Coldcard Hacker फिर एक्टिव, 20.5 Bitcoin सीधे Ether में बदले

Coldcard Hacker फिर एक्टिव, 20.5 Bitcoin सीधे Ether में बदले

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September 3, 2026

Coldcard Hacker : 2 सितंबर को Wave 3 से जुड़े ऑपरेटर ने करीब 20.5 BTC को THORChain के जरिए Ether में बदलना शुरू किया। यह Waves 1, 2 और 3 से जुड़े मूल हैकर पतों से पहली पुष्टि हुई फंड मूवमेंट है। Galaxy Research के प्रमुख ने बुधवार देर रात इस ट्रांजैक्शन की जानकारी दी। उनके मुताबिक Bitcoin पहले कई वॉलेट और 2-of-2 लेनदेन से गुजरकर THORChain के इनबाउंड वॉल्ट तक पहुंचा। वहां से भुगतान Ethereum नेटवर्क पर पहुंचा।

Coldcard Wallet Exploit में बड़ा खुलासा, हैकर ने 20.5 BTC THORChain के जरिए Ether में बदला

20.5 BTC को Ether में बदला गया

Thorn के ऑन-चेन विश्लेषण के मुताबिक Wave 3 के करीब 20.5 BTC को THORChain के क्रॉस-चेन एक्सचेंज के जरिए दूसरी चेन पर भेजा गया। चोरी के सिक्के पहले पीड़ित पतों से कलेक्टर वॉलेट में पहुंचे। इसके बाद ये Pay-to-Witness-Script-Hash वॉल्ट और कई 2-of-2 चरणों से गुजरे। आखिर में फंड THORChain के इनबाउंड वॉल्ट तक पहुंचे। Thorn ने कहा कि Waves 1, 2 और 3 से जुड़े मूल हैकर पतों से बाहर निकलने वाली यह पहली फंड मूवमेंट है। हालांकि, Wave 3 की करीब 90% होल्डिंग अभी भी नहीं चली है। कुछ स्वैप प्रयास वापस भी किए गए। इसके बाद ऑपरेटर ने दोबारा कोशिश की।

Coldcard Wallet Exploit में अब तक करीब 115 मिलियन डॉलर का नुकसान

नए ट्रांजैक्शन से पूरी चोरी की तस्वीर नहीं बदलती। Galaxy के बाद के सार्वजनिक आंकड़ों में हाई-कॉन्फिडेंस नुकसान करीब 1,789 BTC बताया गया है। यह रकम चोरी के समय करीब 115 मिलियन डॉलर की थी और 8,800 से ज्यादा पतों से जुड़ी थी। Wave 3 पहले की लहरों से थोड़ा अलग था। इसमें एक कलेक्टर वॉलेट के बजाय सैकड़ों अलग-अलग वॉल्ट मिले थे। 2 सितंबर तक इन स्क्रिप्ट को मुख्य रूप से हैश-लॉक्ड आउटपुट के तौर पर देखा गया था। पहले खर्च से 2-of-2 मल्टीसिग्नेचर संरचना सामने आई। बाद के ट्रांजैक्शन में अलग-अलग की-पेयर के साथ इसी तरह का पैटर्न दिखा।

Coldcard Wallet Exploit में वॉलेट पैटर्न भी बदला

Thorn के मुताबिक नए कैश-आउट वॉलेट का सॉफ्टवेयर पैटर्न जुलाई और अगस्त की शुरुआती चोरी से अलग था। बाद के ट्रांजैक्शन में Replace-by-Fee का इस्तेमाल हुआ और ज्यादा फीस दी गई। THORChain डिपॉजिट एक अलग इंटरफेस से आए। इनमें OP_RETURN मेमो और ‘sto’ का एफिलिएट टैग दिखा। हालांकि, इन संकेतों से ऑपरेटर की पहचान साबित नहीं होती। अभी Wave 3 का ज्यादातर Bitcoin पुराने वॉल्ट में ही पड़ा है। यह शुरुआती Waves जैसा ही पैटर्न है, जहां 30 जुलाई की पहली चोरी के बाद भी फंड कई हफ्तों तक नहीं हिले।

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Coldcard की खामी और यूजर्स के लिए जरूरी चेतावनी

यह चोरी Coinkite की ओर से 30 जुलाई को बताई गई सीड-जनरेशन खामी के बाद सामने आई। कंपनी के अनुसार मार्च 2021 से जारी कुछ Coldcard फर्मवेयर में सीड की एन्ट्रॉपी उम्मीद से कमजोर थी। डिवाइस को दूर से हैक नहीं किया गया था। हमलावरों ने कमजोर सीड से जुड़ी चाबियां ऑफलाइन तैयार कीं और फंड वाले पतों से Bitcoin खर्च किया।

Coinkite ने बाद में फर्मवेयर अपडेट जारी किया, लेकिन कंपनी ने साफ किया कि पुराने कमजोर सॉफ्टवेयर पर बनाई गई सीड सिर्फ फर्मवेयर अपडेट करने से सुरक्षित नहीं होगी। यूजर को नए फिक्स्ड फर्मवेयर पर नई सीड बनाकर फंड ट्रांसफर करना होगा। कंपनी ने यह भी कहा कि TAPSIGNER, OPENDIME और SATSCARD इस खामी से प्रभावित नहीं थे। कम से कम 50 स्वतंत्र प्राइवेट डाइस रोल से बनाई गई सीड को भी पर्याप्त एन्ट्रॉपी वाला अपवाद माना गया है।

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Wave 3 से Bitcoin का Ether में जाना चोरी के बाद गतिविधि में बड़ा बदलाव दिखाता है। हालांकि, ज्यादातर फंड अभी भी वहीं हैं। प्रभावित यूजर्स के लिए सबसे अहम कदम नई सीड बनाकर अपने फंड को सुरक्षित पते पर ले जाना है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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