Vitalik Buterin AI: Ethereum के को-फाउंडर विटालिक बुटेरिन ने अपना नया पर्सनल कंप्यूटिंग सेटअप शेयर किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य AI टूल्स पर पूरा कंट्रोल हासिल करना और Big Tech कंपनियों के सर्वर पर निर्भरता को खत्म करना है। उन्होंने इसे ‘स्व-संप्रभु, स्थानीय, निजी और सुरक्षित LLM सेटअप’ बताया है, यानी ऐसा सिस्टम जो पूरी तरह उनके खुद के हार्डवेयर पर चलता है और पूरी तरह प्राइवेट रहता है।
विटालिक बुटेरिन का नया AI सिस्टम पूरी तरह उनके खुद के हार्डवेयर पर चलता है, जिसमें हाई-एंड GPU और ओपन AI मॉडल का इस्तेमाल किया गया है।
हाई-एंड हार्डवेयर और लोकल AI मॉडल
बुटेरिन का यह पूरा सिस्टम हाई-एंड NVIDIA 5090 GPUs पर आधारित है। इसमें उन्होंने ओपन-वेट मॉडल जैसे Qwen3.5 का इस्तेमाल किया है, जिसमें 35 बिलियन पैरामीटर हैं। इस सेटअप की परफॉर्मेंस लगभग 90 टोकन पर सेकेंड बताई गई है, जो इसे तेज और रोजमर्रा के कामों के लिए काफी उपयोगी बनाती है।
पूरी तरह सुरक्षित और प्राइवेट सिस्टम
यह AI सेटअप NixOS पर चलता है, जिसे सुरक्षा और स्थिरता के लिए जाना जाता है। इसमें बबलरैप सैंडबॉक्सिंग का इस्तेमाल किया गया है, जिससे हर प्रोसेस को अलग-अलग रखा जाता है। इसके साथ लोकल डेमॉन सिस्टम भी है, जो AI को सीमित और कंट्रोल्ड एक्सेस देता है। इसके अलावा, सिस्टम में सख्त इनपुट सैनीटाइजेशन लागू किया गया है, जिससे किसी भी तरह के डेटा लीक या अनधिकृत गतिविधि की संभावना काफी कम हो जाती है।
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बुटेरिन का उद्देश्य क्या है?
बुटेरिन ने X पर बताया कि उनका लक्ष्य एक ऐसा सिस्टम बनाना है, जो पूरी तरह लोकल हो और किसी भी बाहरी सर्वर पर निर्भर न रहे। उनका मानना है कि AI और डिजिटल टूल्स पर यूजर का पूरा कंट्रोल होना चाहिए, भले ही इसके लिए उन्हें ज्यादा जटिल सेटअप क्यों न अपनाना पड़े।
ZK-APIs और हाइब्रिड सुरक्षा मॉडल
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ परिस्थितियों में zero-knowledge proofs जैसे हाइब्रिड मॉडल इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इससे जरूरत पड़ने पर सुरक्षित तरीके से रिमोट रिसोर्स का उपयोग संभव होता है, बिना प्राइवेसी को नुकसान पहुंचाए।
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मौजूदा चुनौतियां और सीमाएं
यह सिस्टम काफी एडवांस है, बुटेरिन ने माना कि लोकल AI अभी भी cloud-based सिस्टम जितना आसान और स्मूद नहीं है। खासकर ट्रांसलेशन और डॉक्यूमेंट सर्च जैसे टास्क में यह थोड़ा पीछे है। इसके अलावा, हाई पावर कंजम्पशन और महंगे हार्डवेयर की जरूरत इसे आम यूजर्स के लिए मुश्किल बनाती है।
