OTT कंटेंट की चोरी अब पड़ेगा भारी, सरकार ने Telegram को दिया नोटिस

OTT कंटेंट की चोरी अब पड़ेगा भारी, सरकार ने Telegram को दिया नोटिस

7 mins read
129 views
March 12, 2026

Telegram piracy: अब Online Piracy को सरकार हुई सख्त। केंद्र सरकार ने डिजिट प्राइवेसी को लेकर कड़ा रूख अपनाया है। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने चर्चित मैसेंजिंग प्लेटफार्म Telegram को नोटिस जारी किया है। उन्होंने यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत की है। इसके अलावे सरकारने यह भी निर्देश दिए हैं कि उनके प्लेटफार्म पर उपलब्ध सभी अवैध कंटेंट को जल्द से जल्द हटा लें। तो आइए जानते हैं क्या है इसके पीछ की पूरी कहानी और क्यों सरकार को करनी पड़ी कार्रवाई।

OTT फिल्मों और वेब सीरीज की पायरेसी रोकने के लिए सरकार ने उठाया बड़ा कदम…Telegram को जारी किया नोटिस…जानिए पूरा मामला।

OTT कंपनियों की शिकायत

दरअसल, यह कार्रवाई सरकार ने कई OTT कंपनियों की शिकायत के बाद की है। इन कंपनियों की ओर से बार-बार यह शिकायतें की जा रही थी कि उनकी फिल्में और वेब सीरीज गैरकानूनी तरीके से शेयर हो रही हैं। जिससे कंपनी को काफी नुकसान हो रहा है। शिकायत करने वालों में Jio Cinema और Amazon Prime Video जैसे बड़े प्लेटफॉर्म शामिल हैं।

जांच में सामने आए हजारों चैनल

वहीं, जब इस बाबत सरकार की ओर से कमेटी बनाकर जांच की गई तो इसमें कई चौंकाने वाली बातें निकलकर सामने आईं। टेलीग्राम पर हजारों संदिग्ध चैनल सक्रिय पाए गए। जांच के क्रम में करीब 3,142 चैनलों की पहचान की गई। इन चैनलों पर फिल्मों और वेब सीरीज की पायरेटेड कॉपी शेयर हो रही थी। इनमें कई डिजिटल स्ट्रमिंग भी शामिल हैं।

READ MORE–  WhatsApp लाया प्री-टीन यूजर्स के लिए जबरदस्त फीचर…जानें इसकी खूबियां

फौरन कार्रवाई करने के निर्देश

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टेलीग्राम को तुरंत कार्रवाई करने को कहा है। सरकार चाहती है कि इन सभी चैनलों को हटाया जाए। साथ ही अवैध कंटेंट को भी प्लेटफॉर्म से साफ किया जाए। अगर प्लेटफार्म ऐसा नहीं करती है तो उनपर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।

READ MOREअमेरिका में पेट्रोल के दाम 21% उछले, भारत पर कितना पड़ा असर?

OTT कंपनियों को भारी नुकसान

OTT कंपनियों का कहना है कि पायरेसी से उन्हें बहुत नुकसान झेलना पड़ता है। उनकी शिकायत यह है इन प्लेटफॉर्म पर तो कई फिल्में या वेब सीरीज रिलीज होने के कुछ देर बात सर्कुलेट होने लगती है। जिससे, सब्सक्रिप्शन आधारित प्लेटफॉर्म का बिजनेस काफी प्रभावित होता है। कई कंपनियां नई फिल्में या वेब सीरीज बनाने से कतराने लगती है। इससे न सिर्फ कंपनी को नुकसान उठाना पड़ता है बल्कि उन कालाकारों को भी परेशानी उठानी पड़ती जो इनके जरिए अपना जीवीकोपार्जन का कार्य करते हैं।

तजी पायरेसी का बढना मनोरंजन जगत के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। ऐसे में सरकार की ओर से उठाया गया कदम इनसे जुडे कंपनियों के लिए राहत की खबर हो सकती है।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

FBI का ताला टूटा, एप्सटीन की काली फाइलें हैकर के हाथ लगीं!
Previous Story

FBI का ताला टूटा, एप्सटीन की काली फाइलें हैकर के हाथ लगीं!

LPG-संकट-के-बीच-बढ़ी-इंडक्शन-की-डिमांड-Amazon-से-Blinkit-तक-स्टॉक-खाली
Next Story

LPG संकट के बीच बढ़ी इंडक्शन की डिमांड, Amazon से Blinkit तक स्टॉक खाली!

Latest from Cybersecurity

microsoft confirms windows shell exploitation cve 2026 32202

माइक्रोसॉफ्ट ने माना, हैकर्स कर रहे हैं आपके सिस्टम में सेंधमारी!

Windows Shell Vulnerability: माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी हालिया एडवाइजरी में बड़ा बदलाव करते हुए माना है कि CVE-2026-32202 नामक सुरक्षा खामी का एक्टिव एक्सप्लॉइटेशन हो
QuoIntelligence ने 7.3 मिलियन यूरो की फंडिंग जुटाई

बढ़ते साइबर खतरे, AI स्टार्टअप QuoIntelligence बना निवेशकों की पहली पसंद

QuoIntelligence Funding: डिजिटल दुनियां में साइबर खतरे लगातार बढ़ रहे हैं। कंपनियां अब पहले से ज्यादा सतर्क हो गई हैं। डिजिटल सिस्टम पर निर्भरता

Don't Miss