Cocoon एक नया decentralized AI नेटवर्क है

क्या है Cocoon? अब आपकी हर चैट रहेगी प्राइवेट

7 mins read
1.1K views
December 1, 2025

Cocoon AI: Telegram के को-फाउंडर पैवल दुरोव ने एक नया AI प्रोजेक्ट लॉन्च किया है जिसका नाम है Cocoon। यह प्रोजेक्ट इस वादे के साथ आया है कि यह यूजर्स को पूरी तरह सुरक्षित और निजी AI अनुभव देगा। Cocoon अब लाइव है और प्लेटफॉर्म ने पहले ही असली यूजर्स से AI रिक्वेस्ट प्रोसेस करना शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि जिन लोगों के पास ताकतवर GPU कंप्यूटर हैं, वे इन्हें नेटवर्क पर जोड़कर Toncoin भी कमा रहे हैं।

दुरोव ने बताया कि Amazon और Microsoft जैसी बड़ी कंपनियां AI कंप्यूटिंग में बीच के महंगे ‘मिडलमैन’ की तरह काम करती हैं। इससे यूजर्स को ज्यादा खर्च और कम प्राइवेसी मिलती है। Cocoon का उद्देश्य इन दोनों समस्याओं को खत्म करना है ज्यादा गोपनीयता और कम खर्च।

Telegram के को-फाउंडर Pavel Durov ने नया AI प्लेटफॉर्म Cocoon लॉन्च किया है, जो 100% प्राइवेसी और TON Blockchain पर सुरक्षित AI प्रोसेसिंग का वादा करता है।

Cocoon क्या है और Telegram ने इसे क्यों बनाया?

Cocoon एक डिसेंट्रलाइज्ड AI कंप्यूटिंग नेटवर्क है, जो TON Blockchain पर चलता है। यहां शक्तिशाली GPU रखने वाले लोग इन्हें दूसरों के AI मॉडल चलाने के लिए किराए पर दे सकते हैं। बदले में उन्हें TON क्रिप्टोकरेंसी मिलती है।

इस प्लेटफॉर्म की सबसे खास बात गोपनीयता है। Cocoon का दावा है कि यूजर की हर इनपुट और आउटपुट TEE के अंदर सुरक्षित रहती है। यानी न सर्वर मालिक, न डेवलपर कोई भी यह नहीं देख सकता कि यूजर ने AI से क्या पूछा।

दुरोव का कहना है कि Cocoon उन लोगों के लिए बनाया गया है जिन्हें चिंता है कि बड़ी AI कंपनियां उनका डेटा इकट्ठा कर रही हैं। Telegram का लक्ष्य है कि AI फीचर्स 100% प्राइवेसी के साथ दिए जाएं।

READ MORE: Apple की क्रिप्टोकरेंसी iToken में इन्वेस्ट करने से पहले जानें सच्चाई

Cocoon कैसे काम करता है?

इस सिस्टम में तीन हिस्से होते हैं Clients, Proxies और Workers। Proxy और Worker दोनों Intel TDX जैसी हार्डवेयर तकनीक के अंदर चलते हैं, जिससे कोई भी अंदर की प्रोसेसिंग नहीं देख सकता। भुगतान भी ऑटोमेटिक है। क्लाइंट प्रॉक्सी को पैसे देता है, प्रॉक्सी वर्कर को देता है और एक छोटा कमीशन रखता है। यह सब TON ब्लॉकचेन पर होता है। अभी पूरी प्रॉक्सी Telegram टीम चला रही है मगर आगे इसे खुला और ज्यादा डिसेंट्रलाइज्ड बनाया जाएगा।

READ MORE: क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में भारी लिक्विडेशन: Bitcoin और Ethereum गिरावट में

भारत के लिए क्यों खास?

भारत में Telegram का इस्तेमाल पहले ही बहुत तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में प्राइवेसी-फोकस्ड AI फीचर्स लोगों को बहुत पसंद आ सकते हैं। इसके अलावा जिन लोगों के पास GPU हैं, उनके लिए Cocoon से इनकम कमाने का भी मौका है। प्रोजेक्ट अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन तेजी से बढ़ रहा है। आने वाले हफ्तों में और GPU और डेवलपर इस नेटवर्क से जुड़ेंगे।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

Sony का बड़ा प्लान, 2026 में आएगा डिजिटल डॉलर वाला स्टेबलकॉइन
Previous Story

Sony का बड़ा प्लान, 2026 में आएगा डिजिटल डॉलर वाला स्टेबलकॉइन!

vibe coding feature update
Next Story

अब वीडियो को स्मार्टली स्कैन कर सही टोन और स्टाइल में बदल देगा यह नया फीचर

Latest from Artificial Intelligence

निवेशकों के लिए खुशखबरी! HCL ने दिया शानदार डिविडेंड तोहफा  

HCL Dividend News: HCL Technologies ने मार्च तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस बार कंपनी का प्रदर्शन मिला–जुला रहा है। मुनाफे में हल्की बढ़त दिखी है, जबकि रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। इससे साफ है कि कंपनी का बिजनेस स्थिर बना हुआ है और धीरे–धीरे आगे बढ़ रहा है।  मार्च तिमाही में HCL Technologies का प्रदर्शन मिला-जुला रहा, जहां रेवेन्यू बढ़ा लेकिन मुनाफे की रफ्तार धीमी रही। कंपनी ने निवेशकों को 5 मई को 24 प्रति शेयर डिविडेंड देने की घोषणा की है।  मुनाफे में हल्की बढ़त  कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 4.2% बढ़कर 4,488 करोड़ हो गया है। पिछले साल इसी तिमाही में यह 4,307 करोड़ था। यानी कंपनी ने मुनाफा तो बढ़ाया है, लेकिन इसकी रफ्तार बहुत तेज नहीं रही।  कमाई में मजबूत ग्रोथ  कमाई के मामले में कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। मार्च तिमाही में ऑपरेशंस से कुल आय 33,981 करोड़ रही, जो पिछले साल के 30,246 करोड़ के मुकाबले करीब 12% ज्यादा है। इससे पता चलता है कि कंपनी का कारोबार बढ़ रहा है, हालांकि तिमाही आधार पर ग्रोथ थोड़ी सीमित रही है।  निवेशकों को डिविडेंड का फायदा  कंपनी ने अपने निवेशकों को खुश करते हुए प्रति शेयर 24 का इंटरिम डिविडेंड देने का ऐलान किया है। इसके लिए 25 अप्रैल को रिकॉर्ड डेट तय की गई है, जबकि डिविडेंड का भुगतान 5 मई को किया जाएगा। खास बात यह है कि कंपनी लगातार अपने निवेशकों के साथ मुनाफा साझा कर रही है। यह कंपनी का 93वां क्वॉर्टर डिविडेंड है, जो इसकी मजबूत और स्थिर वित्तीय स्थिति को दिखाता है।  READ MORE: AI सेक्टर में हलचल, US में चिप और IPO योजनाएं हुई तेज  AI पर बढ़ रहा फोकस  कंपनी अब भविष्य की ग्रोथ के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ज्यादा ध्यान दे रही है। कंपनी की चेयरपर्सन रोशनी नाडर मल्होत्रा के अनुसार, आने वाले समय में AI कंपनी के लिए बड़ा ग्रोथ इंजन बन सकता है। कंपनी अपने सर्विस पोर्टफोलियो को AI के हिसाब से मजबूत कर रही है, ताकि आने वाले समय में इससे ज्यादा कमाई हो सके।  READ MORE एआई ने कैसे बदल दिया पूरा डिलीवरी मॉडल, 400 कॉल रोज़ खुद करता है एआई  HCL Technologies का प्रदर्शन इस तिमाही में संतुलित रहा है। मुनाफा धीरे–धीरे बढ़ रहा है, कमाई में अच्छी ग्रोथ है और निवेशकों को डिविडेंड का फायदा भी मिल रहा है। साथ ही AI पर फोकस यह दिखाता है कि कंपनी भविष्य के लिए मजबूत तैयारी कर रही है। 

Don't Miss