एक महीने में सोना 15% उछला, अब आगे क्या होगा?

एक महीने में सोना 15% उछला, अब आगे क्या होगा?

7 mins read
11 views
August 27, 2026

Gold Investment: सोना में हालिया गिरावट के बाद सोने की कीमत में सिर्फ एक महीने में करीब 15% की तेजी आई है। यह 4 महीने से ज्यादा समय में इसकी सबसे बड़ी रैली है। अभी Gold इस साल के 5,500 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर से करीब 16% नीचे है।

सोने की कीमत में एक महीने में 15% की तेजी, जानिए गोल्ड की कीमत बढ़ने की बड़ी वजहें और क्या यह फिर 5,500 डॉलर का रिकॉर्ड छू सकता है।

सोने की कीमत में तेजी क्यों आई?

इस साल Gold ने निवेशकों को लगातार चौंकाया है। जनवरी में कीमत 5,500 डॉलर प्रति औंस के पार चली गई थी। इसके बाद अगस्त तक यह करीब 4,600 डॉलर तक फिसल गई। ईरान को लेकर बढ़े तनाव, तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित दर बढ़ोतरी ने दबाव बनाया। अब तस्वीर बदलती दिख रही है। गोल्ड ETF में निवेश फिर बढ़ा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक, ग्लोबल ETF होल्डिंग्स में करीब 23 टन सोना जुड़ा। अगस्त की शुरुआत से यह आंकड़ा करीब 45 टन रहा है।

सेंट्रल बैंक भी लगातार खरीद रहे सोना

सोने की तेजी को केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से भी बड़ा सहारा मिल रहा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, दूसरी तिमाही में केंद्रीय बैंकों ने 288.9 टन सोना खरीदा। यह एक साल पहले के मुकाबले 62% ज्यादा है। दक्षिण कोरिया भी इस दौड़ में लौट आया है। उसका केंद्रीय बैंक करीब 13 साल बाद गोल्ड मार्केट में खरीदारी करता दिखा है। रिजर्व मैनेजर सोने को डॉलर और दूसरे वित्तीय जोखिमों से बचाव के लिए अहम मान रहे हैं। काउंसिल के सर्वे में 89% लोगों को उम्मीद है कि अगले साल वैश्विक गोल्ड रिजर्व बढ़ेंगे। वहीं रिकॉर्ड 45% लोगों का मानना है कि वे अपनी गोल्ड होल्डिंग्स बढ़ाएंगे।

READ MORE: Gold Price 14 Aug: क्या आज फिर महंगा हुआ सोना?

फेड, डॉलर और ट्रेजरी का भी असर

अभी अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें भी गोल्ड के पक्ष में हैं। CME फेडवॉच के अनुसार, अगले महीने फेड के दरें स्थिर रखने की संभावना करीब 61% मानी जा रही है, जबकि दर बढ़ने की संभावना 42% है। अमेरिकी ट्रेजरी ने लंबी अवधि वाली ट्रेजरी सिक्योरिटीज के बायबैक का आकार बढ़ाने का फैसला किया है। हर ऑपरेशन में कम से कम 4 अरब डॉलर की खरीद की योजना है। इसका मकसद लंबी अवधि की बॉन्ड यील्ड को नियंत्रित रखना है। यील्ड कम होने पर सोना रखने की मौका लागत घटती है। कमजोर डॉलर भी गोल्ड के लिए सकारात्मक है, क्योंकि दूसरी करेंसी रखने वाले खरीदारों के लिए डॉलर में कीमत वाला सोना सस्ता पड़ता है।

READ MORE: Gold Price 26 Aug: सोना 1 लाख के पार, जानें ताजा भाव

क्या 5,500 डॉलर का रिकॉर्ड फिर टूट सकता है?

अभी एक्सपर्ट्स की नजर निवेश मांग पर है। उम्मीद है कि 2026 के बाकी हिस्से में ETF, OTC कारोबार और एशियाई खरीदारी गोल्ड को सहारा देंगे। केंद्रीय बैंक भी बड़े खरीदार बने रह सकते हैं। हालांकि ऊंची कीमतों से गहनों की मांग पर दबाव बना रहेगा। खदान उत्पादन और रीसाइक्लिंग से भी सप्लाई में सीमित बढ़ोतरी की उम्मीद है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

Don't Miss