Amazon का नया प्लान! अब Robots करेंगे सामान की डिलीवरी

6 mins read
882 views
Amazon Prime delivery
June 5, 2025

Amazon का मानना है कि भविष्य की डिलीवरी तकनीक आधारित ही होगी। इसके लिए अभी ह्यूमनॉइड रोबोट्स की टेस्टिंग चल रही है।

Humanoid Robot: Amazon एक और बड़ी तकनीकी छलांग की तैयारी कर रहा है। कंपनी अब ऐसे ह्यूमनॉइड रोबोट्स की टेस्टिंग करने जा रही है, जो भविष्य में पैकेज डिलीवरी में मदद कर सकते हैं। यह टेस्टिंग अमेरिका के San Francisco शहर में बनाए गए एक खास ‘ह्यूमनॉइड पार्क’ में की जाएगी, जहां इन रोबोट्स को असली डिलीवरी जैसी परिस्थितियों में परखा जाएगा।

क्या है Amazon का प्लान?

Amazon की योजना है कि वह भविष्य की डिलीवरी को और भी तेज, सटीक और स्मार्ट बनाए। इसके लिए कंपनी AI और रोबोटिक्स का सहारा ले रही है। पहले ही कंपनी अपने वेयरहाउस में कई ऑटोमेटेड सिस्टम और रोबोट्स का उपयोग कर रही है। अब यह अगला कदम है, जिसमें इंसानों की तरह चलने-फिरने वाले रोबोट शामिल किए जा रहे हैं।

Prime सेवा से लेकर सेम-डे डिलीवरी तक

Amazon ने 2005 में Prime डिलीवरी शुरू की थी, जहां दो दिनों में सामान घर पहुंच जाता था। फिर 2019 में एक दिन की डिलीवरी शुरू हुई। अब कंपनी का फोकस सेम-डे डिलीवरी करने पर है। 2024 में Amazon के उपाध्यक्ष Steve Armato ने बताया था कि अमेरिका के 60 बड़े शहरों में 60% ऑर्डर उसी दिन या अगले दिन डिलीवर हो रहे हैं। इसका श्रेय AI टेक्नोलॉजी को जाता है।

AI और रोबोट्स कैसे मदद कर रहे हैं?

Amazon 2020 से ‘Transformer-based AI models’ का इस्तेमाल कर रहा है। ये मॉडल यह अनुमान लगाने में मदद करते हैं कि कहां और किस चीज की डिमांड ज्यादा है, ताकि प्रोडक्ट पहले से पास के वेयरहाउस में रखे जा सकें। साथ ही ये मॉडल वेयरहाउस में काम करने वाले रोबोट्स को दिशा दिखाते हैं, ताकि वे आपस में टकराएं नहीं और काम तेजी से हो।

क्या है चिंताएं

जहां यह तकनीक शानदार लगती है, वहीं इससे कुछ बड़ी चिंताएं भी जुड़ी हैं।

  • नौकरी का खतरा: 2021 से 2023 के बीच Amazon के वेयरहाउस में रोबोट्स की संख्या दोगुनी हो गई है। इससे यह डर बढ़ गया है कि कहीं इंसानों की नौकरियां खतरे में न पड़ जाएं।
  • पर्यावरण पर असर: AI सिस्टम को चलाने के लिए बहुत ज्यादा बिजली की जरूरत होती है। इससे पर्यावरण पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

Amazon का मानना है कि भविष्य की डिलीवरी तकनीक आधारित ही होगी। ह्यूमनॉइड रोबोट्स की टेस्टिंग एक ऐसा कदम है, जो कंपनी को इस लक्ष्य के करीब ले जाएगा। अगर यह सफल रहता है, तो जल्द ही हमें डिलीवरी करने वाले इंसानों की जगह स्मार्ट रोबोट्स देखने को मिल सकते हैं

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

सिर्फ इन यूजर्स के लिए JIO लाया 51 रुपये वाला प्लान
Previous Story

सिर्फ इन यूजर्स के लिए JIO लाया 51 रुपये वाला प्लान

iPadOS 26
Next Story

WWDC 2025: Apple दिखाएगा iOS का नया चेहरा, AI में होंगे स्मार्ट ट्विस्ट!

Latest from Artificial Intelligence

Google और Khan Academy का AI शिक्षा में नया बदलाव

Google और Khan Academy का AI शिक्षा में नया बदलाव

Khan Academy AI: Google ने हाल ही में Khan Academy के साथ साझेदारी की घोषणा की है। इसका उद्देश्य AI सहायता वाले लर्निंग टूल्स तैयार करना है, जो छात्रों और शिक्षकों दोनों की कक्षा में मदद करेंगे। इस साझेदारी की जानकारी इस साल ब्रिटिश Bett कॉन्फ्रेंस में दी गई है, जिसमें Google ने बताया है कि वह Gemini AI मॉडल्स को Khan Academy के लर्निंग प्लेटफॉर्म में शामिल करेगा।  Khan Academy में Google का Gemini AI शामिल, Writing और Reading Coach छात्रों की पढ़ाई को आसान और प्रभावी बनाएंगे।   शिक्षक की जगह नहीं, मदद के लिए AI  Google और Khan Academy का कहना है कि AI का मकसद शिक्षक की जगह लेना नहीं, बल्कि छात्रों की पढ़ाई में मदद करना है। इस साझेदारी का लक्ष्य खासतौर पर मिडल और हाई स्कूल के छात्रों की पढ़ाई और लेखन में कमियों को पूरा करना है।  छात्रों के सीखने के तरीके के अनुसार टूल्स  Google के अनुसार, प्रभावी AI लर्निंग साइंस पर बेस्ड होना चाहिए। Khan Academy के शिक्षकों का सालों का अनुभव AI टूल्स को छात्रों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार तैयार करने में इस्तेमाल किया गया है। स्कूलों ने खासतौर पर साक्षरता को बड़ी चुनौती बताया है और यह साझेदारी उसी समस्या को हल करने के लिए बनाई गई है।  AI से मार्गदर्शन  Khan Academy ने अपना नया Writing Coach पेश किया है, जो Gemini AI द्वारा संचालित है। यह टूल छात्रों के लिए निबंध नहीं लिखता, बल्कि उन्हें आउटलाइन बनाने, लेखन और संपादन करने की प्रक्रिया में मार्गदर्शन करता है। इसका उद्देश्य छात्रों को सोचने और विचार व्यक्त करने की क्षमता देना है।  शिक्षक इसे पूर्ण इंटरएक्टिव मोड या केवल फीडबैक मोड में इस्तेमाल कर सकते हैं। टूल अमेरिका में कक्षा 7 से 12 के छात्रों के लिए उपलब्ध है और बीटा वर्जन कक्षा 5 और 6 के छात्रों के लिए भी है। यह persuasive writing, expository

Don't Miss