EV funding trends: इलेक्ट्रिक वाहन अब ग्लोबल ऑटो मार्केट में मजबूत जगह बना चुके हैं। दुनियां के हर चार में से एक नई गाड़ी EV है। यह आंकड़ा तेजी से बढ़त दिखाता है। लेकिन शुरुआती उम्मीदों के हिसाब से यह अभी भी कम माना जा रहा है। क्योंकि ग्रोथ जितनी तेज होनी चाहिए थी वो होते हुए दिखाई नहीं दे रही है। हालांकि ईवी की बिक्री लगातार बढ़ रही है। 2025 में बिक्री 20 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 2.1 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई। International Energy Agency की मानें तो यह एक मजबूत संकेत है। लेकिन ग्रोथ की रफ्तार अब धीमी पड़ रही है। महंगाई, ट्रेड विवाद और सरकारी नीतियों में बदलाव इसके बड़े कारण मानें जा रहे हैं।\
इलेक्ट्रिक वाहन सेक्टर में निवेश बढ़ रहा है, लेकिन पहले जैसा उछाल नहीं दिख रहा। जानिए आखिर क्या है वजह यहां विस्तार से।
निवेशकों का बदला हुआ मूड
इलेक्ट्रिक वाहन सेक्टर में निवेश जारी है। लेकिन अब निवेशक ज्यादा सावधानी बरत रहे हैं। वे बड़े निवेश करने से परहेज कर रहे हैं।कुछ चुनिंदा स्टार्टअप्स को ही बड़ी फंडिंग मिल रही है। इससे साफ है कि बाजार में भरोसा है, लेकिन पहले जैसा जोश नहीं है। 2026 में अब तक EV कंपनियों में करीब 3.6 अरब डॉलर का निवेश हो चुका है। यह पिछले साल से बेहतर स्थिति दिखाता है। इसके अलावे करीब 50 डील्स हो चुकी हैं। लेकिन यह आंकड़ा 2021 के पीक से काफी नीचे है। जब करीब 19 अरब डॉलर का निवेश हुआ था। यानी बाजार अभी पूरी तरह रिकवर नहीं हुआ है।
READ MORE- Dunzo फाउंडर को मिला निवेशकों का साथ, AI स्टार्टअप के लिए 102 करोड़ जुटाई फंडिंग
टेक कंपनियों का बढ़ता दबदबा
इस साल की सबसे बड़ी फंडिंग Wayve को मिली है। यह ऑटोनॉमस ड्राइविंग टेक्नोलॉजी पर काम करती है। कंपनी ने 1.2 अरब डॉलर जुटाए। Slate Auto ने सस्ती इलेक्ट्रिक पिकअप ट्रक पर फोकस किया है। कंपनी ने 65 करोड़ डॉलर की फंडिंग जुटाई है। वहीं Rivian से जुड़ा स्पिन-ऑफ Also भी तेजी से बढ़ रहा है। इसने 20 करोड़ डॉलर जुटाए हैं और डिलीवरी सेक्टर में विस्तार की तैयारी कर रहा है। डीपवे ने 31 करोड़ डॉलर जुटाए हैं। वहीं Xpeng Motors की फ्लाइंग कार यूनिट Aridge ने 20 करोड़ डॉलर की फंडिंग हासिल की है।
READ MORE- 19.5 करोड़ की फंड से PrimeInvestor अब सीधे संभालेगा आपका पैसा
चीन की कंपनियां भी आगे, IPO और एग्जिट में सुस्ती
ईवी सेक्टर में फंडिंग तो आ रही है। लेकिन एग्जिट के मौके कम हैं। हाल ही में Voyah ने हांगकांग में लिस्टिंग की है। भारत की Ather Energy भी बाजार में आ चुकी है। लेकिन अमेरिका में ईवी स्टार्टअप्स आइपीओ से दूर हैं। इससे निवेशकों की सतर्कता साफ दिखती है। ऑटोनॉमस ड्राइविंग स्टार्टअप्स में निवेश रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इससे ईवी सेक्टर को भी फायदा मिल सकता है। क्योंकि बिना ईवी के ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजी अधूरी है।
उक्त बातों के जानने के बाद यह कह सकते हैं कि इलेक्ट्रिक वाहन सेक्टर न तो बहुत कमजोर है और न ही बहुत मजबूत। निवेश की जा रही है लेकिन बड़े सोच-समझकर। लेकिन उम्मीद की जा रही है कि आने वाले सालों में यह सेक्टर फिर से तेज रफ्तार पकड़ सकता है।
