ECLGS 5.0 Airlines: पश्चिम एशिया में युद्ध की आग अब भारतीय एयरलाइंस की जेब पर भी असर डाल रही है। ईरान युद्ध के चलते विमान ईंधन यानी ATF के दाम बढ़ गए हैं। कई देशों का हवाई रास्ता बंद होने से उड़ानें कम हुई हैं और यात्री भी घटे हैं। ऐसे में एयरलाइन कंपनियों के सामने पैसों की तंगी एक बड़ी मुसीबत बन गई है।
पश्चिम एशिया युद्ध के कारण ATF कीमतों में उछाल से परेशान एयरलाइंस को सरकार ने दी बड़ी राहत, जानें इस योजना की पूरी जानकारी।
सरकार ने उठाया बड़ा कदम
इस मुश्किल घड़ी में केंद्र सरकार ने एयरलाइंस का हाथ थामने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को केंद्रीय कैबिनेट ने Emergency Credit Line Guarantee Scheme (ECLGS 5.0) को मंजूरी दे दी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। इस योजना के तहत एयरलाइंस को 5,000 करोड़ की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन मिलेगी।
कितना और कैसे मिलेगा पैसा?
इस योजना के तहत एक एयरलाइन कंपनी को 1,000 करोड़ तक का लोन मिल सकता है। अगर कंपनी खुद भी उतनी ही रकम इक्विटी के रूप में लगाए, तो 500 करोड़ एक्सट्रा भी मिल सकते हैं। इसके अलावा Q4 FY26 में उपयोग की गई वर्किंग कैपिटल का 20% एक्सट्रा क्रेडिट भी दिया जाएगा, जो एयरलाइंस के लिए 1,500 करोड़ तक जा सकता है।
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लोन चुकाने की शर्तें आसान
सरकार ने लोन की शर्तें भी काफी आसान रखी हैं। लोन की कुल अवधि 7 साल होगी और शुरुआती 2 साल में कोई किस्त नहीं देना होगा। यह मोरेटोरियम सुविधा एयरलाइंस को तुरंत राहत देगी। यह योजना 31 मार्च 2027 तक स्वीकृत सभी लोन पर लागू रहेगी।
गारंटी कौन देगा?
इस पूरी योजना में National Credit Guarantee Trustee Company Limited (NCGTC) गारंटी देने का काम करेगी। MSME को 100% क्रेडिट गारंटी मिलेगी, जबकि एयरलाइंस और अन्य बड़ी कंपनियों को 90% गारंटी कवर दिया जाएगा। यह गारंटी पूरे लोन की अवधि तक बनी रहेगी।
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‘उद्योग को मिलेगी मजबूती’
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि ECLGS 5.0 से एयरलाइंस शॉर्ट टर्म इकोनॉमिक दबाव से बाहर निकल सकेंगी। इससे हजारों नौकरियां सुरक्षित रहेंगी, देश की हवाई कनेक्टिविटी बनी रहेगी और पूरे एविएशन सेक्टर में स्थिरता आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पहले से ATF कीमतों के प्रबंधन और हवाई अड्डा शुल्क घटाने जैसे कदम उठा चुकी है। यह योजना सिर्फ बड़ी एयरलाइंस के लिए नहीं, बल्कि MSME कैटेगरी के छोटे विमानन कारोबारियों के लिए भी फायदेमंद है।
