AI डेटा सेंटर की लागत: निर्माण, GPU, बिजली और इंफ्रास्ट्रक्चर का खर्च

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September 2, 2026

Data Center Construction 2026 :  क्या आप जानते हैं कि 2026 में डेटा सेंटर बनाना पहले से कहीं ज्यादा महंगा हो गया है? ताजा अनुमानों के मुताबिक, 2026 में ग्लोबल डेटा सेंटर पर खर्च 650 अरब डॉलर से ज्यादा पहुंच सकता है। यह पिछले साल के मुकाबले 31.7% की बड़ी बढ़ोतरी होगी। AI के बढ़ते इस्तेमाल ने डेटा सेंटर की मांग तेज कर दी है, लेकिन सिर्फ सर्वर और चिप खरीदना ही महंगा नहीं है। बिजली, कूलिंग, नेटवर्किंग, सुरक्षा और निर्माण पर भी बड़ा खर्च आता है। ऐसे में डेटा सेंटर निर्माण लागत समझना किसी भी नए प्रोजेक्ट के लिए सबसे जरूरी कदम है।

2026 में डेटा सेंटर की लागत कितनी है?

डेटा सेंटर बनाने की लागत उसके आकार, जगह, डिजाइन और इस्तेमाल होने वाली तकनीक पर निर्भर करती है। JLL की 2026 ग्लोबल डेटा सेंटर आउटलुक रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में औसत निर्माण लागत करीब 11.3 मिलियन डॉलर प्रति मेगावाट तक पहुंच सकती है। AI के लिए बनाए जा रहे डेटा सेंटर इससे भी महंगे हो सकते हैं। इनमें ज्यादा पावर और खास लिक्विड कूलिंग की जरूरत होती है। ऐसे प्रोजेक्ट में लागत 20 मिलियन डॉलर प्रति मेगावाट से ऊपर जा सकती है। प्रति वर्ग फुट खर्च भी तेजी से बढ़ा है। सामान्य डेटा सेंटर के लिए यह लागत करीब 600 डॉलर से 1,100 डॉलर प्रति वर्ग फुट हो सकती है। AI आधारित सुविधाओं में यह आंकड़ा 1,500 डॉलर से 3,000 डॉलर या उससे ज्यादा तक पहुंच सकता है। कुशमैन एंड वेकफील्ड के अनुसार, औसत लागत करीब $1,000 प्रति वर्ग फुट हो गई है। यह पिछले साल की तुलना में लगभग 50% ज्यादा है।

छोटे से हाइपरस्केल सेंटर तक खर्च अलग

हर डेटा सेंटर का बजट एक जैसा नहीं होता। सुविधा के आकार और क्षमता के हिसाब से लागत बदलती है।

  • स्मॉल इंटरप्राइज: 8 डॉलर से 10 मिलियन डॉलर प्रति मेगावाट, करीब 600 डॉलर से 800 डॉलर प्रति वर्ग फुट
  • मध्यम उद्यम: 10 डॉलर से 12 मिलियन डॉलर प्रति मेगावाट, करीब 800 डॉलर से 1,000 डॉलर प्रति वर्ग फुट
  • बड़े/को-लोकेशन सेंटर: 11 डॉलर से 14 मिलियन डॉलर प्रति मेगावाट, करीब 900 डॉलर से 1,100 डॉलर प्रति वर्ग फुट
  • हाइपरस्केल सेंटर: 12 डॉलर से 20 मिलियन डॉलर या ज्यादा प्रति मेगावाट
  • AI-अनुकूलित सेंटर: 20 डॉलर से 30 मिलियन डॉलर या ज्यादा प्रति मेगावाट

हाइपरस्केल डेटा सेंटर आमतौर पर 100 मेगावाट से ज्यादा क्षमता वाले होते हैं। वहीं, AI आधारित सुविधाओं में जरूरत के हिसाब से पैमाना अलग हो सकता है।

सबसे ज्यादा खर्च GPU और पावर पर

AI डेटा सेंटर में सबसे बड़ा खर्च हाई-पावर कंप्यूटिंग हार्डवेयर पर आता है। कुल बजट का करीब 50% से 70% हिस्सा GPU, सर्वर और स्टोरेज जैसे उपकरणों पर खर्च हो सकता है। Nvidia जैसी कंपनियों के शक्तिशाली AI चिप्स इस लागत का बड़ा हिस्सा बनते हैं। AI मॉडल चलाने के लिए काफी ज्यादा बिजली चाहिए। इसलिए डेटा सेंटर में अलग पावर सब-स्टेशन, ग्रिड कनेक्शन और बैकअप जनरेटर की जरूरत पड़ती है। कूलिंग भी अब बड़ा खर्च बन चुकी है। पुराने एयर-कूलिंग सिस्टम हाई-डेंसिटी AI सर्वर के लिए पर्याप्त नहीं हो सकते। ऐसे में लिक्विड कूलिंग सिस्टम और उससे जुड़ी पाइपिंग पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है।

नेटवर्किंग और सुरक्षा भी बढ़ाते हैं बजट

डेटा सेंटर में सिर्फ सर्वर लगाने से काम पूरा नहीं होता। तेज और भरोसेमंद डेटा ट्रांसफर के लिए हाई-स्पीड नेटवर्क की जरूरत होती है। इसमें केबलिंग, स्ट्रक्चर्ड केबलिंग सिस्टम, टॉप-ऑफ-रैक स्विच, कोर और डिस्ट्रीब्यूशन स्विच तथा ऑप्टिकल ट्रांसीवर शामिल होते हैं। AI वर्कलोड में GPU के बीच तेज कनेक्शन की जरूरत के कारण नेटवर्किंग खर्च और बढ़ सकता है। को-लोकेशन डेटा सेंटर में कई ग्राहक एक ही सुविधा का इस्तेमाल करते हैं। हर ग्राहक की जरूरत अलग होने के कारण प्रति यूनिट नेटवर्किंग लागत ज्यादा हो सकती है। सुरक्षा पर भी समझौता नहीं किया जा सकता। एक्सेस कंट्रोल, निगरानी कैमरे, फायर डिटेक्शन, सुरक्षा लाइटिंग और जरूरी प्रमाणन पर खर्च होता है। इन प्रमाणनों और ऑडिट की लागत आगे भी जारी रहती है।

डिजाइन और प्लानिंग में भी बड़ा खर्च

डेटा सेंटर की डिजाइन और योजना को अक्सर कम आंका जाता है। इसमें इंजीनियरिंग स्टडी, आर्किटेक्चरल डिजाइन, स्ट्रक्चरल और सिविल इंजीनियरिंग, MEP इंजीनियरिंग, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और क्षमता की योजना शामिल होती है। इन सभी को मिलाकर सॉफ्ट कॉस्ट कुल प्रोजेक्ट वैल्यू का करीब 8% से 15% हो सकती है। शुरुआत में सही योजना बनाने से बाद में महंगे बदलाव और देरी से बचा जा सकता है। यही वजह है कि डेटा सेंटर प्रोजेक्ट में जगह चुनने से लेकर बिजली की उपलब्धता और भविष्य की क्षमता तक हर चीज पहले से तय करना जरूरी है।

कमीशनिंग में देरी पड़ सकती है भारी

डेटा सेंटर शुरू करने से पहले कमीशनिंग जरूरी होती है। इसमें यह जांचा जाता है कि सभी सिस्टम डिजाइन के मुताबिक काम कर रहे हैं या नहीं। कमीशनिंग पर कुल प्रोजेक्ट लागत का करीब 1% से 3% खर्च हो सकता है। यह खर्च छोटा लग सकता है, लेकिन इससे भविष्य में सिस्टम फेल होने, दोबारा काम कराने और डाउनटाइम के बड़े नुकसान से बचा जा सकता है। आजकल कमीशनिंग विशेषज्ञों को प्रोजेक्ट में 12 से 18 महीने पहले शामिल किया जा रहा है। अगर इस प्रक्रिया में देर होती है, तो पूरे प्रोजेक्ट की समयसीमा और लागत प्रभावित हो सकती है।

AI के साथ डेटा सेंटर की मांग तेजी से बढ़ी

दुनियाभर में डेटा सेंटर क्षमता 2025 के करीब 103 GW से बढ़कर 2030 तक 200 GW होने का अनुमान है। JLL के अनुसार, इस क्षमता को पूरा करने के लिए करीब 3 ट्रिलियन डॉलर तक निवेश की जरूरत पड़ सकती है। 2026 में डेटा सेंटर की बिजली खपत में करीब 26% बढ़ोतरी का अनुमान है। AI के कारण सर्वर की क्षमता और रैक डेंसिटी बढ़ रही है। इसका सीधा असर बिजली और कूलिंग की जरूरत पर पड़ रहा है। यही वजह है कि आज डेटा सेंटर को सिर्फ एक इमारत के तौर पर देखना सही नहीं होगा। यह बिजली, नेटवर्क, कूलिंग, सुरक्षा और कंप्यूटिंग का बड़ा सिस्टम है।

सही प्लानिंग से लागत पर लग सकता है कंट्रोल

डेटा सेंटर निर्माण लागत 2026 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। इसके बावजूद कंपनियां कुछ तरीकों से खर्च को नियंत्रित कर सकती हैं। फेज में निर्माण करना, सप्लायर्स से जल्दी बातचीत शुरू करना और भविष्य की क्षमता को ध्यान में रखकर डिजाइन तैयार करना मददगार हो सकता है। बिजली और कूलिंग की योजना शुरुआत में सही रखना भी बेहद जरूरी है। अभी AI और डिजिटल सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। इसलिए डेटा सेंटर में निवेश करने वाली कंपनियों के लिए शुरुआती बजट के साथ लंबे समय की लागत का हिसाब रखना भी जरूरी है।

Conclusion: 2026 में डेटा सेंटर बनाना एक बड़ा वित्तीय फैसला है। AI के कारण पावर, कूलिंग और हार्डवेयर की लागत बढ़ रही है। ऐसे में मजबूत प्लानिंग और सही बजट ही प्रोजेक्ट को समय और खर्च दोनों के मामले में बेहतर बना सकता है।

सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले टॉप 5 FAQ

1. 2026 में डेटा सेंटर बनाने की औसत लागत कितनी है?

2026 में डेटा सेंटर की औसत निर्माण लागत करीब 11.3 मिलियन डॉलर प्रति मेगावाट तक पहुंच सकती है। AI डेटा सेंटर में यह 20 मिलियन डॉलर प्रति मेगावाट से ज्यादा हो सकती है।

2. AI डेटा सेंटर ज्यादा महंगे क्यों होते हैं?

AI डेटा सेंटर में ज्यादा पावर वाले GPU, सर्वर और खास लिक्विड कूलिंग सिस्टम की जरूरत होती है। इसलिए इनकी लागत सामान्य डेटा सेंटर से ज्यादा होती है।

3. डेटा सेंटर की लागत में सबसे बड़ा खर्च किस चीज का होता है?

GPU, सर्वर और स्टोरेज सबसे बड़े खर्चों में शामिल हैं। इन पर कुल बजट का करीब 50% से 70% तक खर्च हो सकता है।

4. डेटा सेंटर में कूलिंग इतनी जरूरी क्यों है?

AI सर्वर काफी गर्मी पैदा करते हैं। उन्हें सुरक्षित तापमान पर चलाने के लिए खास कूलिंग सिस्टम की जरूरत होती है। बड़े AI सेंटर में लिक्विड कूलिंग का इस्तेमाल बढ़ रहा है।

5. डेटा सेंटर बनाने से पहले किन चीजों पर ध्यान देना चाहिए?

पावर सप्लाई, कूलिंग, जगह, नेटवर्किंग, सुरक्षा, डिजाइन और भविष्य की क्षमता पर पहले से ध्यान देना चाहिए। सही प्लानिंग से लागत और प्रोजेक्ट में देरी का जोखिम कम किया जा सकता है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।