XRP Centralization: क्रिप्टो इंडस्ट्री में एक बार फिर चर्चा गर्म हो गई है। इस बार विवाद का मुद्दा है XRP Ledger का विकेंद्रीकरण। यह बहस तब शुरू हुई जब Justin Bons ने XRP, Stellar और Algorand जैसे ब्लॉकचेन की आलोचना की। उनका कहना था कि ये नेटवर्क ‘परमिशन्ड’ वेलिडेटर पर निर्भर हैं, जो क्रिप्टो के असली सिद्धांतों के खिलाफ है।
XRP Ledger की विकेंद्रीकरण क्षमता पर बहस फिर से तेज हो गई है। डेविड श्वार्ट्ज और जस्टिन बॉन्स के बीच विवाद ने क्रिप्टो समुदाय में चर्चा को नया मोड़ दिया है।
विवाद का मुख्य कारण
XRPL में विवाद का केंद्र Unique Node List है। UNL XRPL की कंसेंसस प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। Bons का कहना है कि Ripple और XRPL Foundation जो वेलिडेटर लिस्ट प्रकाशित करते हैं, उसे अधिकांश लोग फॉलो करते हैं। इसका मतलब यह है कि नेटवर्क प्रभावी रूप से केंद्रीकृत है।
Bons ने कहा कि इस सूची से कोई भिन्नता होने पर नेटवर्क फॉर्क हो जाएगा। उनका मानना है कि Ripple के पास इस प्रक्रिया के जरिए पूर्ण नियंत्रण है और इसलिए XRPL को PoA कहा जा सकता है न कि पूरी तरह परमिशनलेस जैसे Bitcoin या Ethereum।
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विकेंद्रीकरण और सुरक्षा
इस पर David Schwartz ने कहा कि UNL कोई कंट्रोल टूल नहीं बल्कि नेटवर्क को सुरक्षित रखने का तरीका है। इसका उद्देश्य Sybil अटैक जैसी समस्याओं से बचाना है। Schwartz ने बताया कि XRPL का विकेंद्रीकरण जानबूझकर बनाया गया था, ताकि कोई भी पार्टी नेटवर्क पर पूरी तरह नियंत्रण न रख सके। उन्होंने कहा कि अगर Ripple के पास अकाउंट फ्रीज या ट्रांजैक्शन रिवर्स करने की शक्ति होती, तो अमेरिकी अदालत उन्हें मजबूर कर सकती थी। इस शक्ति को सिस्टम से हटा दिया गया, जिससे नेटवर्क सरकारी हस्तक्षेप से सुरक्षित रहे।
12 साल की स्थिरता और तुलना
Schwartz ने यह भी कहा कि XRPL पिछले 12 सालों में बिना किसी फेल्योर या डबल स्पेंड के काम कर रहा है। उन्होंने Bitcoin और Ethereum की तुलना करते हुए कहा कि इन नेटवर्क में रोलबैक और सेंसरशिप की घटनाएं हुई हैं। XRPL में बदलाव लागू करने के लिए 80% नोड्स की सहमति जरूरी होती है। अगर Ripple दुर्भावनापूर्ण बदलाव भी करे, तो नोड्स उसे अनदेखा कर देंगे।
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विकेंद्रीकरण
Bons जैसे प्यूरीस्ट्स के लिए विकेंद्रीकरण पूरी तरह परमिशनलेस होना चाहिए। Schwartz और प्रग्मैटिस्ट इसे एक स्पेक्ट्रम मानते हैं, जिसमें किसी भी पार्टी का नियम बदलने का एकतरफा अधिकार नहीं होता।
