Stock Market News: क्या कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार जाना भारतीय शेयर बाजार पर भारी पड़ गया? शुक्रवार की सुबह ऐसा ही देखने को मिला। सेंसेक्स 30 और निफ्टी 50 दोनों शुरुआती कारोबार में 1% से ज्यादा गिर गए। कच्चे तेल की बढ़ती कीमत और महंगाई की चिंता ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया।
आज सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ी, कच्चे तेल के 100 डॉलर पार जाने से बाजार और अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा।
सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट
सुबह 10:15 बजे सेंसेक्स 75,500.25 पर कारोबार कर रहा था। इसमें 891.14 अंक यानी 1.17% की गिरावट दर्ज हुई। वहीं निफ्टी 50 23,615.85 के स्तर पर था और 253.75 अंक यानी 1.06% नीचे कारोबार कर रहा था। बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल माना जा रहा है। ब्रेंट क्रूड करीब 100.85 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इसकी कीमत करीब 7% बढ़कर 102 डॉलर के दो महीने के उच्च स्तर तक पहुंच गई।
READ MORE: शेयर बाजार में आज कोहराम, Sensex 400 अंक फिसला
इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
सेंसेक्स 30 में सुबह 10:20 बजे सिर्फ ITC मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में था। इसमें 0.02% की तेजी थी। वहीं, कई बड़े शेयरों में तेज गिरावट दिखी। इनमें M&M 2.29%, INFY 2.41%, INDIGO 2.52%, BHARTIARTL 2.63%, BAJFINANCE 3.04% और ETERNAL 3.24% नीचे कारोबार कर रहे थे। एशियाई बाजारों में भी दबाव रहा। दक्षिण कोरिया का KOSPI इंडेक्स एक समय 5.56% तक टूट गया।
READ MORE: 2026 में AI की दिशा बदल रहे भारत के ये 5 दिग्गज
रुपये को राहत, लेकिन कच्चा तेल बना चिंता
शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 22 पैसे मजबूत होकर 96.51 पर पहुंच गया। माना जा रहा है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप से रुपये को सहारा मिला। हालांकि, भारत के लिए महंगा कच्चा तेल बड़ी चिंता है।
देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयातित तेल पर काफी निर्भर है। तेल महंगा होने से आयात बिल बढ़ सकता है। इससे रुपये पर दबाव और महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। इस बीच, 23 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयरों में 2,999.23 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी। ऐसे माहौल में निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है।
