RAM पर बवाल के बीच Sam Altman बने ‘Ram Altman’, जानें क्यों?

RAM पर बवाल के बीच Sam Altman बने ‘Ram Altman’, जानें क्यों?

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November 4, 2026

Sam Altman RAM Comment : OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने अपने एक बयान पर सोशल मीडिया पर हो रही आलोचना के बीच X पर अपना नाम बदलकर ‘Ram Altman’ कर लिया है। उन्होंने यह कदम एक यूजर के सुझाव पर उठाया। दरअसल, ऑल्टमैन ने कहा था कि आम लोगों के कंप्यूटर में ज्यादा DRAM होना दुनिया के सीमित मेमोरी संसाधनों का सही इस्तेमाल नहीं है। उनके इस बयान पर काफी विवाद हुआ।

सैम ऑल्टमैन ने बदला X पर अपना नाम, अब बने ‘राम ऑल्टमैन’, राम वाले बयान पर मचा था बवाल।

यूजर के सुझाव पर बदला नाम

ऑल्टमैन ने X पर एक पोस्ट के नीचे यूजर की टिप्पणी का जवाब देते हुए अपना नाम बदला। यूजर ने लिखा था, ‘क्या आप अपना X नाम बदलकर Ram Altman कर सकते हैं?’ इस पर ऑल्टमैन ने जवाब दिया, ‘ठीक है।’ इसके बाद उन्होंने सफाई भी दी। ऑल्टमैन ने कहा कि उनकी बात को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि दुनिया में मेमोरी की भरपूर उपलब्धता हो और लोग अपने कंप्यूटर में जितनी चाहें उतनी RAM लगा सकें। उन्होंने लिखा कि वह लंबे समय से मेमोरी का उत्पादन बढ़ाने की वकालत कर रहे हैं। उनके मुताबिक, बयान को गलत तरीके से समझा गया और इस वजह से उन्हें परेशानी हो रही है।

आखिर RAM को लेकर क्या बोले थे ऑल्टमैन?

यह विवाद YouTuber Cheeky Pint को दिए एक इंटरव्यू के बाद शुरू हुआ। बातचीत में ऑल्टमैन AI इंडस्ट्री के सामने मौजूद कंप्यूटिंग संसाधनों की कमी पर बात कर रहे थे। उन्होंने कहा था कि दुनिया में DRAM की सप्लाई सीमित है। ऐसे में हर व्यक्ति के कंप्यूटर में बड़ी मात्रा में RAM होना सही इस्तेमाल नहीं है, जबकि उसका उपयोग सिर्फ 5% समय होता है। ऑल्टमैन के मुताबिक, ऐसे हालात में क्लाउड सर्वर पर उपलब्ध संसाधनों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कई लोगों की सोच इसके उलट है।

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OpenAI के बिजनेस मॉडल से क्यों जुड़ा है विवाद?

ऑल्टमैन के बयान को OpenAI के बिजनेस मॉडल से जोड़कर भी देखा जा रहा है। कंपनी के प्रमुख AI मॉडल क्लाउड डेटा सेंटर में चलते हैं। वहीं, कई लोग अपने कंप्यूटर पर ओपन-सोर्स AI मॉडल चलाना चाहते हैं। स्थानीय कंप्यूटर पर AI चलाने के लिए ज्यादा RAM की जरूरत पड़ सकती है। दूसरी ओर, क्लाउड आधारित AI सेवाओं के लिए यूजर्स को सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है। ऐसे में ऑल्टमैन के बयान के बाद यह बहस तेज हो गई कि क्या AI कंपनियां चाहती हैं कि ज्यादा मेमोरी उनके डेटा सेंटर में जाए। हालांकि, ऑल्टमैन ने अपने बयान में यह नहीं कहा कि लोगों को अपने कंप्यूटर में RAM नहीं रखनी चाहिए। उन्होंने मुख्य रूप से सीमित संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की बात की थी।

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AI के भविष्य पर भी दी राय

विवाद के बीच ऑल्टमैन ने AI के भविष्य को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लोगों के हाथ में भविष्य का नियंत्रण हमेशा रहना चाहिए। सुपरइंटेलिजेंस के नाम पर इंसानों को AI के फैसलों पर निर्भर नहीं होना चाहिए। फिलहाल, ‘Ram Altman’ नाम सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। यह बदलाव एक मजाकिया जवाब था, लेकिन इसके पीछे RAM की उपलब्धता और AI इंडस्ट्री की बढ़ती जरूरतों को लेकर गंभीर बहस भी है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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