Ad Blocker पर YouTube का एक्शन

Ad Blocker पर YouTube का एक्शन, यूज़र्स परेशान!

6 mins read
360 views
February 16, 2026

YouTube ad blocker: Online Video  देखने वालों के लिए बड़ा झटका सामने लगनेवाली है। लोकप्रिय वीडियो प्लेटफॉर्म YouTube पर कुछ यूज़र्स को अचानक कई फीचर्स सीमित दिखाई दे रहे हैं। इसे समस्या तकनीकी गड़बड़ी कम और प्लेटफॉर्म की नई सख्ती ज्यादा लग रही है। तो आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

YouTube पर नए बदलाव के बाद ad blocker यूज़र्स को कई सारे दिक्कतें आ रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ फीचर्स सही से काम नहीं कर रहे। जानिए इसके पीछे की वजह।

कमेंट सेक्शन गायब होने की शिकायत

यूजर्स ने बताया है कि पिछले कई दिनों से बताया कि कई वीडियो में कमेंट सेक्शन ही गायब दिख रहा है और Comments are turned off का संदेश दिखाई दे रहा है। PiunikaWeb ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह समस्या कई वीडियो में देखने को मिल रही है। इस बात से तो एक बात साफ है कि कंपनी कुछ न कुछ अंदरखाने करने जा रही है।

समस्या सिर्फ कमेंट तक सीमित नहीं

ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ कमेंट तक सीमित है। कुछ लोगों ने बताया कि वीडियो का डिस्क्रिप्शन भी नहीं खुल रहा है। ऐसी शिकायतें चर्चित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी सामने आई हैं। जिससे साफ है कि यह समस्या अलग-अलग जगहों पर कई यूज़र्स को प्रभावित कर रही है।

READ MORE-  Purple Fabric हुआ लॉन्च, अब एंटरप्राइज AI होगा आसान और भरोसेमंद

Ad Blocker बन सकता है मुख्य कारण

इन मामलों को समझने, ध्यान से देखने पर एक समान कारण सामने आता है कि यह ad blocker का इस्तेमाल का असर है। यहां तक कि ऐसे ब्राउज़र यूज़ करने वाले लोग भी प्रभावित बताए जा रहे हैं। जिनमें पहले से ad और tracker ब्लॉक करने की सुविधा होती है। वहीं, जैसे Brave। वहीं, ad blocker इस्तेमाल करने वाले YouTube Premium यूज़र्स को भी सीमित फीचर्स का सामना करना पड़ रहा है।

READ MORE- Global AI Summit 2026: 600 स्टार्टअप और ग्लोबल टेक दिग्गज दिल्ली में जुटे

पहले उठा चुका है सख्त कदम

दरअसल, यह कदम YouTube की उस बड़ी योजना का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत कंपनी विज्ञापन छोड़कर कंटेंट देखने के तरीकों पर लगातार रोक लगा रही है। पिछले कुछ समय में यूज़र्स को ad blocker बंद करने की चेतावनी देना, कुछ ब्राउज़रों पर वीडियो प्लेबैक सीमित करना और बैकग्राउंड प्लेबैक से जुड़े अनौपचारिक तरीकों को रोकना। ऐसे कई कदम पहले भी उठाए जा चुके हैं।

नहीं दिख रहा कोई समाधान

जिन यूज़र्स के लिए ये पाबंदियां लागू हो रही हैं, उनके पास कोई आसान समाधान नहीं दिख रहा। ऐसे में यह साफ संकेत है कि आने वाले समय में YouTube अपने प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन व्यवस्था को और सख्ती से लागू कर सकता है।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

TCS और AMD भारत में लेकर आए Helios AI प्लेटफॉर्म
Previous Story

TCS और AMD भारत में लेकर आए Helios AI प्लेटफॉर्म

Anthropic ने बेंगलुरु में खोला नया ऑफिस
Next Story

Anthropic ने बेंगलुरु में खोला नया ऑफिस, भारत में बढ़ाई AI गतिविधियां

Latest from Tech News

Telegram के CEO पर रूस का शिकंजा, आतंक केस में बढ़ा खतरा

Telegram के CEO पर रूस का शिकंजा, आतंक केस में बढ़ा खतर

Pavel Durov पर रूस का बड़ा एक्शन, FSB ने Telegram पर अवैध कंटेंट नहीं हटाने का आरोप लगाया। Telegram Ban Russia: रूस की Federal Security Service (FSB) ने Telegram के संस्थापक Pavel Durov पर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद करने का आरोप लगाया है। एजेंसी का कहना है कि Telegram ने ऐसे कंटेंट को हटाने में नाकामी दिखाई, जिसका इस्तेमाल रूस में कथित तौर पर तोड़फोड़, आतंकवादी गतिविधियों और साइबर धोखाधड़ी के लिए किया गया। FSB ने Durov के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिरफ्तारी वारंट जारी होने की भी जानकारी दी है। अभी Telegram और Pavel Durov की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।  FSB ने Telegram पर क्या आरोप लगाए?  रूस की सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, Telegram पर मौजूद कुछ कंटेंट का इस्तेमाल कथित तौर पर यूक्रेनी विशेष सेवाओं और आतंकवादी व चरमपंथी संगठनों ने किया। FSB का आरोप है कि इनका इस्तेमाल तोड़फोड़, आतंकवादी घटनाओं, सामूहिक हत्याओं और साइबर फ्रॉड जैसी गतिविधियों के लिए किया गया। रूस का कहना है कि Telegram को ऐसे कंटेंट को हटाने के लिए कदम उठाने चाहिए थे। FSB ने इसी कथित नाकामी को Durov के खिलाफ कार्रवाई की वजह बताया है।  Telegram की शुरुआत 2013 में Pavel Durov ने की थी। आज यह दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म में शामिल है और इसके एक अरब से ज्यादा यूजर्स हैं। एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन की वजह से इसका इस्तेमाल आम लोगों के साथ पत्रकारों और अधिकारियों ने भी किया है।  READ MORE: क्या आपका Telegram भी
Anthropic MCP अपडेट: AI टूल कनेक्शन अब होगा आसान

Anthropic MCP अपडेट: AI टूल कनेक्शन अब होगा आसान

Anthropic ने MCP 2026-07-28 का नया अपडेट जारी किया, जानें Stateless Model, बेहतर Authorization और AI Tools कनेक्शन में हुए बड़े बदलाव।  AI Agents: क्या AI ऐप्स को बाहरी टूल और डेटा से जोड़ना अब पहले से आसान होगा? Anthropic ने अपने Model Context Protocol (MCP) के नए 2026-07-28 Specification के साथ इसका रास्ता साफ करने की कोशिश की है। कंपनी ने MCP के पांचवें Specification Release में ऐसे बदलाव किए हैं, जिनसे AI टूल कनेक्शन को Deploy करना और बड़े स्तर पर चलाना आसान हो सकता है।  MCP एक Open Standard है। यह AI Applications को बाहरी Tools, Business Software और Data Sources से जोड़ता है। Anthropic के मुताबिक, MCP से जुड़े Software Development Kit यानी SDK के डाउनलोड अब हर महीने 400 मिलियन से ज्यादा हो चुके हैं। वहीं Claude की कनेक्शन डायरेक्टरी में 950 से ज्यादा MCP Servers Listed हैं।  MCP अब Stateless
Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

क्या EMI नहीं भरने पर iPhone के ऐप्स बंद हो जाएंगे? Apple ने Restricted Mode की खबरों को खारिज किया  Apple Upgrade: क्या iPhone की EMI नहीं भरने पर आपका फोन लॉक हो जाएगा? इस सवाल पर Apple ने अब बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। कंपनी ने साफ कहा है कि Apple Upgrade Program के तहत भुगतान चूकने पर डिवाइस के फीचर्स को सीमित करने वाला कोई Restricted Mode नहीं होगा।   Apple के इस बयान से उन अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि EMI नहीं भरने पर iPhone, iPad, Mac या Apple Watch का इस्तेमाल सीमित किया जा सकता है। कंपनी के मुताबिक, ऐसे मामलों को मौजूदा फाइनेंसिंग और लीज खत्म करने की नीतियों के तहत संभाला जाएगा।  Apple Upgrade Program में Restricted Mode की चर्चा क्यों हुई?  हाल ही में iOS 27 बीटा में एक फीचर को लेकर रिपोर्ट सामने आई थी। इसमें App Managed Feature देखा गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह फीचर फाइनेंसिंग पार्टनर्स को डिवाइस की स्थिति की समय-समय पर जांच करने की सुविधा दे सकता है। इसके बाद ऐसी अटकलें तेज हो गईं कि Apple भुगतान नहीं करने वाले ग्राहकों के डिवाइस पर Restricted Mode लागू कर सकता है। इस मोड में कथित तौर पर सिर्फ Phone, Settings, Clock, Wallet और App

Don't Miss