Maruti Suzuki AI Startups: क्या भारत की सबसे बड़ी कार कंपनी अब AI के भरोसे अपना भविष्य तैयार कर रही है? Maruti Suzuki AI Startup पहल के तहत कंपनी ने 5 नए स्टार्टअप्स को अपने इनोवेशन प्रोग्राम से जोड़ा है। इनमें 4 स्टार्टअप AI पर काम करते हैं, जबकि एक स्टार्टअप इलेक्ट्रिक वाहनों की पुरानी बैटरियों के सुरक्षित रीसाइक्लिंग पर फोकस करेगा।
Maruti Suzuki ने AI और EV टेक्नोलॉजी पर लगाया बड़ा दांव, कंपनी ने 5 नए स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी की है।
AI से बदलेगा Maruti Suzuki का काम करने का तरीका
Maruti Suzuki ने यह पहल IIM बेंगलुरु के स्टार्टअप इनक्यूबेटर NSRCEL के साथ मिलकर शुरू की है। कंपनी ने बताया कि पिछले 7 वर्षों में उसने करीब 7,400 स्टार्टअप्स का मूल्यांकन किया। इनमें से 250 से अधिक के साथ बातचीत हुई और 38 स्टार्टअप्स को बिजनेस पार्टनर बनाया गया। इस बार चुने गए स्टार्टअप्स हैं Sarvam AI, Easework AI, Siftly, CodeMate AI और MiniMines। इनका उद्देश्य कंपनी के अलग-अलग बिजनेस ऑपरेशन को ज्यादा स्मार्ट और तेज बनाना है।
ग्राहक सेवा से सॉफ्टवेयर तक AI का इस्तेमाल
Sarvam AI भारतीय भाषाओं के लिए AI मॉडल तैयार करती है। Maruti Suzuki इसका इस्तेमाल ग्राहकों से बेहतर संवाद के लिए करेगी। Easework AI खरीद प्रक्रिया को ऑटोमेट करेगी, जबकि Siftly AI आधारित सर्च प्लेटफॉर्म पर कंपनी की ऑनलाइन मौजूदगी मजबूत करने में मदद करेगी। वहीं, CodeMate AI सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को तेज और आसान बनाएगी। इससे कंपनी के डिजिटल सिस्टम पहले से ज्यादा प्रभावी बन सकेंगे।
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EV बैटरी रीसाइक्लिंग पर भी खास फोकस
MiniMines इस सूची का इकलौता स्टार्टअप है, जो इस्तेमाल हो चुकी EV बैटरियों से कीमती धातुओं को निकालने का काम करता है। इससे बैटरी वेस्ट कम होगा और दोबारा उपयोग के लिए कच्चा माल भी मिल सकेगा। Maruti Suzuki के एमडी और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने कहा कि AI स्टार्टअप्स ग्राहक अनुभव और बिजनेस की कार्यक्षमता बढ़ाएंगे, जबकि MiniMines पुरानी बैटरियों की सुरक्षित रीसाइक्लिंग में मदद करेगा।
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Maruti Suzuki का यह कदम साफ दिखाता है कि कंपनी अब सिर्फ कार बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती। AI, ऑटोमेशन और EV बैटरी मैनेजमेंट में निवेश करके वह भविष्य की जरूरतों के हिसाब से अपनी तकनीकी क्षमता मजबूत करने की तैयारी कर रही है।
