DeepSeek

DeepSeek को क्यों मिल रही अटेंशन? जानें क्यों

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January 28, 2025

नए AI मॉडल DeepSeek की पॉपुलैरिटी ने टेक दिग्गजों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह ऐप ChatGPT को पीछे छोड़ते हुए Apple के ऐप स्टोर पर टॉप रेटेड है।

DeepSeek : AI लगातार विकसित हो रहा है। इसी बीच मार्केट में अब चीन का नया AI मॉडल DeepSeek ने एंट्री मारी है। DeepSeek ने टेक जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। परफॉर्मेंस के मामले में इसने ChatGPT, Gemini और Claude AI को भी पछाड़ दिया है। ऐसे में आइए जानते हैं कि DeepSeek क्या है।

क्या है DeepSeek

DeepSeek एक एडवांस AI मॉडल है, जिसे हांग्जो में स्थित इसी नाम की एक रिसर्च लैव द्वारा विकसित किया गया है, जिसकी स्थापना 2023 में AI और क्वांटिटेटिव फाइनेंस में बैकग्राउंड वाले इंजीनियर लियांग वेनफेंग ने की थी। DeepSeek-V3 मॉडल एक एडवांस्ड ओपन-सोर्स AI सिस्टम है। यह ChatGPT को पीछे छोड़ते हुए Apple के ऐप स्टोर पर सबसे ज्यादा रेटिंग वाला मुफ्त ऐप बन गया है। DeepSeek की सफलता अमेरिका, ब्रिटेन और चीन समेत कई देशों में देखी गई है। DeepSeek की अचानक वृद्धि ने सिलिकॉन वैली का भी ध्यान खींचा है और इस धारणा को चुनौती दी है कि अमेरिका AI क्षेत्र पर हावी है।

DeepSeek की नवीनतम रिलीज R1 है। यह OpenAI और Anthropic जैसे उद्योग के नेताओं के साथ टक्कर कर रहा है। R1 इसलिए अलग है क्योंकि यह लागत-कुशल और ओपन-सोर्स है। यह असीमित मुफ्त उपयोग भी प्रदान करता है। यह उच्च-प्रदर्शन AI को उच्च लागत के बिना एक्सेसिबल बनाता है।

कैसे अलग है DeepSeek

DeepSeek अपने आपको OpenAI और Meta जैसे कंपीटीटर्स से अलग है, क्योंकि यह किफायती और एफिशिएंसी पर ध्यान केंद्रित करता है, जबकि OpenAI और Meta जैसी कंपनियां अधिक एडवांस मॉडल विकसित करती हैं। इसके लिए इम्पोर्टेंट संसाधनों और महंगी AI चिप्स की जरूरत होती है। DeepSeek ने ऐसे मॉडल बनाए हैं, जो समान परफॉर्म करते हैं, लेकिन लागत काफी कम है। DeepSeek द्वारा अधिक किफायती AI हार्डवेयर और मॉडल ट्रेनिंग के लिए अभिनव दृष्टिकोण का यूज इसे लागत कम रखते हुए बड़ी कंपनियों के साथ कंपटीशन करने की अनुमति देता है।

क्यों फेमस हो रहा है DeepSeek

DeepSeek की इतनी चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि यह चीनी AI असिस्टेंट मुफ्त, अनलिमिटेड और ओपन सोर्स है। इसकी ट्रांसपेरेंसी, एफिशिएंसी और AI को सभी के लिए एक्सेसिबल बनाने के कारण लोग इसे काफी हद तक पसंद कर रहे हैं।

DeepSeek की सफलता ऐसे समय में मिली है जब अमेरिका ने चीन को एडवांस्ड सेमीकंडक्टर निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसका उद्देश्य चीन की AI में आगे बढ़ने की कैपेबिलिटी को सीमित करना है, लेकिन DeepSeek ने ऐसे मॉडल विकसित किए हैं जिनके लिए कम रिसोर्सेज की आवश्यकता होती है। ऐसे में कंपनी इन प्रतिबंधों के साथ काम करने में कैपेबल रही है।

DeepSeek ने अमेरिका में चिंताएं बढ़ा दी है, जहां टेक्नोलॉजी दिग्गज Nvidia, Meta और और Microsoft ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश किया गया है। उन्हें जल्द ही DeepSeek जैसे कम लागत वाले विकल्पों से बढ़ती कंपटीशन का सामना करना पड़ सकता है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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