पूर्व यूनिकॉर्न फाउंडर Aleksander Leonard Larsen ने एआई आधारित डिफेंस स्टार्टअप Stendr दे सकती है ड्रोन खतरों से निपटने की नई दिशा

एक्स-यूनिकॉर्न फाउंडर का बड़ा दांव,5.4 मिलियन डॉलर के साथ AI डिफेंस की नई क्रांति, Stendr सुर्खियों में

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April 16, 2026

Ai drone defence startup:  टेक दुनिया का एक बड़ा नाम अब रक्षा क्षेत्र में उतर चुका है। Aleksander Leonard Larsen ने एक बार फिर नई शुरुआत की है। पहले उन्होंने Sky Mavis को खड़ा किया। Axie Infinity को दुनिया का सबसे बड़ा NFT गेम बनाया। कंपनी ने अरबों डॉलर का कारोबार किया। वैल्यूएशन भी तेजी से बढ़ा। अब उनका ध्यान नए तरह के कार्य पर करने पर चला गया है। इस बार लक्ष्य है सुरक्षा। खासकर ड्रोन से होने वाले हमलों को रोकना।

ड्रोन युद्ध के बढ़ते खतरे के बीच Stendr का फुल-स्टैक AI मॉडल रक्षा क्षेत्र में लाने जा रहा है बड़ा बदलाव…जानिए कंपनी की रणनीति।

नई कंपनी, नया खतरा लेकिन बड़ा हौसला

Larsen की नई कंपनी Stendr है। यह एक डिफेंस टेक Startup है। इसका काम AI की मदद से Drone को पहचानना है। खतरे का आकलन करना है और जरूरत पड़ने पर उसे निष्क्रिय करना है। आज के युद्ध में ड्रोन सबसे बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। ये सस्ते हैं इन्हें आसानी से बनाया जा सकता है। ये बहुत तेज उड़ते हैं और झुंड में हमला करने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में पुराने रक्षा सिस्टम कई बार बेअसर हो जाते हैं।

5.4 मिलियन डॉलर की मजबूत शुरुआत

कंपनी ने 5.4 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। यह प्री-सीड फंडिंग है। लेकिन साइज के हिसाब से काफी बड़ी मानी जा रही है। इस राउंड को RainFall, ACME और SkyFall ने लीड किया। इसके अलावा अन्य निवेशकों ने भी भाग लिया। बता दें कि Stendr पूरी प्रणाली बनाना चाहती है। यह हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों पर काम करना चाहती है। सब कुछ AI से संचालित होगा। इसका उद्देश्य एक फुल-स्टैक प्लेटफॉर्म तैयार करना है। जो आने वाले समय में रक्षा तंत्र की नींव बन सके।

क्यों तेजी से बढ़ रही है मांग

यूरोप में काउंटर ड्रोन मार्केट दिनोंदिन काफी तेजी आगे बढ़ रहा है। 2025 में इसका आकार 1.24 बिलियन डॉलर था। अनुमान है कि 2030 तक यह 4.16 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। हर साल लगभग 27 प्रतिशत की दर से वृद्धि हो रही है। बताया जा रहा है कि इसके पीछे कई बड़े कारण हैं। जिनमें यूरोपियन यूनियन  रक्षा क्षमता का बढ़ना है।

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नॉर्वे की रणनीतिक अहमियत

कंपनी का मुख्यालय नॉर्वे में है। रूस के साथ इसकी लंबी सीमा है। नॉर्थ अटलांटिक में इसकी मजबूत उपस्थिति है। देश अपने GDP का बड़ा हिस्सा रक्षा पर खर्च करता है। इसके अलावा Andøya Ventures जैसे निवेशक कंपनी को एडवांस टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच देते हैं। इससे नई तकनीक को तेजी से परखा जा सकता है। कंपनी अपने टीम कई अनुभवी लोगो को भी जोड़ा है। जो किसी परिचय के मोहताज नहीं है।

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आसना नहीं है राह, मिल सकती कड़ी टक्कर

DroneShield यूरोप में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। Thales और Leonardo भी सक्रिय हैं। नॉर्डिक क्षेत्र में Nordic Air Defence भी तेजी से उभर रहा है। ऐसे में बाजार में अपनी जगह बनाना आसान नहीं होगा। फंडिंग मिलना एक अच्छी शुरुआत है। लेकिन असली चुनौती अब सामने है। कंपनी को सरकारी कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने होंगे।

आज युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ड्रोन नई ताकत बनकर उभरे हैं। कम लागत में बड़ा नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखते हैं।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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