Brazil orders Meta: WhatsApp पर AI चैटबॉट्स को लेकर Meta की नई नीति अब वैश्विक विवाद का रूप ले चुकी है। ब्राज़ील ने सीधे हस्तक्षेप करते हुए Meta को बड़ा झटका दिया है। ब्राज़ील की प्रतिस्पर्धा नियामक संस्था CADE ने थर्ड-पार्टी AI चैटबॉट्स पर रोक लगाने वाली WhatsApp नीति को अस्थायी रूप से निलंबित करने का आदेश दिया है। यह कदम सिर्फ एक देश का फैसला नहीं, टेक दिग्गजों की बढ़ती ताकत और प्रतिस्पर्धा पर उसके असर को लेकर दुनिया भर में उठ रहे सवालों का संकेत है। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या Meta अपनी AI रणनीति बदलेगा या यह विवाद टेक इंडस्ट्री की दिशा ही बदल देगा।
ब्राज़ील ने Meta को दिया बहुत बड़ा झटका! WhatsApp पर थर्ड-पार्टी AI चैटबॉट बैन पर रोक, एंटी-ट्रस्ट जांच शुरू। जानिए पूरी कहानी।
प्रतिस्पर्धा पर असर की जांच
CADE का मानना है कि WhatsApp Business API से जुड़ी नई शर्तें बाज़ार में असंतुलन पैदा कर सकती हैं। एजेंसी यह परख रही है कि क्या इन नियमों से अन्य AI कंपनियों को बाहर किया जा रहा है और WhatsApp पर मौजूद Meta AI को अनुचित लाभ मिल रहा है।
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Meta की बदली हुई नीति
Meta ने अक्टूबर 2025 में WhatsApp Business API की शर्तों में बदलाव कर OpenAI, Microsoft और Perplexity जैसी कंपनियों को WhatsApp पर अपने चैटबॉट उपलब्ध कराने से रोक दिया था। यह नीति 15 जनवरी 2026 से लागू होनी थी, हालांकि व्यवसायों को अपने स्वयं के चैटबॉट चलाने की अनुमति दी गई है।
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विश्व स्तर पर बढ़ी जांच
ब्राज़ील से पहले यूरोपीय संघ और इटली भी Meta की इस नीति को लेकर एंटी-ट्रस्ट जांच शुरू कर चुके हैं। यूरोपीय संघ में दोषी पाए जाने पर Meta पर उसके वैश्विक राजस्व का 10 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है। Meta का कहना है कि WhatsApp Business API को बड़े पैमाने पर AI चैटबॉट्स के उपयोग के लिए तैयार नहीं किया गया है। इससे सिस्टम पर दबाव बढ़ता है। कंपनी का फोकस व्यवसायों को ग्राहक सहायता और जरूरी अपडेट की सुविधा देने पर है।
आनेवाले दिनों में क्या होगा
इटली में Meta ने AI प्रदाताओं को अस्थायी राहत दी है और संभावना जताई जा रही है कि ब्राज़ील में भी ऐसा कदम उठाया जा सकता है। अब CADE की जांच और Meta के अगले फैसले पर सभी की नजरें टिकी है।
