Operation Sindoor: सैटेलाइट फोटो में देखें आतंक के ठिकानों का विनाश

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Markaz Subhan Allah Bahawalpur
May 9, 2025

‘ऑपरेशन सिंदूर’ पाकिस्तान को भारत की एक साहसिक और सटीक प्रतिक्रिया थी, जिसने आतंकवाद को उसकी जड़ों पर प्रहार किया।

Operation Sindoor Satellite Photo: हाल ही में भारत की बड़ी सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर‘ की सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं, जो पाकिस्तान और पाकिस्तान-आधिकृत कश्मीर (PoK) में हुए हमलों को साफ तौर पर दिखाती हैं। इन तस्वीरों से पता चलता है कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सटीक और प्रभावी हमला किया है, जिससे कई आतंकवादी ठिकाने पूरी तरह तबाह हो गए हैं।

Markaz Subhan Allah Bahawalpur

क्या दिख रहा है इन तस्वीरों में?

सैटेलाइट से ली गई इन हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरों में दो प्रमुख आतंकवादी ठिकानें मरकज सुब्हान अल्लाह (बहावलपुर) और मरकज तैयबा (मुरीदके) की हालत पहले और बाद में दिखाई जा रही है। पहले इन स्थानों पर बड़ी इमारतें, ट्रेनिंग सेंटर और लॉजिस्टिक फैसिलिटी थीं, लेकिन अब वहां सिर्फ टूटी छतें, गड्ढे और मलबा बचा हुआ है।

सटीकता की मिसाल

एक्सपर्ट का कहना है कि हमले इतने सटीक थे कि सिर्फ टारगेटेड इमारतें ही नष्ट हुई हैं। आसपास के आम नागरिकों या ढांचों को कोई नुकसान नहीं हुआ। यह दिखाता है कि भारतीय सेना ने पूरी सोच-समझ और सावधानी से यह कार्रवाई की है।

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प्रमुख आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया

  • मरकज सुब्हान अल्लाह (बहावलपुर): यह जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का मुख्य ठिकाना था। यहां से आतंकवादी हमलों की प्लानिंग की जाती थी। पुलवामा हमला भी इसी सेंटर से जुड़ा हुआ था और इसे हमले का मुख्य जिम्मेदार ठहराया गया था।
  • मरकज तैयबा (मुरीदके) : यह लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का एक बड़ा ट्रेनिंग कैंप था। यहां पर 2008 के मुंबई हमले के आतंकी अजमल कसाब जैसे आतंकवादियों को ट्रेनिंग दी गई थी।
  • इसके अलावा, मुजफ्फराबाद, कोटली, रावलकोट, और नीलम वैली जैसे दूसरे ठिकानों पर भी सटीक हमले किए गए थे, जहां आतंकवादी एक्टिविटी चल रही थीं।

ऑपरेशन कैसे हुआ?

भारत ने इस ऑपरेशन में कई मॉडर्न टेक्नोलॉजी हथियारों का यूज किया था। इनमें एयर लॉन्च क्रूज मिसाइल, ड्रोन (जो टारगेट से टकराकर खुद को उड़ा लेते हैं) और लंबी दूरी की तोपें शामिल है। इस ऑपरेशन के दौरान नौ अलग-अलग जगहों पर एक साथ हमले किए गए। इनमें से चार हमले पाकिस्तान के अंदर हुए और बाकी पाकिस्तान-आधिकृत कश्मीर (PoK) में किए गए।

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सैटेलाइट इमेज कैसे ली जाती है?

सैटेलाइट इमेज तब ली जाती है जब धरती की परिक्रमा कर रहे सैटेलाइट खास कैमरे और सेंसर की मदद से जमीन की फोटो खींचते हैं। ये कैमरे हाई-रिजॉल्यूशन होते हैं, जो धरती की सतह पर मौजूद इमारतों, सड़कों, जंगलों या किसी भी बदलाव को साफ-साफ दिखा सकते हैं। जब उपग्रह किसी खास जगह के ऊपर से गुजरता है, तो वह वहां की तस्वीरें लेता है और फिर उन तस्वीरों को धरती पर स्थित स्टेशन पर भेजता है।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

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