Nokia Patent Case: Nokia ने पेटेंट विवाद में बड़ी कानूनी जीत हासिल करते हुए Acer और ASUS को बड़ी मुश्किल में डाल दिया है। कोर्ट ने लैपटॉप और डेस्कटॉप PC की बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी है। इससे जहां Acer और ASUS के खेमें मायूसी है वहीं Nokia के लिए बड़ी जीत बताई जा रही है।
HEVC पेटेंट केस में Nokia की बड़ी कानूनी जीत हुई है… Acer-ASUS पर अस्थाई रूप से बिक्री बैन लगा दिया गया है। जानिए इस बैन के पीछे की कहानी विस्तार से।
कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा
दरअसल, यह ताजा मामला जर्मनी का है जहां नोकिया और Acer -ASUS पेटेंट केस में Munich I Regional Court ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दोनों कंपनियों के Laptop और Desktop PC की बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी है। HEVC वीडियो कोडेक से जुड़े इस विवाद ने दिखा दिया है कि पेटेंट की लड़ाई किस तरह वैश्विक टेक कंपनियों के कारोबार को सीधे प्रभावित कर सकती है। अदालत ने माना कि दोनों कंपनियां लाइसेंस शर्तों को लेकर willing licensee के रूप में पर्याप्त सहयोग नहीं कर रही थीं।
विवाद की जड़ क्या है
यह मामला HEVC ,H.265 वीडियो कोडेक से जुड़े स्टैंडर्ड एसेंशियल पेटेंट, SEP के उपयोग को लेकर था। Nokia के पास वीडियो कोडिंग तकनीकों के कई अहम पेटेंट हैं। जिन्हें हार्डवेयर और स्ट्रीमिंग कंपनियां लाइसेंस लेकर इस्तेमाल करती हैं। आम तौर पर ये लाइसेंस FRAND यानी Fair, Reasonable and Non-Discriminatory शर्तों के तहत दिए जाते हैं। जिससे की तकनीक का उपयोग निष्पक्ष तरीके से हो सके।
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क्यों बढ़ता चला गया मामला?
अदालत के अनुसार Acer और ASUS लाइसेंस शर्तों पर बातचीत या सहमति के लिए पर्याप्त तत्परता नहीं दिखा सके। इसी आधार पर कोर्ट ने Nokia के पक्ष में आदेश जारी करते हुए दोनों कंपनियों को जर्मनी में संबंधित उत्पादों का आयात, मार्केटिंग और बिक्री करने से रोक दिया।
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बिक्री पर रोक, पर कारोबार प्रभाव कम
इस फैसले का असर मुख्य रूप से उन लैपटॉप और डेस्कटॉप पीसी पर पड़ेगा। जिनमें Nokia के पेटेंट से जुड़ी वीडियो तकनीक का उपयोग होता है। हालांकि, मॉनिटर और अन्य ऐसे प्रोडक्ट जिनमें ये कोडेक शामिल नहीं हैं। उनकी बिक्री जारी रह सकती है। कंपनी का कारोबार पर रोक ठप नहीं होगा। लेकिन पीसी सेगमेंट को बड़ा झटका लगा है। इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता।
समझौते की संभावना अभी भी बाकी
Nokia के कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स पेटेंट लाइसेंसिंग प्रोग्राम से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि कंपनी की प्राथमिकता हमेशा आपसी सहमति से समझौता करने की रहती है और अधिकतर लाइसेंस इसी तरह हुए हैं। बता दें कि कंपनी ने हाल ही में Samsung के साथ वीडियो तकनीक से जुड़े लाइसेंस पर समझौता किया था।
कुल मिलाकर अगर Acer और ASUS Nokia के साथ लाइसेंस समझौते पर पहुंच जाते हैं, तो यह प्रतिबंध हट सकता है। फिलहाल,स्टैंडर्ड एसेंशियल पेटेंट से जुड़े मामलों में अदालतें सख्त रुख अपना रही हैं।
