IT Rules India 2026: केंद्र सरकार ने Information Technology Rules, 2021 में बड़े संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जाने वाले कंटेंट को ज्यादा सख्त नियमों के दायरे में लाना है। खासकर यूजर्स द्वारा पोस्ट की जाने वाली न्यूज और करंट अफेयर्स से जुड़ी सामग्री अब ज्यादा रेगुलेशन में आ सकती है।
सरकार ने IT Rules 2021 में बड़े बदलाव का प्रस्ताव दिया है, जानिए कैसे सोशल मीडिया पर शेयर की गई खबरों पर अब ज्यादा सख्त निगरानी होगी।
अब यूजर की न्यूज पोस्ट भी नियमों के दायरे में
नए प्रस्ताव के अनुसार, सिर्फ बड़े मीडिया संस्थान ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर आम लोग भी अगर न्यूज या करंट अफेयर्स से जुड़ी पोस्ट शेयर करते हैं, तो वे भी नियमों के दायरे में आ सकते हैं। इसका मतलब यह है कि जो लोग आधिकारिक पब्लिशर नहीं हैं, लेकिन फिर भी खबरें या घटनाओं से जुड़ी जानकारी शेयर करते हैं, उन पर भी निगरानी लागू हो सकती है। ड्राफ्ट में साफ किया गया है कि यह नियम हर उस कंटेंट पर लागू होगा, जो किसी भी तरह से upload, post, share, modify, transmit, store या publish किया जाता है। इससे डिजिटल कंटेंट पर सरकार की निगरानी का दायरा पहले से काफी बढ़ जाएगा।
इंटरमीडियरी कंपनियों की जिम्मेदारी बढ़ी
सरकार ने IT Rules में एक नया Rule 3(4) जोड़ने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य इंटरमीडियरी कंपनियों को सरकार द्वारा जारी किए गए सभी निर्देश, एडवाइजरी, SOP और गाइडलाइंस का पालन करना अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही Section 79 के तहत आने वाले due diligence नियम पहले की तरह लागू रहेंगे, लेकिन उन्हें और सख्ती से पालन करना होगा। सरकार ने यह भी साफ किया है कि पुराने कानूनों जैसे IT Act में कोई बदलाव या टकराव नहीं होगा और सभी मौजूदा शक्तियां पहले की तरह जारी रहेंगी।
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सरकारी निगरानी समिति को ज्यादा अधिकार
नए संशोधन में Rule 14 में भी बदलाव का प्रस्ताव है। इसके तहत Inter-Departmental Committee को और अधिक अधिकार दिए जाएंगे। अब यह समिति न सिर्फ शिकायतों की जांच करेगी, बल्कि मंत्रालय द्वारा भेजे गए मामलों पर भी निर्णय ले सकेगी।
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14 अप्रैल तक मांगे गए सुझाव
सरकार ने इस पूरे ड्राफ्ट पर जनता और सभी स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे हैं। इसके लिए ईमेल के जरिए फीडबैक भेजा जा सकता है और अंतिम तारीख 14 अप्रैल तय की गई है। सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य नियमों को ज्यादा स्पष्ट, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
