Free AI दौर खत्म, भारत में अब असली कमाई की चुनौती शुरू

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February 25, 2026

Google Gemini India: भारत में जनरेटिव AI का बाजार अब एक अहम दौर में पहुंच गया है। पिछले कई महीनों से वैश्विक टेक कंपनियां मुफ्त ट्रायल, भारी छूट और सस्ते प्लान देकर तेजी से यूजर जोड़ रही थीं। अब ये कंपनियां धीरे-धीरे इन ऑफर्स को कम कर रही हैं, ताकि यह समझा जा सके कि कितने लोग वास्तव में पैसे देकर सेवाएं लेना चाहते हैं। यूजर संख्या में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है, लेकिन कमाई अभी भी उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी है।

भारत में जनरेटिव AI ऐप्स की डाउनलोड संख्या तेजी से बढ़ रही है और देश 2025 में दुनिया में टॉप स्थान पर पहुंच सकता है, लेकिन कंपनियों के सामने चुनौती है कि इतने बड़े यूजर बेस से कमाई कैसे बढ़ाई जाए।

डाउनलोड में भारत सबसे आगे

रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारत जनरेटिव AI ऐप डाउनलोड के मामले में दुनिया में पहले स्थान पर पहुंच सकता है। ऐप इंस्टॉल में सालाना 207% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे भारत अमेरिका से आगे निकल गया। OpenAI, Google और Perplexity AI जैसी कंपनियों ने लंबी प्रीमियम योजनाएं और कम कीमत वाले पैकेज पेश किए।

मुफ्त ऑफर और नए टूल्स का असर

भारत में तेज वृद्धि का बड़ा कारण प्रमोशन और नए फीचर्स रहे। DeepSeek और Grok जैसे नए प्लेटफॉर्म बाजार में आए, जबकि ChatGPT, Gemini, Claude और Perplexity जैसे पुराने टूल्स को लगातार बेहतर बनाया गया। सोशल मीडिया पर वायरल AI जनित कंटेंट ने भी लोगों को इन ऐप्स की ओर आकर्षित किया।

अनुमान है कि 2025 में दुनिया भर के लोकप्रिय AI असिस्टेंट ऐप्स के कुल यूजर बेस में भारत की हिस्सेदारी लगभग 19% होगी, जबकि अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 10% रहेगी। ChatGPT अभी भी डाउनलोड और मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं के मामले में सबसे आगे है। कंपनी के मुताबिक भारत में इसके साप्ताहिक सक्रिय उपयोगकर्ता 10 करोड़ से ज्यादा हैं।

डाउनलोड ज्यादा, कमाई कम

हालांकि, डाउनलोड तेजी से बढ़े हैं, लेकिन कमाई का आंकड़ा अलग तस्वीर दिखाता है। भारत दुनिया के करीब 20% डाउनलोड देता है, लेकिन GenAI इन-ऐप खरीद से सिर्फ लगभग 1% राजस्व आता है। 2025 में AI ऐप्स की इन-ऐप आय 22% घटी और दिसंबर में 18% की और गिरावट दर्ज की गई।

ChatGPT का सस्ता ChatGPT Go प्लान आने के बाद कंपनी की आय में 30% से ज्यादा कमी देखी गई। यानी यूजर बढ़े, लेकिन अल्पकालिक कमाई प्रभावित हुई। भारत में GenAI इन-ऐप राजस्व का 60% से अधिक हिस्सा ChatGPT के पास है। इससे साफ है कि कीमत तय करने में OpenAI की भूमिका पूरे बाजार को प्रभावित करती है।

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मुफ्त ऑफर खत्म, असली परीक्षा शुरू

अब मुफ्त सुविधाएं कम की जा रही हैं। Perplexity ने Airtel के साथ अपना मुफ्त Pro बंडल बंद कर दिया है और OpenAI ने भारत में ChatGPT Go का मुफ्त एक्सेस भी रोक दिया है। अब कंपनियां यह परखना चाहती हैं कि बड़ा यूजर बेस कितना भुगतान करने को तैयार है।

भारत में 1 अरब से ज्यादा इंटरनेट उपयोगकर्ता और लगभग 70 करोड़ स्मार्टफोन यूजर्स हैं। यह AI कंपनियों के लिए बड़ा अवसर है। हालांकि, विकसित बाजारों में अभी भी प्रति सप्ताह उपयोग समय लगभग 21% ज्यादा और सेशन संख्या 17% अधिक है।

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विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे AI कामकाज का हिस्सा बनेगा, कमाई धीरे-धीरे बढ़ सकती है। लेकिन भारत के युवा और कीमत को लेकर सजग उपभोक्ता कम दाम, टेलीकॉम बंडल और माइक्रो-पेमेंट मॉडल को ज्यादा पसंद करते हैं। 2026 तक भारत में ChatGPT लगभग 18 करोड़ मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं के साथ अग्रणी रहने का अनुमान है। इसके बाद Google Gemini, Perplexity और Meta AI का स्थान होगा।

Rahul Ray

मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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