App Store Policy: नई रिपोर्ट ने बड़ी टेक कंपनियों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। टेक ट्रांसपेरेंसी प्रोजेक्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, Apple और Google के ऐप स्टोर पर अब भी ऐसे ऐप्स मौजूद हैं, जिनका गलत इस्तेमाल कर किसी की बिना अनुमति के आपत्तिजनक तस्वीरें बनाई जा सकती हैं।
Apple और Google के ऐप स्टोर पर अब भी ऐसे ऐप्स मौजूद हैं, जो बिना अनुमति आपत्तिजनक तस्वीरें बना सकते है, जानें पूरा मामला और यूजर्स पर इसका असर।
रिपोर्ट में क्या सामने आया?
रिपोर्ट के अनुसार, Campaign for Accountability की रिसर्च टीम ने पाया कि Apple App Store और Google Play Store पर कई ऐसे ऐप्स मिल रहे हैं, जो लोगों की तस्वीरों को एडिट कर एडल्ट बना रहे हैं। ये ऐप्स सिर्फ आम लोगों ही नहीं, बल्कि मशहूर हस्तियों की तस्वीरों के साथ भी छेड़छाड़ करने के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं, जबकि इन कंपनियों की पॉलिसी ऐसे कंटेंट की अनुमति नहीं देती।
सर्च और विज्ञापनों से बढ़ रही पहुंच
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ये ऐप्स सिर्फ स्टोर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सर्च रिजल्ट और विज्ञापनों में भी दिखते हैं। इससे ज्यादा लोग इन तक पहुंच पा रहे हैं।
करोड़ों डाउनलोड और बड़ी कमाई
AppMagic के आंकड़ों के मुताबिक, ऐसे ऐप्स को अब तक करीब 483 मिलियन बार डाउनलोड किया जा चुका है। वहीं, इनसे लगभग 122 मिलियन डॉलर की कमाई भी हो चुकी है। हालांकि, रिपोर्ट सामने आने के बाद कुछ ऐप्स को हटाया गया है और कई डेवलपर्स को अपनी पॉलिसी बदलने के लिए कहा गया है।
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हटाए गए ऐप्स फिर लौट आए
पिछले एक साल में कई देशों के नेताओं ने ऐसे ऐप्स पर रोक लगाने की मांग की थी। इसी साल की शुरुआत में Apple और Google ने कुछ ऐप्स को हटा भी दिया था, लेकिन शोधकर्ताओं के अनुसार, कुछ ही महीनों बाद ऐसे कई नए ऐप्स फिर से स्टोर पर आ गए। इससे यह सवाल उठता है कि क्या इन ऐप्स की ठीक से जांच हो रही है या नहीं।
कितने ऐप्स मिले?
रिपोर्ट के अनुसार, Apple App Store पर 18 और Google Play Store पर 20 ऐसे ऐप्स की पहचान की गई, जिनमें तस्वीरों से कपड़े हटाने जैसे फीचर्स मौजूद थे। इसके अलावा, दोनों प्लेटफॉर्म का ऑटो-कम्प्लीट फीचर भी कभी-कभी यूजर्स को ऐसे ऐप्स तक पहुंचा देता है।
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यूजर्स की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
इस पूरे मामले ने यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जब पॉलिसी साफ है, तब भी ऐसे ऐप्स का बार-बार आना बड़ी समस्या बनता जा रहा है। कुल मिलाकर, अब जरूरत है कि टेक कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म की निगरानी और सख्त करें, ताकि यूजर्स सुरक्षित रह सकें।
