anthropic-google-cloud-deal-ai

Google-Anthropic 200 अरब डॉलर डील ने मचाया टेक जगत में धमाल!

7 mins read
6 views
May 6, 2026

Anthropic Google deal: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में अब मुकाबला तकनीक से एक कदम आगे बढ़ते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर का होता हुआ दिखाई दे रहा है। Anthropic और Google Cloud के बीच हुआ कथित 200 अरब डॉलर का समझौता इसी बदलाव की झलक देता है। यह डील दिखाती है कि एआई  कंपनियां अब बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग पावर खरीदने के लिए तैयार हैं। पहले क्लाउड कंपनियों के ग्राहक अलग-अलग सेक्टर से आते थे। अब स्थिति बदल गई है। एंथ्रोपिक और ओपनएआई जैसे स्टार्टअप्स खुद ही क्लाउड बिजनेस के सबसे बड़े ग्राहक बन चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बड़े क्लाउड प्लेटफॉर्म्स के फ्यूचर रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा इन्हीं कंपनियों से आने वाला है।

OpenAI और Anthropic जैसे स्टार्टअप्स बने क्लाउड कंपनियों के सबसे बड़े ग्राहक,  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  में निवेश का नया ट्रेंड।

टेक दिग्गजों की दोहरी रणनीति

Alphabet जैसे बड़े समूह भी सर्विस के साथ-साथ एआई  कंपनियों में निवेश भी कर रहे हैं। इसका फायदा यह है कि जब ये स्टार्टअप्स बढ़ते हैं, तो उन्हें उसी इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत पड़ती है, जो ये दिग्गज कंपनियां उपलब्ध कराती हैं। एआई  के इस खेल में  हार्डवेयर भी अहम रोल निभाता है। NVIDIA सहित अन्य कंपनियां चिप्स बना रही हैं। वहीं, क्लाउड कंपनियां उन्हें रन करने का प्लेटफॉर्म दे रही हैं। इस तरह पूरा सिस्टम का चेन आपस में जुड़ गया है।

READ MORE- 42 करोड़ की फंडिंग के बाद Aurm का बड़ा प्लान, हर सोसाइटी में हाई-टेक लॉकर

एक कंपनी पर निर्भरता नहीं

बता दें कि एंथ्रोपिक  सिर्फ एक प्लेटफॉर्म पर निर्भर नहीं है। यह Amazon Web Services, Google और एनवीडिया जैसे कई प्लेटफॉर्म्स और हार्डवेयर का इस्तेमाल करता है। इससे उसे बेहतर परफॉर्मेंस और ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है। इन सारी प्रक्रियाओं जिसका सबसे महत्वपूर्ण रोल दिख रहा है उसमें एआई शामिल है। जिसका असली इंजन डेटा सेंटर, सर्वर और चिप्स हैं। जितनी ज्यादा मांग एआई  की बढ़ेगी, उतनी ही ज्यादा जरूरत इन संसाधनों की होगी। यही कारण है कि टेक कंपनियां इस सेक्टर में भारी निवेश कर रही हैं।

READ MORE- 14M की ताकत के साथ आया नया फिनटेक प्लेयर, देगा फाइनेंशियल सुझाव

बढ़ती मांग ने बढ़ाया खर्च

एआई मॉडल्स को ट्रेन और रन करने के लिए भारी कंप्यूटिंग पावर चाहिए। यही वजह है कि एंथ्रोपिक  और ओपनएआई  जैसी कंपनियां अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं। आने वाले वर्षों में यह खर्च और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है, जिससे क्लाउड इंडस्ट्री को बड़ा फायदा होगा। यह एक ऐसा बिजनेस मॉडल बन चुका है, जहां कंपनियां एक-दूसरे में निवेश भी करती हैं और एक-दूसरे की ग्राहक भी हैं। आने वाले समय में यही मॉडल टेक जगत में बड़ा बदलाव तय करेगा।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

cognizant layoffs 2026
Previous Story

15,000 कर्मचारियों पर संकट, IT सेक्टर में फिर छंटनी की लहर

biker movie netflix trending
Next Story

बिना प्रमोशन सुपरहिट, Netflix पर धमाल मचा रही ये साउथ फिल्म

Latest from Artificial Intelligence

Don't Miss