Google ने Chrome को बनाया और सुरक्षित, जोड़ा ये फीचर

5 mins read
900 views
Google ने Chrome को बनाया और सुरक्षित, जोड़ा ये फीचर
May 9, 2025

Google अपने सर्च में होने वाले घोटालों से लड़ रहा है और अब वह AIकी मदद से सर्च, Chrome और Androidको अधिक सुरक्षित बना रहा है।

Google AI Security Feature: Google ने अपने फेमस ब्राउजर Chrome की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए AI-पावर्ड नए टूल्स लॉन्च किए हैं। इनका मकसद है यूजर्स को ऑनलाइन स्कैम से बचाना और उन्हें एक सुरक्षित ब्राउजिंग एक्सपीरियंस देना। Google ने इसकी जानकारी दी है।

क्या है नया?

Google ने Chrome में पहले से मौजूद Safe Browsing फीचर को और बेहतर बनाकर Enhanced Protection Mode लॉन्च किया है। यह नया मोड पहले के मुकाबले दोगुनी सुरक्षा देता है, खासतौर पर पॉप-अप, फर्जी वेबसाइट और स्कैम लिंक जैसी परेशानियों से। इसके अलावा Google अब अपने Gemini Nano AI मॉडल का यूज भी Chrome की सुरक्षा में कर रहा है। यह मॉडल यूजर के डिवाइस पर ही काम करता है, जिससे यूजर की प्राइवेसी बनी रहती है और सुरक्षा भी मिलती है।

Android यूजर्स के लिए Google Chrome में नया सेफ्टी फीचर

Google ने Android पर Chrome यूज करने वालों के लिए एक नया AI-पावर्ड वॉर्निंग सिस्टम पेश किया है, जो यूजर्स को संदिग्ध वेबसाइट नोटिफिकेशन से बचाने में मदद करेगा। अगर कोई वेबसाइट स्कैम या फ्रॉड की तरह लगती है, तो Chrome का ऑन-डिवाइस मशीन लर्निंग मॉडल तुरंत इसकी चेतावनी देगा। ऐसे में यूजर के पास ऑप्शन होगा, जिसमें यूजर नोटिफिकेशन को पूरी तरह बंद कर सकते हैं या फिर  चाहें तो कंटेंट को देखकर आगे का फैसला कर सकते हैं।

Google Search भी हुआ स्मार्ट

Google ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि अब उसका AI सिस्टम Google Search में सैकड़ों स्कैमी रिजल्ट्स को पहले ही पकड़कर ब्लॉक कर देता है। Google का कहना है कि उनके नए सिस्टम ने अब तक 20 गुना ज्यादा स्कैमी पेजेस को पहचानकर ब्लॉक किया है।

Google अपनी एडवांस AI तकनीक की मदद से यूजर्स को सुरक्षित बना रहा

Google का AI अब लाखों वेबसाइटों के कंटेंट को तेजी से पढ़ सकता है और अगर किसी वेबसाइट में स्कैम से जुड़ी जानकारी या गतिविधि पाई जाती है, तो वह उसे तुरंत पहचान लेता है। इससे Google पूरी की पूरी स्कैम कैम्पेन को पकड़ सकता है, चाहे वो किसी भी भाषा में या किसी भी ट्रिक के साथ हो।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Markaz Subhan Allah Bahawalpur
Previous Story

Operation Sindoor: सैटेलाइट फोटो में देखें आतंक के ठिकानों का विनाश

Itel ने लॉन्च की वाटरप्रूफ डिजाइन के साथ नई स्मार्टवॉच
Next Story

Itel ने लॉन्च की वाटरप्रूफ डिजाइन के साथ नई स्मार्टवॉच

Latest from Artificial Intelligence

Google और Khan Academy का AI शिक्षा में नया बदलाव

Google और Khan Academy का AI शिक्षा में नया बदलाव

Khan Academy AI: Google ने हाल ही में Khan Academy के साथ साझेदारी की घोषणा की है। इसका उद्देश्य AI सहायता वाले लर्निंग टूल्स तैयार करना है, जो छात्रों और शिक्षकों दोनों की कक्षा में मदद करेंगे। इस साझेदारी की जानकारी इस साल ब्रिटिश Bett कॉन्फ्रेंस में दी गई है, जिसमें Google ने बताया है कि वह Gemini AI मॉडल्स को Khan Academy के लर्निंग प्लेटफॉर्म में शामिल करेगा।  Khan Academy में Google का Gemini AI शामिल, Writing और Reading Coach छात्रों की पढ़ाई को आसान और प्रभावी बनाएंगे।   शिक्षक की जगह नहीं, मदद के लिए AI  Google और Khan Academy का कहना है कि AI का मकसद शिक्षक की जगह लेना नहीं, बल्कि छात्रों की पढ़ाई में मदद करना है। इस साझेदारी का लक्ष्य खासतौर पर मिडल और हाई स्कूल के छात्रों की पढ़ाई और लेखन में कमियों को पूरा करना है।  छात्रों के सीखने के तरीके के अनुसार टूल्स  Google के अनुसार, प्रभावी AI लर्निंग साइंस पर बेस्ड होना चाहिए। Khan Academy के शिक्षकों का सालों का अनुभव AI टूल्स को छात्रों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार तैयार करने में इस्तेमाल किया गया है। स्कूलों ने खासतौर पर साक्षरता को बड़ी चुनौती बताया है और यह साझेदारी उसी समस्या को हल करने के लिए बनाई गई है।  AI से मार्गदर्शन  Khan Academy ने अपना नया Writing Coach पेश किया है, जो Gemini AI द्वारा संचालित है। यह टूल छात्रों के लिए निबंध नहीं लिखता, बल्कि उन्हें आउटलाइन बनाने, लेखन और संपादन करने की प्रक्रिया में मार्गदर्शन करता है। इसका उद्देश्य छात्रों को सोचने और विचार व्यक्त करने की क्षमता देना है।  शिक्षक इसे पूर्ण इंटरएक्टिव मोड या केवल फीडबैक मोड में इस्तेमाल कर सकते हैं। टूल अमेरिका में कक्षा 7 से 12 के छात्रों के लिए उपलब्ध है और बीटा वर्जन कक्षा 5 और 6 के छात्रों के लिए भी है। यह persuasive writing, expository

Don't Miss