US Cybersecurity Agency News: अमेरिका की साइबर सुरक्षा एजेंसी CISA के कार्यवाहक प्रमुख मधु गोट्टुमुक्कला इन दिनों एक विवाद में फंस गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने कुछ संवेदनशील कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े दस्तावेज ChatGPT पर अपलोड कर दिए थे। यह घटना उस समय की बताई जा रही हैं जब उन्होंने पिछले साल गर्मियों के बाद एजेंसी की कमान संभाली थी। इन अपलोड्स के बाद CISA के सिक्योरिटी सिस्टम में कई ऑटोमेटेड अलर्ट भी ट्रिगर हुए।
CISA के कार्यवाहक प्रमुख मधु गोट्टुमुक्कला द्वारा ChatGPT पर सरकारी दस्तावेज अपलोड करने की खबर ने सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, जानिए क्या है पूरा मामला और एजेंसी ने क्या सफाई दी।
मामला इतना गंभीर क्यों है?
CISA वही एजेंसी है जो अमेरिकी सरकारी नेटवर्क और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को साइबर हमलों से बचाने की जिम्मेदारी निभाती है। ऐसे में अगर एजेंसी का टॉप अधिकारी ही आंतरिक दस्तावेज किसी पब्लिक AI टूल पर अपलोड करें, तो यह बड़ी सुरक्षा चिंता बन जाती है। इससे सरकारी डेटा की गोपनीयता और साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल उठ रहे हैं।
JUST IN: 🇺🇸 Head of US cyber defense agency CISA Madhu Gottumukkala uploaded sensitive documents into public ChatGPT, prompting a DHS investigation. pic.twitter.com/EHh7J94BRb
— Remarks (@remarks) January 28, 2026
ChatGPT इस्तेमाल की खास अनुमति
जानकारी के अनुसार, गोट्टुमुक्कला ने मई में पद संभालने के तुरंत बाद ChatGPT इस्तेमाल करने के लिए CISA के चीफ इन्फॉर्मेशन ऑफिसर ऑफिस से विशेष अनुमति ली थी। उस समय डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के ज्यादातर कर्मचारियों को ChatGPT की पहुंच नहीं थी इसलिए यह एकल अनुमति एजेंसी के भीतर चर्चा और चिंता का विषय बन गई। संघीय कर्मचारियों के लिए जेनरेटिव AI टूल्स के उपयोग पर पहले से सख्त नियम लागू हैं।
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किस तरह के दस्तावेज अपलोड हुए
रिपोर्ट के मुताबिक, पब्लिक ChatGPT पर डाली गई जानकारी को OpenAI एक्सेस कर सकता है और भविष्य में मॉडल ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल कर सकता है क्योंकि दुनिया भर में 700 मिलियन से ज्यादा लोग ChatGPT का उपयोग करते हैं, इसलिए जोखिम और भी बढ़ जाता है। गोट्टुमुक्कला द्वारा अपलोड किए गए दस्तावेज क्लासिफाइड नहीं थे, लेकिन वह CISA के कॉन्ट्रैक्टिंग रिकॉर्ड थे, जिन पर For Official Use Only लिखा था। एक DHS अधिकारी ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने पहले ChatGPT की अनुमति के लिए दबाव बनाया और बाद में उसका दुरुपयोग किया।
🇺🇸 UPDATE: DHS opened a probe after Head of US cyber defense agency Madhu Gottumukkala uploaded sensitive documents to ChatGPT. #bbvipks4 #WilliamEst #paobc #Iran #thomaskong #Trump #DonaldTrump #Oscars #tiktokdown https://t.co/eAEBZJCZpz pic.twitter.com/fsewvA7idt
— Tanyak Raphael(✸,✸) (@tanyak46626) January 29, 2026
सिक्योरिटी अलर्ट और जांच
CISA के साइबर मॉनिटरिंग सिस्टम ने अगस्त में कई बार इन अपलोड्स को पकड़ा। इसके बाद यह जांच शुरू हुई कि क्या इनसे सरकारी सुरक्षा को कोई खतरा हुआ। हालांकि, जांच के नतीजों को सार्वजनिक नहीं किया गया है। CISA की पब्लिक अफेयर्स डायरेक्टर मार्सी मैकार्थी ने कहा कि गोट्टुमुक्कला को सीमित और अस्थायी अनुमति मिली थी और DHS के सुरक्षा नियंत्रण लागू थे। उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसी AI का जिम्मेदारी से उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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टाइमलाइन पर CISA की सफाई
बाद में CISA ने कुछ रिपोर्ट्स की टाइमलाइन पर आपत्ति जताई। एजेंसी के अनुसार, गोट्टुमुक्कला ने आखिरी बार ChatGPT का इस्तेमाल 2025 में किया था और वह भी अधिकृत अस्थायी छूट के तहत। CISA ने दोहराया कि ChatGPT अब भी ज्यादातर कर्मचारियों के लिए ब्लॉक है, जब तक विशेष मंजूरी न दी जाए। बता दें कि गोट्टुमुक्कला के पास आईटी क्षेत्र में 24 साल से ज्यादा का अनुभव है और वे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स में PHD कर चुके हैं।
