetheta Algorithms
- Snabbit
- Emergent
- Weekday (YC W21)
- Sarvam
- PALMONAS
- Swish
- Pronto
- GoodSpace AI
- Lucidity
- Immunoscript Life Science
- FirstClub
- Arrowhead
- Bhanzu
- Scapia
- Akasa Air
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बड़े शहरों में कौन सी कंपनी रही नंबर-1?
शहरों के हिसाब से देखें तो दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई में Zepto का ही दबदबा रहा। हालांकि, मुंबई में Figuring Out Media & Education ने पहला स्थान पाया, तो वहीं पुणे शहर में ज्वेलरी ब्रांड PALMONAS सबसे आगे रही।
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कैसे चुनी गईं ये बेहतरीन कंपनियां?
LinkedIn ने 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026 तक के डेटा को देखकर यह लिस्ट बनाई है। इसमें कंपनियों को 4 बातों पर परखा गया। कर्मचारियों की भर्ती में बढ़ोतरी, यूजर एक्टिविटी, नौकरियों में लोगों की रुचि और अनुभवी पेशेवरों को जोड़ने की क्षमता। इस लिस्ट में केवल उन्हीं कंपनियों को शामिल किया गया जो 7 साल से कम पुरानी हैं और जहां कम से कम 30 पक्के कर्मचारी काम करते हैं। जिन कंपनियों ने अपने 10% या उससे ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था, उन्हें इस लिस्ट से बाहर कर दिया गया। यह रैंकिंग कंपनी के मुनाफे पर नहीं, बल्कि वहां मिलने वाले रोजगार के मौकों पर आधारित है।
