Stock Market Today: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत हल्की कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में बाजार में गिरावट देखने को मिली क्योंकि वैश्विक संकेत साफ नहीं थे और दुनिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव का असर भी निवेशकों के मन पर दिखा।
BSE Sensex ने शुरुआत में 200 से ज्यादा अंकों की गिरावट दर्ज की और यह करीब 77,450 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं, NSE Nifty 50 भी लगभग 40 अंकों की गिरावट के साथ 24,130 के आसपास खुला, जो सुबह 9:15 बजे की स्थिति में देखा गया।
भारतीय शेयर बाजार में हल्की गिरावट के साथ शुरुआत हुई। Sensex और Nifty में कमजोरी दिखी, जबकि वैश्विक संकेत और कच्चे तेल की कीमतों का असर बाजार पर पड़ा।
प्री-ओपन सेशन में भी दबाव
प्री-ओपन सेशन में भी बाजार में कमजोरी बनी रही। सुबह करीब 9:10 बजे Sensex180.20 अंक यानी 0.23 प्रतिशत गिरकर 77,483.80 पर था। Nifty भी 72.50 अंक यानी 0.30 प्रतिशत टूटकर 24,100.55 पर पहुंच गया। हालांकि, GIFT Nifty थोड़ी मजबूती दिखा रहा था और 46 अंक ऊपर 24,109 पर कारोबार कर रहा था। इससे यह संकेत मिला कि बाजार में गिरावट ज्यादा गहरी नहीं हो सकती।
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता
वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी चिंता अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत को लेकर है। दोनों देशों के बीच अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। इस वजह से निवेशकों में डर बना हुआ है कि अगर तनाव बढ़ा तो इसका असर तेल सप्लाई पर पड़ सकता है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक अहम तेल मार्ग है, जहां किसी भी तरह की बाधा कच्चे तेल की कीमतों को और बढ़ा सकती है। इससे महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
लेबनान-इजरायल संघर्ष में थोड़ी राहत
बाजार के लिए थोड़ी राहत की खबर यह रही कि लेबनान और इजरायल के बीच चल रहा सीजफायर तीन हफ्तों के लिए बढ़ा दिया गया है। यह फैसला अमेरिकी अधिकारियों के साथ हुई बातचीत के बाद लिया गया है। इससे क्षेत्र में कुछ स्थिरता आई है। हालांकि, अन्य भू-राजनीतिक जोखिम अभी भी बने हुए हैं।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
एशिया के प्रमुख बाजारों में भी मिला-जुला प्रदर्शन देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.22 प्रतिशत गिरा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 0.45 प्रतिशत नीचे रहा। वहीं, जापान का निक्केई 225 0.55 प्रतिशत की बढ़त के साथ ऊपर रहा। जापान में कोर महंगाई 1.8 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो पिछले पांच महीनों में पहली बढ़त है।
READ MORE: US-ईरान टेंशन के बीच शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी
कच्चा तेल और कीमती धातुओं की स्थिति
कच्चे तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है और लगभग 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जिसमें 1.44 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। तेल की ऊंची कीमतें भारत के लिए चिंता का कारण हैं क्योंकि इससे महंगाई बढ़ सकती है और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव आ सकता है। वहीं, सोना और चांदी में हल्की गिरावट देखने को मिली। सोना 0.34 प्रतिशत नीचे और चांदी 0.42 प्रतिशत गिरकर कारोबार कर रही थी।
READ MORE: US-Iran टेंशन का असर, शेयर बाजार में भारी बिकवाली शुरू
Q4 नतीजों पर निवेशकों की नजर
अब बाजार की नजर कंपनियों के मार्च तिमाही के नतीजों पर है। ये नतीजे आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव सीमित रहने की संभावना है क्योंकि वैश्विक संकेत मिले-जुले हैं और भू-राजनीतिक अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।
