Samsung Gemini AI: Artificial Intelligence की दौड़ अब सिर्फ चैटबॉट या सर्च इंजन तक सीमित नहीं रही। Samsung इलेक्ट्रॉनिक्स ने संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में AI उसकी हर तकनीक की रीढ़ बनेगा। कंपनी इस साल अपने AI सक्षम मोबाइल डिवाइसों की संख्या को दोगुना कर करीब 80 करोड़ यूनिट तक ले जाने की तैयारी में है। जो सीधे तौर पर Apple और OpenAI की रणनीतियों को चुनौती दे सकता है.
AI की दौड़ में Samsung ने बढ़ाया बड़ा कदम, Apple और OpenAI को मिलेगा जबरदस्त टक्कर, जानिए सैमसंग का नया प्लान?
मोबाइल से आगे, पूरे इकोसिस्टम में AI
अब तक Samsung ने लगभग 40 करोड़ स्मार्टफोन और टैबलेट में गूगल के Gemini आधारित AI फीचर्स शामिल किए हैं। लेकिन यह सिर्फ शुरुआत है। कंपनी की रणनीति मोबाइल फोन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि टीवी, होम अप्लायंसेज और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में भी AI को गहराई से जोड़ा जाएगा। सैमसंग का लक्ष्य एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना है, जहां सभी डिवाइस आपस में समझदारी से जुड़े हों।
हर उत्पाद में AI नेतृत्व का स्पष्ट संदेश
नवंबर में को- सीईओ बने टी.एम. रोह ने साफ कर दिया है कि सैमसंग AI को किसी एक्सपेरिमेंट की तरह नहीं देख रहा। कंपनी का फोकस AI को हर फंक्शन और हर सर्विस का हिस्सा बनाने पर है। इससे साफ है कि सैमसंग AI को केवल फीचर नहीं, बल्कि अपने बिजनेस मॉडल का आधार बनाना चाहता है।
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गूगल को सीधा फायदा, एप्पल को चुनौती
सैमसंग दुनिया में एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म का सबसे बड़ा सपोर्टर है। ऐसे में उसके डिवाइसों में Gemini AI का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल गूगल के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। गूगल को OpenAI और अन्य AI कंपनियों के खिलाफ उपभोक्ता स्तर पर मजबूत पकड़ बनाने में भी मदद मिल सकता है। वहीं, स्मार्टफोन मार्केट में सैमसंग की फिर से नंबर-1 की है, जो हाल के वर्षों में एप्पल के पास चली गई थी। AI आधारित इंटीग्रेटेड सेवाएं उसे एप्पल से अलग और आगे खड़ा कर सकती हैं।
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Galaxy AI बना पहचान
सैमसंग के आंतरिक सर्वे बताते हैं कि Galaxy AI ब्रांड की पहचान एक साल में जबरदस्त तरीके से बढ़ी है। जहां पहले करीब 30% थी वो अब 80% तक पहुंच चुकी है। इससे यह साफ होता है कि उपभोक्ता अब AI को एक जरूरी सुविधा के रूप में देखने लगे हैं, न कि सिर्फ एक अतिरिक्त फीचर के तौर पर। यूजर्स अब फोटो एडिटिंग, कंटेंट जनरेशन, ट्रांसलेशन, समरी और प्रोडक्टिविटी टूल्स जैसे फीचर्स को भी तेजी से अपना रहे हैं। यह बदलाव बताता है कि AI अब रोजमर्रा के डिजिटल व्यवहार का हिस्सा बनता जा रहा है।
टेक रेस में Gemini बनाम GPT
गूगल ने नवंबर में Gemini का नया वर्जन पेश किया, जिसने कई इंडस्ट्री बेंचमार्क में बढ़त दिखाई। इसके जवाब में OpenAI ने अपने डेवलपमेंट को तेज करते हुए GPT-5.2 लॉन्च किया। यह मुकाबला अब सिर्फ टेक्नोलॉजी का नहीं, बल्कि यूजर बेस और डिवाइस इंटीग्रेशन का भी बन चुका है। जहां सैमसंग अहम भूमिका निभा रहा है।
चिप संकट की दोहरी चुनौती
मेमोरी चिप की कमी जहां सैमसंग के सेमीकंडक्टर कारोबार के लिए फायदेमंद है। वहीं स्मार्टफोन बिजनेस के मुनाफे पर दबाव भी डाल रही है। इसका मतलब यह है कि AI विस्तार के साथ-साथ लागत और सप्लाई चेन मैनेजमेंट भी सैमसंग के लिए बड़ी चुनौती बना रहेगा।
अगर कंपनी अपनी योजना में सफल रहती है, तो 80 करोड़ AI सक्षम डिवाइस टेक इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव ला सकता है।
