Gold Rate Today: अगर आप आज सोना खरीदने या बेचने की सोच रहे हैं, तो पहले जानिए भारत के प्रमुख शहरों में आज का सोने का भाव। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। शादी का मौसम, डॉलर-रुपया की चाल और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के संकेत ये सभी कारक आज के सोने के भाव को प्रभावित कर रहे हैं।
आज के सोने के भाव
नीचे दी गई तालिका में भारत के 6 प्रमुख शहरों में 18 कैरेट, 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने का आज का भाव दर्शाया गया है।
| शहर | 18 कैरेट | 22 कैरेट | 24 कैरेट |
| बेंगलुरू | 1,15,434 | 1,40,983 | 1,53,912 |
| चेन्नई | 1,16,472 | 1,42,252
|
1,55,297 |
| दिल्ली | 1,15,434 | 1,40,983
|
1,53,912 |
| मुंबई | 1,16,357 | 1,42,111
|
1,55,143 |
| कोलकाता | 1,15,549 | 1,41,124
|
1,54,065 |
| पुणे | 1,15,434 | 1,40,983 | 1,53,912 |
ये दरें सांकेतिक हैं और इनमें GST, TCS तथा अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं। सटीक भाव के लिए अपने नज़दीकी सर्राफा बाज़ार या जौहरी से संपर्क करें।
कौन सा सोना किसके लिए सही है?
- 24 कैरेट सोना: 24K सोना सबसे शुद्ध (99.9%) होता है। यह सोने के सिक्के, बिस्किट और डिजिटल गोल्ड के रूप में मिलता है। अगर आप सोने में निवेश करना चाहते हैं तो 24K सबसे बेहतर विकल्प है।
- 22 कैरेट सोना: 22K सोने में 91.6% शुद्धता होती है। इसमें थोड़ी मात्रा में तांबा और जस्ता मिलाया जाता है, जिससे गहने टिकाऊ और मज़बूत बनते हैं। भारत में अधिकतर आभूषण इसी कैरेट में बनते हैं।
- 18 कैरेट सोना: 18K में 75% शुद्ध सोना होता है। यह उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो कम बजट में डिज़ाइनर ज्वेलरी खरीदना चाहते हैं।
आज सोने के भाव में अंतर क्यों है?
अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतें अलग होने के पीछे कई कारण हैं।
- राज्य कर और स्थानीय लेवी: हर राज्य में अलग-अलग कर लागू होते हैं।
- ढुलाई और परिवहन लागत: दूर के शहरों में सोना पहुँचाने में अधिक खर्च आता है।
- स्थानीय माँग और आपूर्ति: चेन्नई और कोलकाता में सोने की माँग परंपरागत रूप से अधिक रहती है।
- MCX और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार: वैश्विक सोने की कीमतों का सीधा असर भारतीय बाज़ार पर पड़ता है।
आज सोने की कीमत इतनी ऊँची क्यों है?
8 जून को भारतीय बुलियन बाज़ार में घरेलू मांग और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतों के कारण उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
- डॉलर के मुकाबले रुपये की कमज़ोरी: जब रुपया कमज़ोर होता है, सोना महँगा होता है।
- शादी का मौसम: मई-जुलाई और अक्टूबर-नवंबर में आभूषणों की माँग बढ़ती है।
- वैश्विक अनिश्चितता: भू-राजनीतिक तनाव और मंदी की आशंका में सोना ‘सुरक्षित निवेश’ बन जाता है।
- केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: RBI और अन्य केंद्रीय बैंक लगातार सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं।
सोना खरीदने से पहले इन बातों का ध्यान रखें
- BIS हॉलमार्क ज़रूर जाँचें यह शुद्धता की सरकारी गारंटी है।
- HUID नंबर (6 अंकों का) हर गहने पर होना अनिवार्य है।
- खरीदते समय पक्का बिल लें जिसमें कैरेट, वज़न और मेकिंग चार्ज अलग-अलग लिखे हों।
- डिजिटल गोल्ड या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) निवेश के लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
- त्योहार या धनतेरस पर खरीदारी करने से पहले कीमतों की तुलना करें।
