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Apple की AI चाल: Perplexity डील से Google की सर्च बादशाहत खतरे में!

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June 23, 2025

अगर Apple Perplexity को खरीद लेता है या उससे पार्टनरशिप करता है, तो वह खुद का AI सर्च इंजन तैयार कर सकता है और Google पर निर्भरता घटा सकता है।

Perplexity AI : Apple reportedly Perplexity AI को खरीदने की शुरुआती बातचीत कर रहा है। यह एक तेजी से उभरता हुआ AI-आधारित सर्च इंजन स्टार्टअप है, जो यूजर्स को तेज, सटीक और जनरेटिव AI के जरिए जवाब देता है। अगर यह डील होती है, तो इससे Samsung और Motorola जैसी कंपनियों के साथ Perplexity की मौजूदा साझेदारी पर असर पड़ सकता है, साथ ही Google की मोबाइल सर्च में बादशाहत को भी चुनौती मिल सकती है।

Apple की AI में बड़ी दिलचस्पी

रिपोर्ट के अनुसार, Apple के मर्जर प्रमुख Adrian Perica और सर्विसेज हेड Eddy Cue ने Perplexity के लीडर्स के साथ कई मीटिंग की हैं। हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक ऑफर नहीं दिया गया है, लेकिन यह मीटिंग्स साफ दिखाती है कि Apple अपनी AI क्षमताओं को बढ़ाने को लेकर गंभीर है।

WWDC 2024 में Apple ने AI लॉन्च किया, लेकिन फिर भी Apple AI के मामले में Google और OpenAI जैसे दिग्गजों से पीछे है। Perplexity को खरीदने से Apple को न सिर्फ एक शक्तिशाली कंज़्यूमर-फेसिंग AI प्रोडक्ट मिलेगा, बल्कि एक अनुभवी AI टीम भी हाथ लगेगी।

Google और Apple का रिश्ता दबाव में

Apple हर साल लगभग 20 अरब डॉलर सिर्फ इसीलिए कमाता है, क्योंकि Safari ब्राउजर में Google Search को डिफ़ॉल्ट के रूप में रखा गया है, लेकिन अब यह डील अमेरिकी ऐंटीट्रस्ट जांच के दायरे में है, जिससे Apple के लिए वैकल्पिक रास्ते खोजना ज़रूरी हो गया है। अगर Apple Perplexity को खरीद लेता है या उससे पार्टनरशिप करता है, तो वह खुद का AI सर्च इंजन तैयार कर सकता है और Google पर निर्भरता घटा सकता है।

Samsung और Motorola की साझेदारी खतरे में?

Samsung पहले ही कुछ Galaxy डिवाइसेज में Perplexity Pro को शामिल कर चुका है और भविष्य के फोन्स जैसे Galaxy S26 में इसे डिफॉल्ट AI असिस्टेंट बनाने की योजना है। Motorola भी अपने यूज़र्स को Perplexity, Google Gemini और Microsoft Copilot में से किसी को चुनने का विकल्प देता है।

Google को दोतरफा चुनौती

अब जबकि Apple और Samsung दोनों ही Perplexity में रुचि दिखा रहे हैं, Google के लिए मोबाइल AI और सर्च में अपनी लीड बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। Apple का यह कदम दिखाता है कि अब वह AI की दौड़ में पीछे नहीं रहना चाहता।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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