USCIS Bribery Scam में बड़ा खुलासा, WhatsApp बना अहम सबूत

USCIS Bribery Scam में बड़ा खुलासा, WhatsApp बना अहम सबूत

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September 8, 2026

USCIS Bribery Scandal : हजारों WhatsApp मैसेज और सैकड़ों फोन कॉल ने अमेरिका में कथित रिश्वत कांड की परतें खोल दीं। पूर्व USCIS अधिकारी लूकमान ओवलाबी गनियू और उनके कथित सहयोगी अदेनीय अकेम सोमोये पर इमिग्रेशन आवेदनों में तेजी और खास मदद के बदले करीब 9.6 लाख डॉलर लेने का आरोप लगा है। अमेरिकी अभियोजकों के मुताबिक, यह कथित योजना 2019 से मार्च 2026 तक चली। दोनों पर संघीय आरोप लगाए गए हैं। जांच में WhatsApp बातचीत और फोन कॉल अहम सबूत बने।

USCIS रिश्वत कांड में दो लोगों पर गंभीर आरोप, 2019 से 2026 तक इमिग्रेशन आवेदनों में पैसे लेकर खास मदद का कथित खेल

USCIS Bribery Scheme में WhatsApp से कैसे खुला राज?

जांचकर्ताओं को गनियू, सोमोये और उन लोगों के बीच हजारों WhatsApp मैसेज मिले, जिनके इमिग्रेशन मामलों को दोनों संभाल रहे थे। इसके अलावा सैकड़ों फोन कॉल भी सामने आए। अभियोजकों का आरोप है कि इन संपर्कों के जरिए आवेदकों से पैसे लिए जाते थे। इसके बाद उनके मामलों को सामान्य प्रक्रिया से जल्दी आगे बढ़ाने की कोशिश होती थी। अभी सामने आई जानकारी के मुताबिक, डिजिटल बातचीत ने जांचकर्ताओं को आवेदकों और दोनों आरोपियों के बीच संपर्क का पैटर्न समझने में मदद की। मामला अमेरिकी अटॉर्नी ऑफिस, Northern District of Texas की जांच से जुड़ा है।

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पूर्व USCIS अधिकारी पर क्या आरोप हैं?

अभियोजकों के अनुसार, गनियू ने USCIS में अपने पद का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया। कुछ आवेदनों को सामान्य प्रक्रिया से आगे बढ़ाया गया। आरोप है कि कई मामलों में क्रिमिनल बैकग्राउंड चेक, इंटरव्यू और दूसरी जरूरी जांच पूरी होने से पहले आवेदन आगे बढ़ाए गए। गनियू ने कथित तौर पर USCIS सिस्टम में जानकारी भी बदली। उन्होंने Minneapolis, Charlotte और Houston के USCIS फील्ड ऑफिस से कुछ मामले हटाकर खुद मंजूर किए। इससे स्थानीय अधिकारियों की निगरानी प्रक्रिया को कथित तौर पर दरकिनार किया गया। अभियोजकों का यह भी आरोप है कि गनियू ने सोमोये की नागरिकता की प्रक्रिया तेज की। इसके बाद सोमोये की पत्नी और बच्चे के रेजिडेंसी आवेदन भी मंजूर किए।

करीब 9.6 लाख डॉलर की रिश्वत का आरोप

कोर्ट दस्तावेजों के मुताबिक, गनियू ने नागरिकता आवेदकों से 671,438 डॉलर Zelle और Cash App के जरिए लिए। इसके अलावा 287,830 डॉलर नकद जमा के जरिए मिले। अभियोजकों का कहना है कि नकद जमा का इस्तेमाल पैसे का स्रोत छिपाने के लिए किया गया। सोमोये पर वित्तीय बिचौलिए की भूमिका निभाने का आरोप है। उसने आवेदकों से जुड़े खातों, Zelle और Cash App के जरिए करीब 1.7 मिलियन डॉलर के लेनदेन संभाले। उसने कथित तौर पर इसमें से कुछ पैसा अपने पास रखा और 449,010 डॉलर नकद जमा किया। अभियोजकों के मुताबिक, दोनों आरोपी और आवेदक अक्सर पैसों का लेनदेन करते थे। ज्यादातर नागरिकता आवेदन अफ्रीकी देशों से जुड़े आवेदकों के थे।

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गनियू ने मार्च में USCIS छोड़ा

गनियू ने मार्च में USCIS से इस्तीफा दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने इस्तीफे की वजह निजी कारण बताई थी। इसके कुछ महीनों बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अभी ये सभी आरोप हैं। अदालत में आरोप साबित होना बाकी है। मामले की जांच में डिजिटल मैसेज, कॉल और वित्तीय लेनदेन अहम कड़ियां बने हुए हैं।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।