Meta AI News : Meta ने अब Muse नाम का Personal AI Agent पेश किया है। यह ऐप और वेबसाइट पर खुद काम कर सकता है। यूजर ऐप बंद कर दे, तब भी यह लंबे काम जारी रख सकता है। ईमेल भेजने या खरीदारी करने जैसे संवेदनशील काम से पहले यह अनुमति भी मांगेगा। Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने Muse की घोषणा की है। कंपनी इसे ऐसे AI के रूप में पेश कर रही है जो सिर्फ सलाह नहीं देता, बल्कि काम को पूरा करने की कोशिश करता है। अभी Meta Muse भारत में उपलब्ध नहीं है। इसकी शुरुआत अमेरिका में iOS, Android और muse.ai के जरिए हुई है।
Meta Muse AI Agent: अब खुद करेगा ईमेल, शॉपिंग और वेबसाइट का काम, लेकिन भारत में अभी लॉन्च नहीं
Meta Muse क्या है और यह कैसे काम करता है?
Muse को Meta के Muse Spark मॉडल से ताकत मिलती है। कंपनी इसे Agent-Based काम के लिए अपना सबसे सक्षम मॉडल बताती है। Meta ने इस साल की शुरुआत में Meta AI में भी Muse Spark की मदद से टास्क और प्लानिंग फीचर जोड़ना शुरू किया था। यूजर Muse को कोई सीधा काम बता सकता है। जैसे यात्रा की बुकिंग करना, ईमेल भेजना या खरीदारी करना। बड़े काम के लिए Muse खुद योजना बना सकता है। यह उपलब्ध समय और संसाधनों को देखकर काम को कई चरणों में पूरा कर सकता है। Meta के मुताबिक, Muse वेबसाइट खोल सकता है, फॉर्म भर सकता है और यूजर की ओर से बातचीत भी कर सकता है। इसे अलग Muse ऐप के साथ-साथ WhatsApp के अंदर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
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ऐप बंद करने के बाद भी काम करता रहेगा
Muse की सबसे खास बात इसका बैक बैकग्राउंड फीचर है। Meta के अनुसार, यूजर ऐप बंद कर दे तब भी Agent लंबे काम पर आगे बढ़ सकता है। जब काम की स्थिति बदलती है या उसे यूजर की अनुमति चाहिए होती है, Muse वापस सूचना देता है। यानी हर छोटे चरण पर यूजर को स्क्रीन के सामने बैठे रहने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, संवेदनशील कामों के लिए Approval जरूरी रखा गया है। इसमें शामिल हैं:
- ईमेल भेजना
- ऑनलाइन खरीदारी करना
- संवेदनशील एक्सेस वाली Connected Services का इस्तेमाल
यूजर तय कर सकता है कि Muse को किन सेवाओं का एक्सेस मिले और उनमें वह क्या कर सके। जिस ऐप का Public API उपलब्ध है, Muse यूजर के दिए Credentials के जरिए उससे जुड़ सकता है। बिना API वाली सेवाओं को Muse अपने ब्राउजर के जरिए इस्तेमाल कर सकता है।
Muse Secure VM क्या है?
Meta ने हर Agent के लिए एक अलग Cloud Computer बनाया है, जिसे Muse Secure VM कहा गया है। इसमें Agent और उससे जुड़ी सेवाओं का डेटा रखा जाता है। इसके साथ एक दूसरा सिस्टम Sentinel भी काम करता है। यह Muse की इंटरनेट से होने वाली बातचीत की जांच करता है। Meta का दावा है कि Sentinel की मंजूरी के बिना Muse का कोई काम इंटरनेट तक नहीं पहुंच सकता। पासवर्ड और Payment Credentials को Secure Storage में रखा जाता है। Meta के अनुसार, Muse खुद इन जानकारियों को नहीं देख सकता।
यूजर Muse का Audit Trail भी देख सकता है। इसमें पता चलता है कि Agent ने क्या किया और आगे क्या करने की योजना है। यूजर ऐप Disconnect कर सकता है और Permissions बदल सकता है। Meta यह भी कहता है कि यूजर Muse की बातचीत को AI मॉडल की ट्रेनिंग में इस्तेमाल होने से रोक सकता है। कंपनी के मुताबिक, Muse VM में रखा डेटा उसके Advertising Systems के साथ साझा नहीं किया जाता।
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Muse से ऑनलाइन खरीदारी भी होगी
Muse सिर्फ जानकारी या प्लानिंग तक सीमित नहीं है। यह खरीदारी भी पूरी कर सकता है। Meta ने इसके लिए Stripe के Link का इस्तेमाल किया है। कंपनी के मुताबिक, Link Agent की खरीदारी के लिए one-time-use card बनाता है। इससे यूजर का असली कार्ड नंबर Checkout के दौरान सीधे इस्तेमाल नहीं होता।
Meta आगे Shop Pay और 1Password का सपोर्ट जोड़ने की योजना बना रहा है। 1Password की मदद से Muse को login से जुड़े काम करने में आसानी होगी। यहीं personal AI Agents ज्यादा संवेदनशील हो जाते हैं। किसी जूते की सलाह देना आसान काम है, लेकिन उसी AI को खरीदारी की अनुमति देना पैसा, निजी जानकारी और अकाउंट एक्सेस से जुड़ा बड़ा कदम है। Meta का तरीका Approval Checks पर आधारित है। यानी ऐसे काम से पहले यूजर की मंजूरी जरूरी होगी।
Muse यूजर को समय के साथ याद रखेगा
Muse बातचीत से कुछ जानकारी याद रख सकता है। बाद में यही जानकारी सुझाव देते समय इस्तेमाल की जा सकती है। यूजर Muse से किसी खास जानकारी को भूलने के लिए भी कह सकता है। हर यूजर अपने Muse को नाम दे सकता है। उसके बातचीत करने के तरीके और दिखने वाले अंदाज को भी बदला जा सकता है। Meta ने 2026 के अंत में Muse Confidential VM पेश करने की योजना बनाई है। कंपनी के अनुसार, इसमें पूरा Virtual Machine यूजर की अपनी Key से Encrypt होगा। ऐसे में Meta खुद भी यूजर की बातचीत और Stored Data तक पहुंच नहीं पाएगा। यह Meta का दावा है। वास्तविक इस्तेमाल में इन सुरक्षा उपायों का प्रदर्शन समय के साथ साफ होगा।
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India में Meta Muse कब आएगा?
अभी इसका जवाब साफ है। Meta Muse फिलहाल भारत में उपलब्ध नहीं है। इसे पहले अमेरिका में iOS, Android और Muse.AI पर शुरू किया गया है। Meta के अनुसार, AI Glasses के लिए सपोर्ट भी जल्द आएगा। सामान्य इस्तेमाल के लिए सेवा मुफ्त रहेगी। ज्यादा Computing Capacity चाहने वाले यूजर्स के लिए Paid Subscription Plans भी उपलब्ध होंगे। कंपनी ने अभी भारत में Muse लॉन्च करने की कोई तारीख घोषित नहीं की है।
