Share Market News : हफ्ते के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) की शुरुआत कमजोर रही। सोमवार को बाजार खुलते ही निवेशकों में बेचैनी देखने को मिली और बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इसका असर Sensex और Nifty दोनों पर साफ दिखाई दिया। सुबह कारोबार शुरू होते ही BSE का Sensex 430 अंकों की गिरावट के साथ 74,807 के स्तर पर खुला। वहीं, NSE का Nifty 161 अंक टूटकर 23,482 के स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती कमजोरी के बाद बाजार में और दबाव बढ़ा और कुछ ही घंटों में गिरावट काफी ज्यादा हो गई।
Sensex 900 अंक से अधिक टूटा, Nifty 298 अंक नीचे! जानें आज शेयर बाजार में भारी गिरावट के पीछे की 5 बड़ी वजहें।
ताजा कारोबार के दौरान Sensex करीब 945 अंक तक टूटकर 74,292 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, Nifty 298 अंक फिसलकर 23,345 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
इन बड़ी कंपनियों के शेयरों में ज्यादा गिरावट
आज बाजार में कई बड़ी कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। सबसे ज्यादा गिरावट Hindalco, Tata Steel, Reliance और M&M के शेयरों में दर्ज की गई। खासकर मेटल और ऑटो सेक्टर के शेयरों पर दबाव ज्यादा देखने को मिला। बाजार जानकारों का मानना है कि जब बड़े शेयरों में कमजोरी आती है, तो उसका असर पूरे बाजार के माहौल पर पड़ता है और निवेशकों का भरोसा भी कमजोर होता है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमत बनी बड़ी वजह
शेयर बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की तेजी से बढ़ती कीमतें मानी जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल 111 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड ऑयल 1.7% की तेजी के साथ 107.26 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। तेल की कीमत बढ़ने का असर भारत जैसे देशों पर ज्यादा पड़ता है क्योंकि देश अपनी जरूरत का काफी तेल बाहर से खरीदता है। इससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों की लागत बढ़ने का डर रहता है।
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रुपये में कमजोरी ने बढ़ाई चिंता
तेल की कीमतों में उछाल के बीच भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.18 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। कमजोर रुपया आयात को महंगा बनाता है, जिसका असर कई कंपनियों और बाजार पर पड़ता है।
ट्रंप की चेतावनी से बढ़ा तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई नई चेतावनी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि ईरान के पास समझौते के लिए बहुत कम समय बचा है। हालांकि, ईरान ने इस चेतावनी को खारिज कर दिया और कहा कि वह किसी दबाव में नहीं झुकेगा। ईरानी अधिकारियों ने यह भी कहा कि अगर हमला हुआ, तो मिडिल-ईस्ट (Middle East) में अमेरिकी और सहयोगी देशों के ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। इससे तेल सप्लाई रुकने का खतरा बढ़ गया है।
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एशियाई और अमेरिकी बाजारों का भी असर
सोमवार को एशियाई बाजार भी कमजोरी के साथ खुले। जापान का निक्केई 0.2% गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया के Kospi और Kosdaq 2% से ज्यादा टूट गए। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी 0.76% नीचे रहा। वहीं, शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, जिसका असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया।
