2026 में ग्लोबल निवेशक एक खास AI संकेत पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं

2026 में निवेशकों की नजरें सिर्फ एक AI डेटा पर

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February 27, 2026

AI productivity 2026: Barclays Private Bank में चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट जूलियन लाफार्ग का कहना है कि 2026 में ग्लोबल निवेश एक बड़े सवाल पर टिका होगा। उनके मुताबिक, अगर AI से ठोस और साफ आंकड़ों में फायदा नहीं दिखा, तो AI इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग, जैसे Nvidia के चिप्स, कमजोर पड़ सकती है

2026 में ग्लोबल निवेशक एक खास AI संकेत पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिससे पता चलेगा कि AI से असली उत्पादकता और आर्थिक वृद्धि कितनी हो रही है।

AI से असली फायदा दिखना जरूरी

लाफार्ग का मानना है कि उत्पादकता में बढ़ोतरी ही वह रास्ता है जिससे देश बढ़ते कर्ज के दबाव से बाहर निकल सकते हैं। अगर AI कंपनियों की कार्यक्षमता बढ़ाता है और लागत कम करता है, तभी अर्थव्यवस्था को असली सहारा मिलेगा, लेकिन समस्या यह है कि उत्पादकता को तुरंत नहीं मापा जा सकता। इसके आधिकारिक आंकड़े GDP रिपोर्ट के जरिए देर से आते हैं इसलिए निवेशकों को अभी सीधे डेटा की बजाय संकेतों पर भरोसा करना पड़ता है।

उन्होंने उम्मीद जताई है कि 2026 की दूसरी या तीसरी तिमाही तक कुछ बड़ी कंपनियों के CEO और CFO खुलकर बताएंगे कि AI से उन्हें कितनी उत्पादकता बढ़ोतरी मिली। यही असली आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे।

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अमेरिका और भारत पर नजर

लाफार्ग के अनुसार, हाल में अमेरिका में जो उत्पादकता बढ़ी है, वह कुछ हद तक महामारी के बाद की सामान्य रिकवरी जैसी लगती है। बड़े आर्थिक झटकों के बाद अक्सर सेक्टर बदलने से अस्थायी रूप से दक्षता बढ़ जाती है।

भारत के बाजार के बारे में उनका कहना है कि यह कुछ समय से निवेशकों के बीच लोकप्रिय रहा है, लेकिन फिलहाल चीन और जापान जैसे बाजार ज्यादा आकर्षक दिख रहे हैं।

इसकी दो वजहें हैं।

  • भारतीय शेयर बाजार में सीधे AI से जुड़ी कंपनियों की कमी
  • भारत को अब भी सेवा-आधारित अर्थव्यवस्था माना जाता है, जिस पर AI का असर पड़ सकता है।

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निवेशकों के लिए सलाह

इस साल के लिए लाफार्ग की मुख्य सलाह भौगोलिक विविधीकरण है। उनका कहना है कि कई निवेशक लंबे समय से अमेरिकी बाजार में ज्यादा निवेश कर रहे थे, जो पहले सही रणनीति थी, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं इसलिए उभरते बाजारों समेत दूसरे क्षेत्रों में भी निवेश बढ़ाना चाहिए। हालांकि, वे मानते हैं कि लंबी अवधि में संपत्ति बनाने के लिए इक्विटी अब भी ग्रोथ का इंजन है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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