Wipro AI unit: Artificial Intelligence के बढ़ते रफ्तार को देखते हुए Wipro ने भी अब अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव करना शुरू कर दिया है। एआई को ध्यान में रखकर नए सिरे कार्य शुरू की जा रही है। इसके लिए एक विशेष डिविजन बनाए जा रहे हैं। जिसका ना AI Native Business and Platform है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दौड़ में विप्रो ने बनाई नई यूनिट। जानिए कैसे यह बदलाव कंपनी के भविष्य को प्रभावित करेगा।
अनुभवी अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी
इस यूनिट की कमान Nagendra Bandaru के हाथों में दी गई है। उन्हें Wipro की AI यूनिट का CEO बनाया गया है। उनके पास 30 साल का बड़ा अनुभव है। इससे पहले ग्लोबल बिजनेस लाइन के प्रेसिडेंट सह मैनेजिंग पार्टनर थे। वे सीधे विप्रो के सीईओ सह मैनेजिंग डायरेक्टर Srini Pallia को रिपोर्ट करेंगे। जिससे पता चलता है कंपनी की तैयारी बड़े स्तर पर चल रही है।
SaaS सेक्टर में बड़ा दबाव
बता दें कि Wipro का सबकुछ अच्छा चल रहा था। इसी बीच Anthropic के Claude Cowork बड़ी चुनौती बनकर सामने आई। यह कई काम खुद कर सकता था। इसके वजह से आए Saa Spocalypseबाद शेयर बाज़ार में बड़ा झटका लगा था। SaaS काफी प्रभावित हुई। इसमें और कई कंपनियां शामिल थी। क्लाउड चौक जैसे टूल्स में ऐसे कामों को ऑटोमेट करने की क्षमता मानी जाती है। जिसके कारण Anthropic सिर्फ पांच साल में 380 बिलियन डॉलर का मर्केट कैप है। यह इंफोसिस, विप्रो, टीसीएस और एचसीएल कुल मार्केट कैप से काफी भी ज़्यादा है।
Wipro के बाद TCS AI समाधानों
भारत की टीसीएस कंपनी भी अब इस मामले में पीछे नहीं है। कंपनी एआई समाधान पर काम कर रही है। कंपनी एआई नेटिव OS बना रही है। इसकी पुष्टि भी कर चुकी है। वहीं, विप्रो अपने सभी प्लेटफ़ॉर्म एक ही छत के नीचे लाएगी। इसमें AI-पावर्ड लेंडिंग के लिए नेट ऑक्सीजन, एविएशन कार्गो के लिए CROAMIS और हेल्थकेयर प्लेटफ़ॉर्म आईएचएस और एचपीएसआई विप्रो का नाम शामिल है। जिसका मकसद एंटरप्राइज़-ग्रेड एजेंटिक AI समाधान को डेवलप करना और AI आधारित नए बिज़नेस स्ट्रीम बनाना है।
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AI पार्टनरशिप से मजबूती
ऐसा नहीं है कि Wipro पहलीवार एआई पर काम कर रही है। इससे पहले पहले Microsoft के साथ पार्टनरशिप की है। जिससे Azure OpenAI के ज़रिए जेनएआई पावर्ड टूल्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। इतना ही नहीं विप्रो की एक सब्सिडियरी कंपनी Capco ने पिछले साल OpenAI के साथ एक डील साइन की है।
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Wipro America 2 यूनिट में बड़ा इस्तीफ़ा
इस बीच विप्रो में बड़ा बदलाव भी देखने को मिला है। विप्रो अमेरिका 2 यूनिट की सीईओ Suzanne Dann ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जिसकी Wipro ने खुद की है। यह यूनिट कंपनी की कमाई का बड़ा जरिया है। इसमें यूएस और कनाडा का बिजनेस शामिल है। US में बैंकिंग, फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ और एनर्जी से जुड़े बिज़नेस शामिल हैं।
विप्रो का यह पहल एआई के बढ़ते प्रभाव को देखकर शुरू किया गया है। अब देखना होगा कि इस बदले हुए बिजनेस मॉडल के जरिए आगे क्या रंग दिखाती है।
