AI Thought Reading Tool: कभी सोचा नहीं था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इतने कम समय में बड़ा प्रभाव छोड़ सकता है। एआई अब मनुष्य की तरह जबाव दे सकता है। कठिन से कठिन कार्य का निष्पादन कर सकता है। बड़ी जिम्मेदारी भी ले सकता है। लोगों के लिए पर्सन असिस्टेंट की तरह काम भी कर सकता है। लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब एआई किसी सवाल का जवाब देता है तो उसके अंदर में वास्तव में चल क्या रहा होता है। इसी रहस्य को समझने के लिए एआई कंपनी Anthropic ने एक नया प्रयोग किया है, जिसने टेक दुनिया में हलचल मचा दी है।
Claude AI की आंतरिक गतिविधियों को समझने के लिए Anthropic ने विकसित किया नया NLA सिस्टम, जानें कैसे करता है काम।
क्लाउड के दिमाग को पढ़ने वाला नया टूल
कंपनी ने एक ऐसा नया सिस्टम पेश किया है, जो दावा करता है कि वह एआई मॉडल Claude के आंतरिक सोट को इंसानी भाषा में समझा सकता है। अभी तक एआई के द्वारा दिए गए जवाब तो दिखते हैं लेकिन इसके पीछ चल रही प्रक्रिया के छुपी रहती है। एंथ्रोपिक का यह नया टूल उसी छिपे हुए हिस्से को सामने लाने की कोशिश कर रहा है। सारी बात समझने से पहले एक्टिवेशन्स को समझना होगा कि यह होता क्या है। दरअसल एआई मॉडल्स शब्दों में जवाब देते हैं, लेकिन उनका असली काम संख्याओं और डेटा पैटर्न के माध्यम से होता है। इन्हें एक्टिवेशन्स कहा जाता है। यह ऐसे नंबर होते हैं जिन्हें इंसान सीधे समझ नहीं सकते। लेकिन इन्हीं के आधार पर एआई यह तय करता है कि उसे क्या जवाब देना है। एंथ्रोपिक ने इन्हीं मुश्किल समस्या को दूर करने की तकनीक विकसित की है।
एनलए कैसे काम करते हैं?
कंपनी ने इस तकनीक का नाम Natural Language Autoencoders रखा है। जो मनुष्य की भाषा को बदल रहा है। क्लाउड का एक हिस्सा पहले आंतरिक डेटा पैटर्न बनाता है। वहीं, दूसरा हिस्सा उसे शब्दों में समझाने की कोशिश करता है और तीसरा हिस्सा जांचता है कि यह आंकपन सही है या नहीं। अगर दोनों परिणाम मिलते-जुलते हैं, तो माना जाता है कि एआई की सोच को सही तरीके से समझ लिया गया है।
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पुराने सिस्टम से कितना अलग है यह तरीका
एंथ्रोपिक का कहना है कि पहले भी एआई को समझने के कुछ तरीके मौजूद थे। लेकिन उन्हें समझने के लिए विशेषज्ञों की जरूरत पड़ती थी। नया सिस्टम इस प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश करता है ताकि रिसर्चर्स सीधे साधारण भाषा में जान सकें कि एआई किसी जवाब तक कैसे पहुंचा। एक परीक्षण में क्लाउड को ऐसी स्थिति दिखाई गई, जहां एक इंजीनियर उसे बंद करने की योजना बना रहा था। एआई ने अपने जवाब में सीधे तौर पर कोई शक जाहिर नहीं किया। लेकिन उस मॉडल को यह एहसाह हो गया कि उसे कोई टेस्ट कर रहा है।
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क्या एआई को अपनी जांच का एहसास होता है?
कुछ कोडिंग स्टेट्स में भी मिला कि एआई को शायद यह समझ आ रहा था कि उसकी गतिविधियों का मूल्यांकन हो रहा है। हालांकि एआई ने खुलकर ऐसा कभी नहीं कहा, लेकिन उसके अंदरूनी पैटर्न में इस तरह की जागरूकता के संकेत मिले। यही वजह है कि यह रिसर्च अब एआई सुरक्षा से जुड़ा बड़ा प्रयास माना जा रहा है। हालांकि एंथ्रोपिक ने यह भी स्वीकार किया है कि यह तकनीक अभी पूरी तरह भरोसेमंद नहीं है। कई बार एनएलए ऐसी बातें भी बना सकता है, जो वास्तव में एआई के अंदर मौजूद नहीं थीं। फिलहाल, इसपे अभी काम जारी है। लेकिन आने वाले समय में ऐसी तकनीकें यह तय कर सकती हैं कि मनुष्य एआई के बीच रिश्ता कितना सुरक्षित होगा।
