Nvidia H200 AI Chip: अमेरिका और चीन के बीच तकनीक की दौड़ लगातार तेज होती जा रही है। अब AI चिप्स को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। अमेरिका ने साफ किया है कि Nvidia की शक्तिशाली H200 AI चिप अब तक किसी भी चीनी कंपनी को नहीं बेची गई है। यह जानकारी अमेरिकी कांग्रेस ने दी है, जिससे दोनों देशों के बीच तकनीकी व्यापार को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि Nvidia की H200 AI चिप अभी तक चीन को नहीं बेची गई है। निर्यात नियम, सुरक्षा चिंताओं और लाइसेंस प्रक्रिया के कारण तकनीकी व्यापार पर सख्त नियंत्रण जारी है।
H200 चिप की बिक्री पर अभी रोक
हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी में सुनवाई के दौरान कॉमर्स डिपार्टमेंट के अधिकारी डेविड पीटर्स ने बताया कि उनकी जानकारी के अनुसार H200 चिप चीन के किसी अंतिम उपभोक्ता तक नहीं पहुंची है। इससे संकेत मिलता है कि निर्यात नियंत्रण और लाइसेंसिंग नियम अभी भी प्रभावी हैं।
इस चिप पर पहले राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से प्रतिबंध लगाया गया था। जनवरी में एक नई व्यवस्था की पुष्टि जरूर हुई, लेकिन इसमें सख्त शर्तें शामिल हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन्हीं शर्तों की वजह से शिपमेंट मंजूरी की प्रक्रिया धीमी बनी हुई है।
नई व्यवस्था और लाइसेंस प्रक्रिया
नई व्यवस्था के तहत यदि H200 चिप का निर्यात चीन को किया जाता है, तो बिक्री का 25 प्रतिशत हिस्सा अमेरिकी सरकार को मिल सकता है। फिलहाल, लाइसेंसिंग प्रक्रिया जारी है और ढांचा तैयार माना जा रहा है। Nvidia के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने कहा है कि H200 के निर्यात लाइसेंस को लेकर प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि कंपनी दोबारा चीनी बाजार में प्रवेश कर सकेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया है कि चीन में कई मजबूत घरेलू चिप निर्माता मौजूद हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा कड़ी है।
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चीन की बढ़ती तकनीकी तैयारी
इस बीच चीन सेमीकंडक्टर तकनीक में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार स्थानीय स्तर पर AI प्रोसेसर विकसित करने में भारी निवेश कर रही है, ताकि विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम हो सके।
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ध्यान देने वाली बात यह है कि Nvidia की सबसे एडवांस चिप्स अभी भी चीन में बिक्री के लिए प्रतिबंधित हैं। ये अत्याधुनिक चिप्स H200 समझौते का हिस्सा नहीं हैं और इन पर सख्त निर्यात नियंत्रण लागू है।
