Coldcard Hacker : 2 सितंबर को Wave 3 से जुड़े ऑपरेटर ने करीब 20.5 BTC को THORChain के जरिए Ether में बदलना शुरू किया। यह Waves 1, 2 और 3 से जुड़े मूल हैकर पतों से पहली पुष्टि हुई फंड मूवमेंट है। Galaxy Research के प्रमुख ने बुधवार देर रात इस ट्रांजैक्शन की जानकारी दी। उनके मुताबिक Bitcoin पहले कई वॉलेट और 2-of-2 लेनदेन से गुजरकर THORChain के इनबाउंड वॉल्ट तक पहुंचा। वहां से भुगतान Ethereum नेटवर्क पर पहुंचा।
Coldcard Wallet Exploit में बड़ा खुलासा, हैकर ने 20.5 BTC THORChain के जरिए Ether में बदला
20.5 BTC को Ether में बदला गया
Thorn के ऑन-चेन विश्लेषण के मुताबिक Wave 3 के करीब 20.5 BTC को THORChain के क्रॉस-चेन एक्सचेंज के जरिए दूसरी चेन पर भेजा गया। चोरी के सिक्के पहले पीड़ित पतों से कलेक्टर वॉलेट में पहुंचे। इसके बाद ये Pay-to-Witness-Script-Hash वॉल्ट और कई 2-of-2 चरणों से गुजरे। आखिर में फंड THORChain के इनबाउंड वॉल्ट तक पहुंचे। Thorn ने कहा कि Waves 1, 2 और 3 से जुड़े मूल हैकर पतों से बाहर निकलने वाली यह पहली फंड मूवमेंट है। हालांकि, Wave 3 की करीब 90% होल्डिंग अभी भी नहीं चली है। कुछ स्वैप प्रयास वापस भी किए गए। इसके बाद ऑपरेटर ने दोबारा कोशिश की।
Coldcard Wallet Exploit में अब तक करीब 115 मिलियन डॉलर का नुकसान
नए ट्रांजैक्शन से पूरी चोरी की तस्वीर नहीं बदलती। Galaxy के बाद के सार्वजनिक आंकड़ों में हाई-कॉन्फिडेंस नुकसान करीब 1,789 BTC बताया गया है। यह रकम चोरी के समय करीब 115 मिलियन डॉलर की थी और 8,800 से ज्यादा पतों से जुड़ी थी। Wave 3 पहले की लहरों से थोड़ा अलग था। इसमें एक कलेक्टर वॉलेट के बजाय सैकड़ों अलग-अलग वॉल्ट मिले थे। 2 सितंबर तक इन स्क्रिप्ट को मुख्य रूप से हैश-लॉक्ड आउटपुट के तौर पर देखा गया था। पहले खर्च से 2-of-2 मल्टीसिग्नेचर संरचना सामने आई। बाद के ट्रांजैक्शन में अलग-अलग की-पेयर के साथ इसी तरह का पैटर्न दिखा।
Coldcard Wallet Exploit में वॉलेट पैटर्न भी बदला
Thorn के मुताबिक नए कैश-आउट वॉलेट का सॉफ्टवेयर पैटर्न जुलाई और अगस्त की शुरुआती चोरी से अलग था। बाद के ट्रांजैक्शन में Replace-by-Fee का इस्तेमाल हुआ और ज्यादा फीस दी गई। THORChain डिपॉजिट एक अलग इंटरफेस से आए। इनमें OP_RETURN मेमो और ‘sto’ का एफिलिएट टैग दिखा। हालांकि, इन संकेतों से ऑपरेटर की पहचान साबित नहीं होती। अभी Wave 3 का ज्यादातर Bitcoin पुराने वॉल्ट में ही पड़ा है। यह शुरुआती Waves जैसा ही पैटर्न है, जहां 30 जुलाई की पहली चोरी के बाद भी फंड कई हफ्तों तक नहीं हिले।
READ MORE: रूस में क्रिप्टो नियम बदले, ट्रेडिंग आसान और पेमेंट बैन
Coldcard की खामी और यूजर्स के लिए जरूरी चेतावनी
यह चोरी Coinkite की ओर से 30 जुलाई को बताई गई सीड-जनरेशन खामी के बाद सामने आई। कंपनी के अनुसार मार्च 2021 से जारी कुछ Coldcard फर्मवेयर में सीड की एन्ट्रॉपी उम्मीद से कमजोर थी। डिवाइस को दूर से हैक नहीं किया गया था। हमलावरों ने कमजोर सीड से जुड़ी चाबियां ऑफलाइन तैयार कीं और फंड वाले पतों से Bitcoin खर्च किया।
Coinkite ने बाद में फर्मवेयर अपडेट जारी किया, लेकिन कंपनी ने साफ किया कि पुराने कमजोर सॉफ्टवेयर पर बनाई गई सीड सिर्फ फर्मवेयर अपडेट करने से सुरक्षित नहीं होगी। यूजर को नए फिक्स्ड फर्मवेयर पर नई सीड बनाकर फंड ट्रांसफर करना होगा। कंपनी ने यह भी कहा कि TAPSIGNER, OPENDIME और SATSCARD इस खामी से प्रभावित नहीं थे। कम से कम 50 स्वतंत्र प्राइवेट डाइस रोल से बनाई गई सीड को भी पर्याप्त एन्ट्रॉपी वाला अपवाद माना गया है।
READ MORE: XRP ETF में अरबों आए, Smart Money हुआ एक्टिव
Wave 3 से Bitcoin का Ether में जाना चोरी के बाद गतिविधि में बड़ा बदलाव दिखाता है। हालांकि, ज्यादातर फंड अभी भी वहीं हैं। प्रभावित यूजर्स के लिए सबसे अहम कदम नई सीड बनाकर अपने फंड को सुरक्षित पते पर ले जाना है।
