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Perplexity ने छोड़ा AI विज्ञापन मॉडल, यूजर ट्रस्ट को दी प्राथमिकता

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February 19, 2026

Perplexity adv decision: Artificial Intelligence कंपनी Perplexity ने विज्ञापन आधारित कमाई के मॉडल से पीछे हटने का फैसला किया है। कंपनी का मानना है कि चैटबॉट में विज्ञापन दिखाने से यूजर्स का भरोसा कमजोर हो सकता है। इनका यह उस वक्त आया है जब कई एआई कंपनियां विज्ञापन दिखाकर पैसा कमाने का जरिया बना रही या बनाने की दिशा में आगे बढ रही है।

AI कंपनियों के बीच विज्ञापन से कमाई की होड़ के बावजूद Perplexity ने भरोसे को सबसे ऊपर रखा। जानिए आखिर क्या इसके पीछे की रणनीति।

पहले किया था विज्ञापनों का परीक्षण

बता दें कि Perplexity उन शुरुआती AI प्लेटफॉर्म्स में शामिल था जिसने 2024 में विज्ञापनों का परीक्षण किया था। उस समय चैटबॉट के जवाबों के नीचे स्पॉन्सर्ड कंटेंट दिखाया गया था। हालांकि बाद में इस प्रयोग को बंद कर दिया गया। कंपनी के अधिकारी की माने तो फिलहाल इसे दोबारा शुरू करने की कोई योजना नहीं है।

भरोसा ही सबसे बड़ा आधार

रिपोट के मुताबिक कंपनी के एक अधिकारी का कहना है कि  किसी भी AI प्रोडक्ट की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि यूजर को मिले जवाब पर कितना भरोसा है। अगर यूजर्स को लगे कि जवाब किसी विज्ञापन या प्रायोजित सामग्री से प्रभावित है, तो वे सेवा का उपयोग कम कर सकते हैं या भुगतान करने से बच सकते हैं।

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दूसरी कंपनियां अपना रही अलग रास्ता

हाल ही में OpenAI ने अपने प्लेटफॉर्म ChatGPT के कुछ फ्री और कम कीमत वाले प्लान्स में विज्ञापन दिखाने की शुरुआत की है। हालांकि कंपनी चैटबॉट के जवाब प्रभावित नहीं होने के दावे कर रहे वहीं Anthropic विज्ञापन न दिखाने के पक्ष में है। कंपनी का तर्क है कि AI असिस्टेंट को ऐसा होना चाहिए जिस पर यूजर बिना किसी संदेह के भरोसा कर सके। बात Google की करें तो अपने सर्च और AI ओवरव्यू फीचर्स में विज्ञापन दिखाता है, लेकिन उसके चैटबॉट Gemini में अब तक विज्ञापन शामिल नहीं किए गए हैं।

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बढ़ती लागत बना रही चुनौती

AI कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बड़े भाषा मॉडल को ट्रेन करने और चलाने की बढ़ती लागत है। भारी निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च के बीच कंपनियां कमाई के नए रास्ते खोज रही हैं, लेकिन Perplexity का मानना है कि यूजर का भरोसा बनाए रखना लंबे समय में ज्यादा महत्वपूर्ण है।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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