Leanwatts ने दो चरणों में 2 मिलियन डॉलर जुटाए, जानें स्टार्टअप के EV चार्जर, नए पावर इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद ।
Startup Funding News : क्या एक भारतीय स्टार्टअप देश से ही दुनिया के लिए पावर इलेक्ट्रॉनिक्स बना सकता है? ताजा खबर में हैदराबाद के Leanwatts ने 2 मिलियन डॉलर (करीब ₹18.15 करोड़) की सीड फंडिंग जुटाई है। यह रकम दो चरणों में मिली। निवेश की अगुवाई Trivest Partners ने की, जबकि एंजल निवेशक अब्राहम जॉर्ज और आलोक रूंगटा भी इस दौर में शामिल रहे।
Leanwatts Funding News: दो चरणों में मिली फंडिंग
Leanwatts की स्थापना अक्टूबर 2023 में प्रदीप चौधरी, अभिलाष रेड्डी और सुजीत कुमार ने की थी। तीनों BITS Pilani, BITS Pilani और NIT Surathkal-IIM Udaipur से पढ़े हैं। कंपनी हैदराबाद की अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से पावर इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बनाती है। इसके पास हार्डवेयर डिजाइन, एम्बेडेड फर्मवेयर, सॉफ्टवेयर, प्रोडक्ट इंजीनियरिंग, परीक्षण और गुणवत्ता की इन-हाउस क्षमता है। निवेशक समूह में अनुभवी निवेश पेशेवरों के साथ IIT Kanpur और IIM Ahmedabad के पूर्व छात्र भी शामिल हैं।
EV चार्जिंग से आगे बढ़ रहा Leanwatts
Leanwatts ने शुरुआत EV चार्जिंग से की थी। अभी कंपनी 500W से 6.6kW तक के हाई-एफिशिएंसी और हाई-पावर-डेंसिटी पोर्टेबल व ऑनबोर्ड चार्जर बनाती है। इनका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक दोपहिया, L2 और L5 वाहन और ई-ट्रैक्टर में होता है। अब कंपनी पब्लिक चार्जिंग समाधान, रेक्टिफायर, पावर मॉड्यूल, हाइब्रिड इन्वर्टर और दूसरे पावर कन्वर्जन उत्पादों में भी विस्तार कर रही है।
READ MORE: Rezolv को AI लेंडिंग के लिए मिला 12.5 मिलियन डॉलर का फंडिंग
नई फंडिंग से मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन मजबूत होगी
सह-संस्थापक अभिलाष रेड्डी के मुताबिक, नई पूंजी का इस्तेमाल सप्लाई चेन मजबूत करने, स्थानीयकरण बढ़ाने और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने में किया जाएगा। Leanwatts इंजीनियरिंग संस्थानों के साथ उद्योग-केंद्रित R&D कार्यक्रमों पर भी काम कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य भारत के पावर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में विशेषज्ञ इंजीनियरिंग क्षमता को मजबूत करना है।
READ MORE: कोयंबटूर के टॉप 10 AI स्टार्टअप्स 2026
कंपनी ने बताया कि वह मार्च 2027 तक करीब 60 करोड़ का सालाना राजस्व रन-रेट हासिल करने का लक्ष्य रखती है। इसके लिए मौजूदा EV कार्यक्रमों को बढ़ाने और नए पावर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में विस्तार पर जोर रहेगा।
