ऐप्स की जरूरत होगी खत्म? ChatGPT को OS बनाने में जुटा OpenAI

6 mins read
215 views
ChatGPT को OS बनाने में जुटा OpenAI
December 17, 2025

ChatGPT AI OS: अब तक ChatGPT को लोग एक स्मार्ट चैटबॉट या AI टूल के रूप में जानते थे। लेकिन OpenAI की नई दिशा इस सोच को बदलने वाली है। कंपनी ChatGPT को Operating System में बदलने की तैयार कर रही है। जिसका उद्देसश्य भविष्य में एक ऐसे प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने की है जो जो सिर्फ बातचीत तक सीमित न होकर डिजिटल तंत्र के लिए एक केंद्र बनकर उभरे।

ChatGPT अब सिर्फ चैटबॉट नहीं रहेगा! OpenAI इसे ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने की तैयारी में है। नए एग्जीक्यूटिव की एंट्री से क्या बदलेगा, जानिए पूरी रिपोर्ट।

ChatGPT ऐप से सिस्टम बनने की तैयारी

OpenAI का मानना है कि ChatGPT में मौजूद AI एजेंट्स, रियल टाइम सर्च और यूजर की जरूरत समझने की क्षमता इसे एक साधारण ऐप से कहीं ज्यादा बनाती है। ChatGPT पहले ही थर्ड-पार्टी ऐप्स को सपोर्ट करता है, जिससे यूजर एक ही इंटरफेस के जरिए कई काम कर पा रहे हैं। यही मॉडल भविष्य में इसे एक कोर सिस्टम के तौर पर स्थापित कर सकता है।

Glen Coates को मिली मिशन की जिम्मेदारी

इस बड़े विजन को आगे बढ़ाने के लिए OpenAI ने Glen Coates को Head of App Platform की जिम्मेदारी सौंपी है। ई-कॉमर्स दिग्गज Shopify में प्रोडक्ट लीडरशिप संभाल चुके Coates का अनुभव OpenAI के लिए अहम माना जा रहा है। उनका फोकस ChatGPT को ऐसा प्लेटफॉर्म बनाने पर होगा, जिस पर ऐप्स और सर्विसेज आसानी से चल सकें। इसके बारे में Glen Coates अपने सोशल मीडिया अकाउंट से भी जानकारी साझा की है।

READ MORE- iPhone के बाद अब भारत में Apple की नई तैयारी

कैसे निभाएगा ऑपरेटिंग सिस्टम की भूमिका?

भविष्य में ChatGPT केवल सवाल-जवाब का जरिया नहीं रहेगा। यूजर इसके भीतर ही अलग-अलग ऐप्स का इस्तेमाल कर सकेंगे। जैसे कंटेंट लिखना, कोडिंग, डिजाइन या किसी सर्विस से जुड़ना। ChatGPT इन सभी टूल्स और यूजर के बीच एक स्मार्ट लेयर की तरह काम करेगा, ठीक वैसे ही जैसे मोबाइल या कंप्यूटर का ऑपरेटिंग सिस्टम करता है।

READ MORE- Google की चेतावनी, इन ऐप्स रहें सावधान! जानें पूरा मामला…

AI डिवाइस से मिलेगा ChatGPT OS को विस्तार

कंपनी आधारित डिवाइस पर भी काम कर रही है और इसके लिए डिजाइन आइकन Jony Ive के साथ साझेदारी कर चुकी है। अगर ChatGPT को हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों का केंद्र बना दिया गया, तो यह वर्तमान ऑपरेटिंग सिस्टम्स के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। जानकारी के लिए बता दूं कि ChatGPT में पहले ही Adobe, Canva और Zillow जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स जुड़ चुके हैं। इन इंटीग्रेशन के जरिए यूजर बिना ऐप बदले काम कर सकता है।

भविष्य में मिल सकता है पहला AI ऑपरेटिंग सिस्टम?

हालांकि OpenAI ने ChatGPT OS के लॉन्च को लेकर कोई तय तारीख नहीं बताई है, लेकिन मौजूदा संकेत साफ हैं। अगर यह योजना सफल होती है, तो ChatGPT सिर्फ एक AI टूल नहीं बल्कि डिजिटल दुनिया का नया आधार बन सकता है।

Rahul Ray

मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

भारत में बढ़ा Makop रैंसमवेयर का खतरा, जानें कैसे बचें इससे?
Previous Story

भारत में बढ़ा Makop रैंसमवेयर का खतरा, जानें कैसे बचें इससे?

Apple जैसा फीचर Xiaomi में! HyperIsland के साथ आया HyperOS 3
Next Story

Apple जैसा फीचर Xiaomi में! HyperIsland के साथ आया HyperOS 3

Latest from Artificial Intelligence

Google और Khan Academy का AI शिक्षा में नया बदलाव

Google और Khan Academy का AI शिक्षा में नया बदलाव

Khan Academy AI: Google ने हाल ही में Khan Academy के साथ साझेदारी की घोषणा की है। इसका उद्देश्य AI सहायता वाले लर्निंग टूल्स तैयार करना है, जो छात्रों और शिक्षकों दोनों की कक्षा में मदद करेंगे। इस साझेदारी की जानकारी इस साल ब्रिटिश Bett कॉन्फ्रेंस में दी गई है, जिसमें Google ने बताया है कि वह Gemini AI मॉडल्स को Khan Academy के लर्निंग प्लेटफॉर्म में शामिल करेगा।  Khan Academy में Google का Gemini AI शामिल, Writing और Reading Coach छात्रों की पढ़ाई को आसान और प्रभावी बनाएंगे।   शिक्षक की जगह नहीं, मदद के लिए AI  Google और Khan Academy का कहना है कि AI का मकसद शिक्षक की जगह लेना नहीं, बल्कि छात्रों की पढ़ाई में मदद करना है। इस साझेदारी का लक्ष्य खासतौर पर मिडल और हाई स्कूल के छात्रों की पढ़ाई और लेखन में कमियों को पूरा करना है।  छात्रों के सीखने के तरीके के अनुसार टूल्स  Google के अनुसार, प्रभावी AI लर्निंग साइंस पर बेस्ड होना चाहिए। Khan Academy के शिक्षकों का सालों का अनुभव AI टूल्स को छात्रों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार तैयार करने में इस्तेमाल किया गया है। स्कूलों ने खासतौर पर साक्षरता को बड़ी चुनौती बताया है और यह साझेदारी उसी समस्या को हल करने के लिए बनाई गई है।  AI से मार्गदर्शन  Khan Academy ने अपना नया Writing Coach पेश किया है, जो Gemini AI द्वारा संचालित है। यह टूल छात्रों के लिए निबंध नहीं लिखता, बल्कि उन्हें आउटलाइन बनाने, लेखन और संपादन करने की प्रक्रिया में मार्गदर्शन करता है। इसका उद्देश्य छात्रों को सोचने और विचार व्यक्त करने की क्षमता देना है।  शिक्षक इसे पूर्ण इंटरएक्टिव मोड या केवल फीडबैक मोड में इस्तेमाल कर सकते हैं। टूल अमेरिका में कक्षा 7 से 12 के छात्रों के लिए उपलब्ध है और बीटा वर्जन कक्षा 5 और 6 के छात्रों के लिए भी है। यह persuasive writing, expository

Don't Miss