DeepMind के CEO का खुलासा, आज की AI अभी भी अधूरी और ‘जैग्ड’

DeepMind के CEO का खुलासा, आज की AI अभी भी अधूरी और ‘जैग्ड’

7 mins read
27 views
February 18, 2026

Demis Hassabis AI Insights: India AI Impact Summit 2026 में दुनिया भर के विशेषज्ञों ने AI के भविष्य पर गहन चर्चा की। इस मंच पर यह समझने की कोशिश की गई कि वर्तमान AI सिस्टम को मानव जैसी समझ और क्षमता वाले जनरल इंटेलिजेंस स्तर तक कैसे पहुंचाया जा सकता है। एक्सपर्ट का मानना है कि आज की AI बहुत शक्तिशाली है, लेकिन अभी भी उसमें कई महत्वपूर्ण कमियां मौजूद हैं।

समिट का मुख्य आकर्षण डेमिस हसाबिस का संबोधन रहा, जो DeepMind Technologies के CEO हैं। उन्होंने बेहद सरल शब्दों में बताया कि मौजूदा AI सिस्टम किन कारणों से मानव जैसी बुद्धिमत्ता हासिल नहीं कर पा रहे हैं।

 

India AI Impact Summit 2026 में विशेषज्ञों ने बताया कि आज की AI में क्या कमियां हैं और जनरल इंटेलिजेंस तक पहुंचने के लिए लगातार सीखने, योजना बनाने और स्थिर प्रदर्शन क्यों जरूरी है।

आज की AI में सबसे बड़ी कमी

डेमिस हैसबिस के अनुसार, आज के अधिकांश AI सिस्टम स्थिर होते हैं। उन्हें ट्रेनिंग देकर उपयोग के लिए जारी कर दिया जाता है, लेकिन उसके बाद वे नई चीजें सीखना बंद कर देते हैं। उन्होंने कहा कि अगर AI को वास्तविक जनरल इंटेलिजेंस बनना है, तो उसमें लगातार सीखते रहने की क्षमता होनी चाहिए।

लगातार सीखने और पर्सनलाइजेशन की जरूरत

उन्होंने यह भी बताया कि AI को अपने वातावरण और अनुभव से सीखते रहना चाहिए। भविष्य की AI को संदर्भ समझने, परिस्थितियों के अनुसार प्रतिक्रिया देने और उपयोगकर्ता की जरूरतों के अनुसार खुद को ढालने में सक्षम होना चाहिए। आज के सिस्टम सीमित डेटा पर निर्भर रहते हैं और बदलती परिस्थितियों में खुद को आसानी से अपडेट नहीं कर पाते। अगर AI लगातार सीखती रहे, तो वह वास्तविक दुनिया की बदलती जरूरतों के अनुसार, अधिक उपयोगी और प्रभावी बन सकती है।

READ MORE: Matt Shumer की चेतावनी, AI बदलाव कोविड से भी बड़ा

लंबी अवधि की योजना बनाने में कठिनाई

हैसबिस ने एक और महत्वपूर्ण चुनौती बताई है। AI की लंबी अवधि की योजना बनाने की क्षमता सीमित है। आज की AI छोटी अवधि के कार्यों की योजना बना सकती है, लेकिन इंसानों की तरह सालों तक चलने वाली जटिल योजनाएं बनाना और उन्हें लागू करना अभी उसके लिए कठिन है। यह कमी रणनीतिक निर्णय, बड़े प्रोजेक्ट प्रबंधन और भविष्य की योजना बनाने जैसे क्षेत्रों में AI की उपयोगिता को सीमित करती है।

Jagged Intelligence यानी असंगत प्रदर्शन

उन्होंने AI की एक बड़ी समस्या को jagged intelligences कहा है। इसका अर्थ है कि AI कुछ कामों में बेहद उत्कृष्ट होती है, लेकिन कुछ स्थितियों में साधारण गलतियां कर देती है।

READ MORE: ChatGPT में विज्ञापन को लेकर Google DeepMind के CEO की आपत्ति

भविष्य की दिशा क्या है?

समिट में हुई चर्चाओं से यह स्पष्ट हुआ कि सच्ची जनरल AI तक पहुंचने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधारों की जरूरत है। AI को लगातार सीखने, अनुभव से खुद को बेहतर बनाने, लंबी अवधि की योजना बनाने और स्थिर व भरोसेमंद प्रदर्शन करने की क्षमता विकसित करनी होगी।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

अडानी की AI में एंट्री, 100 अरब डॉलर का ब्लूप्रिंट तैयार
Previous Story

अडानी की AI में एंट्री, 100 अरब डॉलर का ब्लूप्रिंट तैयार

अमेरिका में Bridge को मिली नेशनल ट्रस्ट बैंक की मंजूरी
Next Story

अमेरिका में Bridge को मिली नेशनल ट्रस्ट बैंक की मंजूरी

Latest from Artificial Intelligence

Don't Miss