CureMeAbroad Funding : पुणे स्थित हेल्थटेक स्टार्टअप CureMeAbroad ने ताजा प्री-सीड फंडिंग राउंड में 1.1 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। इस राउंड की अगुवाई हेल्थकेयर-केंद्रित वेंचर कैपिटल फंड SteerX Ventures ने की। मौजूदा निवेशक AIRA ने भी इसमें हिस्सा लिया। कंपनी अब इस रकम से अपने अस्पताल नेटवर्क को बढ़ाएगी। नए मरीज बाजारों में प्रवेश करेगी और अपनी AI आधारित तकनीक को मजबूत करेगी। साथ ही ऑपरेशन और टेक्नोलॉजी टीम का विस्तार भी होगा।
CureMeAbroad को 1.1 मिलियन डॉलर की फंडिंग, अब विदेशों में अस्पताल नेटवर्क और इलाज सेवाओं का होगा बड़ा विस्तार
CureMeAbroad ने कितनी फंडिंग जुटाई?
CureMeAbroad की नई फंडिंग ऐसे समय आई है, जब कंपनी विदेश में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए पूरी प्रक्रिया आसान बनाने पर काम कर रही है। अप्रैल में कंपनी ने 600,000 डॉलर की प्री-सीड फंडिंग जुटाई थी। उस राउंड में Roman Saini, Himanshu Ratnoo, Kunal Gupta, Devaiah Bopanna, Vikrant Potnis और AIRA ने निवेश किया था। CureMeAbroad की स्थापना 2025 में आदित्य ओझा और मिखाइल बोहरा ने की थी। कंपनी का मुख्यालय पुणे में है। इसका प्लेटफॉर्म मरीजों को विदेश में इलाज के लिए अस्पताल खोजने और उनकी तुलना करने में मदद करता है। मरीज अस्पताल की मान्यता, इलाज का अनुमानित खर्च और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी देख सकते हैं। इसके बाद इलाज बुक करने और पूरी प्रक्रिया के दौरान सहायता भी मिलती है।
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CureMeAbroad का नेटवर्क कितना बड़ा है?
कंपनी के प्लेटफॉर्म पर अभी हर महीने 22,500 से ज्यादा विजिटर आते हैं। इसका अस्पताल नेटवर्क 6 देशों में फैला है। सितंबर में Global Healthcare Accreditation यानी GHA ने CureMeAbroad को Medical Travel Facilitator Certification दिया। GHA के अनुसार कंपनी के नेटवर्क में 400 से ज्यादा मान्यता प्राप्त अस्पताल शामिल हैं। कंपनी मुख्य रूप से अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे पश्चिमी बाजारों के मरीजों को सेवाएं देती है। प्लेटफॉर्म इलाज खोजने से लेकर तुलना, लागत अनुमान, बुकिंग और इलाज के बाद की सहायता तक काम करता है।
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अब ऑर्थोपेडिक्स और कैंसर इलाज पर नजर
नई फंडिंग के बाद CureMeAbroad अपने अस्पताल नेटवर्क को और बढ़ाना चाहती है। कंपनी नए मरीज बाजारों में भी प्रवेश करेगी। अभी कंपनी गैर-आपातकालीन इलाज की श्रेणी में विस्तार की तैयारी कर रही है। इसमें ऑर्थोपेडिक्स और ऑन्कोलॉजी प्रमुख क्षेत्र हैं। कंपनी कुछ अहम अंतरराष्ट्रीय बाजारों में फिजिकल एक्सपीरियंस सेंटर खोलने की संभावना भी तलाश रही है। SteerX Ventures के संस्थापक और CEO ललित सिंगला के मुताबिक, अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में इलाज की बढ़ती लागत और लंबा इंतजार मरीजों को विदेश में इलाज तलाशने के लिए प्रेरित कर रहा है।
CureMeAbroad का अगला बड़ा लक्ष्य भी तय है। कंपनी वित्त 2028 तक सालाना 100 मिलियन डॉलर के इलाज बुकिंग कारोबार तक पहुंचना चाहती है। फिलहाल उसका रन रेट 4.8 मिलियन डॉलर है। CureMeAbroad अब सिर्फ अस्पताल खोजने वाला प्लेटफॉर्म नहीं रहना चाहती। कंपनी विदेश में इलाज की पूरी प्रक्रिया को एक ही जगह आसान बनाने की दिशा में बढ़ रही है। ताजा फंडिंग उसके वैश्विक विस्तार और AI तकनीक को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
